Matthew 12

Matthew 12:1

'ईसा अपने शागिर्दों को फ़रीसियों के इल्ज़ाम से बचाता है क्योंकि उन्होंने भूख मिटाने के लिए सब्त के दिन गेहूँ की बालें तोड़कर खाई थी।

खेतों

गेहूँ उगने का जगह। अगर गेहूँ बेगाना है और"अनाज"इन्तेहाई आम लफ़्ज़ है तो"रोटी के लिए काम में आनेवाले अनाज का खेत"काम में लें।

वे बालें तोड़कर खाने लगे....तेरे शागिर्द वह काम कर रहे हैं जो सब्त के दिन करना मुनासिब नहीं।

किसी के खेत से गेहूँ तोड़कर खाना चोरी नहीं माना जाता था(देखें यू.डी.बी.)सवाल तो यह था कि यह तरीक़ा सब काम सब्त के दिन एक तरीक़ा सब काम है।

उन्हें

गेहूँ की बालें

गेहूँ की बालें

यह गेहूँ के पौधे का ऊपरी हिस्सा है इसमें उस पौधे के बीज होते हैं,गेहूँ का पौधा बड़ी घास के जैसा होता है।

देख

इख़्तियारी तर्जुमा"देखो"या"सुनो"या"जो मैं कहने जा रहा हूँ उस पर तवज़्ज़ह दो"।

Matthew 12:3

'ईसा अपने शागिर्दों को बचा रहा है जब फ़रीसी उन पर इल्ज़ाम लगा रहे थे कि वे सब्त के दिन गेहूँ कि बालें तोड़कर खा रहे थे।

उनसे...तुम

फ़रीसियों से

क्या तुमने यह कभी नहीं पढ़ा

'ईसा फ़रीसियों को हलीमी से झिड़क रहा है कि उन्होंने पढ़ कर भी नहीं सीखा। इख़्तियारी तर्जुमा"तुमने जो पढ़ा है उससे सीखना तो ज़रुरी है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion)

वह...उसके

दाऊद

हदिया की रोटी

जो रोटी ख़ुदा को पेश कि जाती थी और मेज़ पर रखी रहती थी(यू.डी.बी)

उसके साथी

"जो मर्द दाऊद के साथ थे"।

सिर्फ़ कहिनों को सही था।

"सिर्फ़ काहिन ही उन्हें खा सकते थे।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion)

Matthew 12:5

'ईसा अपने शागिर्दों को बचा रहा है जब फ़रीसी उन पर इल्ज़ाम लगा रहे थे कि वे सब्त के दिन गेहूँ कि बालें तोड़कर खा रहे थे।

तुम...तुम

फ़रीसियों से

क्या तुमने शरी'अत में नहीं पढ़ा?

"तुमने शरी'अत पढ़ी है इसलिए तुम जानते हो कि वहाँ लिखा है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion))

रिवायत को तोड़ने पर

"सब्त के दिन रोज़ाना काम करना"

बेगुनाह ठहरते हैं

"ख़ुदा उन्हें सज़ा नहीं देगा"

वह है जो हैकल से भी बड़ा है।

"वह जो हैकल से भी ज़्यादा ख़ास है" 'ईसा अपने आप को हैकल से भी बड़ा बता रहा है।

Matthew 12:7

'ईसा अपने शागिर्दों को बचा रहा है जब फ़रीसी उन पर इल्ज़ाम लगा रहे थे कि वे सब्त के दिन गेहूँ कि बालें तोड़कर खा रहे थे।

अगर तुम इसका मतलब जानते,

"तुम नहीं जानते"

तुम...तुम

फ़रीसियों से

मैं रहम से ख़ुश होता हूँ क़ुर्बानी से नहीं।

क़ुर्बानी अच्छी है पर रहम ज़्यादा अच्छा है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole)

इसका मतलब क्या है?

"ख़ुदा ने कलाम ए मुक़द्दस में क्या कहा है"?

