Matthew 13

Matthew 13:1

इस बाब में 'ईसा नाव पर चढ़कर 'ऐलान कर रहा है और इजतमा' को कहानियों के ज़रिए' समझा रहा है कि ख़ुदा की बादशाही क्या है और कैसी है।

उसी दिन

पिछले बाब की वाक़ि'यात के ही दिन

घर से निकलकर

यह वाज़ेह नहीं है कि'ईसा किसके घर में था।

नाव पर चढ़ गया।

यह मुमकिन है पाल वाली लकड़ी की नाव थी।

Matthew 13:3

यह कहानी वही है 'ईसा लोगों की भीड़ को ख़ुदा की बादशाही के बारे में 'इज़्ज़त के लिए तम्सील सुना रहा है।

उनसे तम्सिल में बहुत सी बातें कहीं।

'ईसा ने उन्हें बहुत सी बातें कहानी में समझाई "'ईसा ने उन्हें बहुत सी बाते कहानियों में सुनाई"

लोगों के लिए

भीड़'से

देखो

इख़्तियारी तर्जुमा"देखो"या"सुनो", "मैं जो कहने जा रहा हूँ उसे ग़ौर से सुनो"।

एक बोने वाला बीज बोने निकला।

"एक किसान खेत में बीज बोने निकला"

बोते वक़्त

"जब बीज बोने वाले ने बीज बोया"

सड़क के किनारे

"खेत के किनारे रास्ते पर"वह रास्ता लोगों के चलने की वजह सख़्त हो गया होगा।

उन्हें चुन लिया।

"बीजों को खा लिया"

पथरीली ज़मीन पर गिरे।

चट्टानों में जो थोड़ी बहुत मिट्टी थी उसमें

जल्द उग आए।

"अंकुर निकल आए"

सूरज निकलने पर जल गए।

"सूरज की गर्मी की वजह से वे झुलस गए और गर्मी से जल गए"।(देखें: Active or Passive)

सूख गए

"अंकुर सूख कर तबाह हो गए"।

Matthew 13:7

'ईसा इजतमा' को कहानियों के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

कुछ बीज झाड़ियों में गिरे।

जहाँ झाड़ियां उग रही थी वहाँ गिरे

उन्हें दबा दिया।

"नये पौधों को दबा दिया"जंगली घास के ज़रिए'पौधों के तबाह हो जाने का लफ़्ज़ काम में लें।

फल लाए

"फ़सल उगी",या"ज़्यादा बीज उगे"या"फले"।

जिसके कान हो वह सुन ले।

कुछ ज़बानो में ज़्यादा क़ुदरती तर्जुमा होगा दुसरे मर्द में, "तुम्हारे कान हों तो सुन लो।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-123person)

जिसके कान हों

"जो सुन सकता है“ या"जो भी मेरी बात सुनता है"

वह सुन ले।

"वह तवज़्ज़ह से सुन ले"या"वह मेरी बात पर तवज़्ज़ह दे"।

Matthew 13:10

'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

लोगों के लिए

शागिर्दों को

तुम को आसमान कि बादशाही के भेदों की समझ दी गई है पर उनको नहीं।

इसका तर्जुमा छिपे हुए'इल्म के साथ मुन्तख़ब काम में किया जा सकता है, "ख़ुदा ने तुम्हें आसमान की बादशाही के राज़ को समझने की अक़्ल दी है लेकिन ख़ुदा ने इन लोगों को नहीं दी है।"या"ख़ुदा ने तुम्हें आसमान के राज़ समझने के क़ाबिल बनाया है लेकिन उसने इन्हें इस क़ाबिल नहीं बनाया है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive and /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)

तुम्हें

शागिर्द

राज़

जो सच्चाई अब तक छिपी हुई थी उसे'ईसा अब ज़ाहिर कर रहा है,इख़्तियारी तर्जुमा"राज़"या"ख़ुफ़िया सच्चाई" (देखें यू.डी.बी.)