मैं....ख़ुश होता हूँ।

"मैं"ख़ुदा के बारे में कहता है।

Matthew 12:9

'ईसा की फ़रीसियों के बारे में रद्दे'अमल क्योंकि वे सब्त के दिन 'ईसा के ज़रिए' शिफ़ा के काम की तनक़ीद कर रहे थे।

वहाँ से चलकर वह

"'ईसा खेतों से निकलकर"

उनके

उन फ़रीसियों के ईबादत खाने में जिनसे वह बातें कर रहा था।

देखो

यह लफ़्ज़"देखो"कहानी में नए मोड़ की हमें ख़बर देता है। आपकी ज़बान में इसका जिक्र होगा।

हाथ सुखा हुआ था

"मुरझाया हुआ"या"मुड़ा हुआ"

Matthew 12:11

'ईसा की फ़रीसियों के बारे में रद्दे 'अमल काम क्योंकि वे सब्त के दिन 'ईसा के ज़रिए' शिफ़ा के काम की तनक़ीद कर रहे थे।

तुम में ऐसा कौन है...वह उसे पकड़ कर न निकाले।

"तुम्हारे बीच ऐसा कोई है जो सब्त के दिन गड्ढे में गिरी अपनी भेड़ को पकड़ कर बाहर न निकाले"?इख़्तियारी तर्जुमा"तुममें से हर एक...उसे पकड़कर बाहर निकाले"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion)

उनसे...तुम

फ़रीसियों से

जिसकी

"अगर उसके पास....हो"

बाहर न निकले?

उसे पकड़ कर न निकाले?

सब्त के दिन भलाई करना सही है।

"जो भलाई करते है वे सब्त की नाफ़रमानी नहीं करते"या"जो भलाई करते हैं वे सब्त का'अमल ही करते हैं"।

Matthew 12:13

'ईसा की फ़रीसियों के बारे में रद्दे 'अमल क्योंकि वे सब्त के दिन 'ईसा के ज़रिए' शिफ़ा के काम की तनक़ीद कर रहे थे।

उस इन्सान से

वह इन्सान जिसका हाथ सूखा हुआ था।

अपना हाथ बढ़ा।

"अपना हाथ उठा"या"अपना हाथ आगे कर"

उसने

उस इन्सान से

वह

उसका हाथ

अच्छा हो गया

"पूरा शिफ़ा हो गया"या"फ़िर से सेहत मन्द होगा"

दौलत की

"उसे हलाक करने का मनसूबा बनाया”

उसे किस तरह

"रास्ता खोजने लगे"

उसे....हलाक करें

"'ईसा को हलाक करें"

Matthew 12:15

इस सब हाल में दिखाया गया है कि 'ईसा के कामों से यशायाह की नबुव्वत कैसे पूरी हुई है।

यह

"कि फ़रीसी इसे हलाक करने का मनसूबा बना रहे हैं।"

निकल गया

"रवाना किया"

ज़ाहिर न करना।

"उसके बारे में किसी से न कहना"।

ताकि जो कलाम यशायाह नबी के ज़रिए कहा गया था वह पूरा हो।

"यशायाह के लिखे हुए कलामो के ज़रिए'ख़ुदा ने जो कहा था"।

Matthew 12:18

इस सब हाल में भी वही दिखाया गया है कि 'ईसा के कामों से नबी यशायाह की एक नबुव्वत कैसे पूरी होती है। यशायाह ने ख़ुदा के लफ़्ज़ो को ही लिखा था।

Matthew 12:19

इस सब हाल में भी वही दिखाया गया है कि 'ईसा के कामों से नबी यशायाह की एक नबुव्वत कैसे पूरी होती है। यशायाह ने ख़ुदा के लफ़्ज़ो को ही लिखा था।

वह .... उसके

"ख़ादिम" Rom 12:18.

वह कुचले हुए सरकण्डे को न कुचलेगा।

"वह कमज़ोरों को हक़ीर न जानेगा।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

कुचले हुए

"थोड़ा टूटा या नुक़सान पहुचा"

धुआं देती हुई बत्ती

धुआं देती हुई बत्ती, बुझाने के बा'द जब चिराग़ की बत्ती धुआं देती है। इसका मतलब है जो इन्सान कमज़ोर और बदक़िस्मत हैं (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

जब तक

इसके लिए एक नया जुमला लिखा जा सकता है, "वह ऐसा ही करेगा जब तक"

'अदालत को मजबूत कराए।

"वह इन्सानों को ईमान दिलाता है कि वह मुंसिफ़ है"।

Matthew 12:22

फ़रीसियों के ज़रिए' 'ईसा पर इल्ज़ाम लगाने का सब हाल यहाँ से शुरू' होता है कि वह शैतान की मदद से बदरुह निकालता है।

अंधे

गूंगे को "जो न देख सकता था न बोल सकता था"।

सब लोग हैरान होकर

"लोगों ने देखा कि'ईसा ने उसे शिफ़ा किया तो सब हैरान हो गए।"

Matthew 12:24

फ़रीसियों के ज़रिए' 'ईसा पर इल्ज़ाम लगाने का सब हाल है कि वह शैतान की मदद से बदरुह निकालता है।

इस पर(मो'जिज़ा)

अंधे गूंगे और बदरुह से मुब्तिला इन्सान की शिफ़ा का मो'जिज़ा

बालज़बूल की मदद के बिना बदरुहों को नहीं निकाल सकता।

बालज़बूल की मदद के बिना बदरुहों को नहीं निकाल सकता।यह बालज़बूल का ख़ादिम होने की वजह ही बदरुह निकाल सकता है।

यह

फ़रीसी'ईसा का नाम नहीं लेते थे कि उनके के ज़रिए' 'ईसा का इन्कार ज़ाहिर हो।

उनके....उनसे

उनके....उनसे.... फ़रीसियों

Matthew 12:26

के ज़रिए' 'ईसा पर इल्ज़ाम लगाने का सब हाल है कि वह शैतान की मदद से बदरुह निकालता है।

शैफ़रीसियोंतान ही शैतान को निकाले।

"अगर शैतान अपनी ही बादशाही के ख़िलाफ़ काम करे" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

उसका बादशाही कैसे बना रहेगा?

"शैतान का बादशाही कैसे मुस्तहकम रहेगा"या"शैतान की बादशाही ख़ात्मा हो जायेगा"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion)

निकाले

"बाहर निकलने पर मजबूर करे",या"तर्क करे",या"निकाल दे",या"बाहर करे"।

Matthew 12:28

फ़रीसियों के ज़रिए' 'ईसा पर इल्ज़ाम लगाने कि कहानी है कि वह शैतान की मदद से बदरुह निकालता है।

तुम्हारे पास

फ़रीसियों के पास

उस ताक़तवर को न बाँध ले।

"उस ताक़तवर इन्सान को नस्ल में किए बिना।"

मेरे साथ नहीं।

"जो मेरा साथ नहीं देता"या"जो मेरे साथ काम नहीं करता"।

मेरे ख़िलाफ़ में है।

"मेरे ख़िलाफ़ काम करता है"या"मेरा काम तबाह करता है।"

बटोरता

यह फ़सल काटने के लिए एक मक़बूल लफ़्ज़ था।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

Matthew 12:31

फ़रीसियों के ज़रिए' 'ईसा पर इल्ज़ाम लगाने का सब हाल है कि वह शैतान की मदद से बदरुह निकालता है।

तुम से

फ़रीसियों से

जुर्म म'आफ़ किया जाएगा।

"ख़ुदा इन्सान का हर एक गुनाह या बुराई म'आफ़ करेगा"या"ख़ुदा हर गुनाह या बुराई करने वाले हर एक इन्सान को म'आफ़ कर देगा"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

पाक

रूह के ख़िलाफ़ में....जुर्म.... ...म'आफ़ नहीं किया जाएगा। "ख़ुदा पाक रूह के मुख़ालिफ़ गुनाह कभी म'आफ़ नहीं करेगा।"

इन्सान के बेटे कि ख़िलाफ़ में कोई बात कहेगा वह म'आफ़ किया जायेगा।

"इन्सान के बेटे कि मुख़ालिफ़त मु'आफ़ की जायेगी।"

न तो इस दुनिया में और न आखरत में।

इख़्तियारी तर्जुमा"इस वक़्त....आनेवाले वक़्त में"

Matthew 12:33

फ़रीसियों के ज़रिए' 'ईसा पर इल्ज़ाम लगाने का सब हाल है कि वह शैतान की मदद से बदरुह निकालता है।

यदि पेड़ को अच्छा कहो,तो उसके फल को भी अच्छा कहो,या दरख़्त को निकम्मा कहो तो उसके फल को भी निकम्मा कहो।

"या तो कहो कि फल अच्छा है तो दरख़्त अच्छा है,या यह कहो कि फल निकम्मा है तो दरख़्त भी निकम्मा है"।

अच्छा....निकम्मा

इसका मतलब है(1)सेहत मन्द...बीमार या(2)खाने के क़ाबिल...खाने के क़ाबिल नहीं।

दरख़्त अपने फल ही से पहचाना जाता है।

इसका मतलब है, (1)इन्सान फल को देखकर कह सकते हैं कि दरख़्त सेहत मन्द है या नहीं या(2)इन्सान फल को देख कर दरख़्त की नस्ल को बता सकता है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

तुम....तुम

फ़रीसियों से

जो दिल में भरा है वही मुँह पर आता है।

"इन्सान वही कहता है जो उसके दिल में है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

अच्छे ख़ज़ाने....बुरे ख़ज़ाने

अच्छे ख़ज़ाने....बुरे ख़ज़ाने ...अच्छे ख़याल....बुरे ख़याल(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

Matthew 12:36

फ़रीसियों के ज़रिए' 'ईसा पर इल्ज़ाम लगाने का कहानी है कि वह शैतान की मदद से बदरुह निकालता है।

तुम....उसका

फ़रीसियों से

लेखा देंगे।

"ख़ुदा उनसे पूछेगा"या"ख़ुदा अहमियत मा'लूम करेगा"

निकम्मा

"निकम्मा"इख़्तियारी तर्जुमा"नुक़सानदेह" (देखें:यू.डी.बी.)

उन्होंने

"इन्सान"

इलज़ाम....कुसूरवार

"ख़ुदा बेइल्ज़ाम ठहराया....ख़ुदा क़ुसूरवार ठहराया।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

Matthew 12:38

'ईसा बेईमान फ़रीसियों और ''औरतों को झिड़कता है, क्योंकि उन्होंने उस अंधे बदरुह से मुब्तिला इन्सान की शिफ़ा के बा'द निशान मांगा था।

ख़्वाहिश रखते हैं।

"ढूँढ़ते"

बुरे और ज़िनाकर लोग

"इस वक़्त के लोग बुराई से मुहब्बत करते हैं और ख़ुदा के वफ़ादार नहीं हैं"।

निशान उनको न दिया जाएगा।

"ख़ुदा इस वक़्त के बुरे और ज़िनाकार लोगों को कोई निशान नहीं देगा।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

यूनाह के निशान

इसका तर्जुमा हो सकता है, "जो यूनाह के साथ हुआ"या"ख़ुदा ने यूनाह के साथ जो मो'जज़े किए" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor))

ज़मीन के अन्दर

कब्र के अन्दर(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)

Matthew 12:41

'ईसा बेईमान फ़रीसियों और ''औरतों को झिड़कता है क्योंकि उन्होंने अंधे बदरुह से मुब्तिला इन्सान की शिफ़ा पर उससे निशान माँगा।

नीनवे के लोग...इस ज़माने के लोगों के साथ....उन्हें मुजरिम ठहरायेंगे।

इख़्तियारी तर्जुमा"नीनवे के लोग इस नस्ल को इल्ज़ाम देंगे...और ख़ुदा उनका इल्ज़ाम सुनकर तुम्हें सज़ा देगा"या"ख़ुदा नीनवे के लोगों पर और इस नस्ल को गुनाह की सज़ा देगा लेकिन उन्होंने तौबा की और तुमने नहीं इसलिए वह तुम्हें ही सज़ा देगा"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

इस वक़्त के लोगों

'ईसा के ख़िदमतकाल के वक़्त के लोग।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

से भी बड़ा

"कोई ज़्यादा ख़ास"

Matthew 12:42

'ईसा फ़रीसियों और ''औरतों को झिड़कता है क्योंकि उन्होंने उससे निशान माँगा।

जुनूब की मलिका इस ज़माने के लोगों के साथ उठकर उन्हें मुजरिम ठहरायेगी।

इख़्तियारी तर्जुमा"जुनूब की मलिका इस नस्ल को इल्ज़ाम देगी...और ख़ुदा उसका इल्ज़ाम सुनकर तुम्हें सज़ा देगा"। या"ख़ुदा जुनूब की मलिका...और उस नस्ल दोनों को गुनाह का सज़ा देगा लेकिन क्योंकि उसने सुलैमान की बातें सुनी और तुमने मेरे कलाम नहीं सुने,वह सिर्फ़ तुम्हें सज़ा देगा"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy, /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit))

जुनूब की मलिका

वह शीबा की मलिका थी,ग़ैर क़ौमी बादशाही की(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-names, /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-unknown)

ज़मीन के छोर से आई

"वह बहुत दूर से आई थी" (देखें /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom))

इस वक़्त के लोगों

वे लोग जो'ईसा के ख़िदमत ज़माने के वक़्त थे(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

से भी बड़ा

"कोई ज़्यादा ख़ास"

Matthew 12:43

'ईसा फ़रीसियों और 'औरतों को झिड़कता है क्योंकि उन्होंने उससे निशान मांगा।

सूखी जगहों

"तन्हा जगह"या"जहाँ लोग नहीं रहते"।(देखें यू.डी.बी)

पाती नहीं

"आराम नहीं पाती है"

कहती है

"वह बदरुह कहती है।"

आरास्ता किया हुआ पाती है।

इख़्तियारी तर्जुमा"वह बदरुह देखती है कि किसी ने घर को साफ करके सब कुछ अपनी जगह सजा दिया है।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

Matthew 12:46

'ईसा के माँ और भाइयों के आने पर उसे अपने रूहानी ख़ानदान को ज़ाहिर करने का मौक़ा मिलता है।

उसकी माँ

'ईसा की दुनयावी माँ

ईसा के भाई

इसका मतलब हो सकता है, (1)उसी ख़ानदान या रिश्तेदार के भाई(देखें यू.डी.बी.)या(2)इस्राईल में उसके दोस्त या क़रीबी रिश्तेदार।

चाहते हैं

"ख़्वाहिश रखते हैं"

Matthew 12:48

'ईसा के माँ और भाइयों के आने पर उसे अपने रूहानी ख़ानदान को ज़ाहिर करने का मौक़ा मिलता है।

कहने वाले को

जिसने'ईसा को पैग़ाम दिया कि उसकी माँ और उसके भाई उससे मिलना चाहते हैं।

कौन है मेरी माँ?और कौन है मेरा भाई?

इख़्तियारी तर्जुमा"मैं बताता हूँ कौन मेरी सच्ची माँ है और कौन मेरा सच्चा भाई है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion)

जो कोई

"वह हर एक लोग"