जिसके पास

"जिसमें समझ है"या"जो मेरी ता'लीम क़ुबूल करता है"।

उसे दिया जायेगा।

इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमला में किया जाए, "ख़ुदा उसे और समझ देगा", (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

उसके पास बहुत हो जाएगा।

"वह साफ़ समझ लेगा"।

जिसके पास कुछ नहीं है।

"जिसे समझ नहीं"या"जो मेरी ता'लीम को क़ुबूल नहीं करता"

"जो कुछ उसके पास है वह भी ले लिया जाएगा"

इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमले में किया जा सकता है।"ख़ुदा उससे वह भी ले लेगा जो उसके पास है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

Matthew 13:13

'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

मैं उनसे...बातें करता हूँ।

"उनसे"इन दोनों आयतों में इजतमा'के लिए इस्ते'माल किया जाता ज़मीर है।

वे देखते हुए नहीं देखते और सुनते हुए नहीं सुनते,अगर चे वे देखते है लेकिन हक़ीक़त में देख नहीं पाते और वे सुनते तो है लेकिन हक़ीक़त में सुन नहीं पाते।

'ईसा इस तम्सील के ज़रिए'शागिर्दों से कह रहा है कि इजतमा'समझने से इन्कार करता है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-parallelism)

वे देखते तो हैं लेकिन हक़ीक़त में देख नहीं पाते।

"अगर वे देखते हैं वे क़ुबूल नहीं कर पाते"अगर काम को"करने"की ज़रूरत हो तो तर्जुमा इस तरह हो सकता है, "अगर वे चीज़ों को देखते हैं वे उन्हें समझते नहीं"। या"अगर वे वाक़े'यातों को घटते देखते हैं,वे समझ नहीं पाते कि उनका मतलब क्या है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-verbs)

सुनते हुए नहीं सुनते और नहीं समझते

"अगर वे सुनते हैं वे समझ नहीं पाते"अगर कामों को"करने"की ज़रूरत है तो इसका तर्जुमा होगा, "अगर वे हिदायत सुनते हैं,वे सच्चाई को समझ नहीं पाते।"

तुम कानों से तो सुनोगे पर समझोगे नहीं। देखने से तो तुम देखोगे लेकिन क़ुबूल नहीं कर पाओगे।

यह यशायाह नबी के ज़रिए'मिसाल है जो उसके ज़माने में बेईमान लोगों के लिए कहा गया था।'ईसा इस मिसाल के ज़रिए'उसके लोगों का ज़िक्र कर रहा है। यह एक और कहानी है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-parallelism)

तुम सुनोगे लेकिन किसी भी तरह समझ नहीं पाओगे।

इसका तर्जुमा हो सकता है, "तुम सुनोगे लेकिन समझोगे नहीं"। अगर काम के लिए"करने"की ज़रूरत हो तो इसका तर्जुमा इस तरह होगा, "तुम बातों को सुनोगे लेकिन उन्हें समझोगे नहीं"।

आँखों से तो देखोंगे पर तुम्हे न सूझेगा

"तुम देखोगे लेकिन क़ुबूल नहीं कर पाओगे"। अगर काम के लिए"करने"की ज़रूरत हो तो तर्जुमा इस तरह होगा, "तुम बातों को देखोंगे लेकिन आख़िर में क़ुबूल नहीं कर पाओगे।"

Matthew 13:15

'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। वह MAT 13:14 में दिए गए यशायाह की मिसाल को ही सुन रहा है।

इन लोगों का दिल मोटा हो गया है।

"यह लोग अब सीख नहीं सकते" (देखें यू.डी.बी.)

वे कानों से ऊँचा सुनते हैं।

"वे सुनने की ख़्वाहिश ही नहीं रखते" (देखें यू.डी.बी.)

उन्होंने अपनी आँखें मूँद ली हैं।

"उन्होंने आँखें बंद कर ली हैं",या"वे देखने से इन्कार करते है"

कहीं ऐसा न हो कि वे आँखों से देखें और कानों से सुनें और दिल से समझें और फिर जायें।

"कि वे आँखों से देख पाएं,कानों से सुन पाएं,दिल से समझ पाएं और नतीजा यह हो कि वे तौबा करें"।

फिर जाएँ

"लौट आएँ"या"तौबा करें"

मैं उन्हें चंगा करूं।

"और मुझसे शिफ़ा पाएँ"। इख़्तियारी तर्जुमा होगा, "और मैं उन्हें फ़िर से अपना लूँ" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

Matthew 13:16

'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

तुम्हारी....तुम्हारे

'ईसा अपने शागिर्दों से बातें कर रहा है।

देखें

"कि वे देख पाएँ"या"वे देखने क़ाबिल हों"।

सुनें

"कि वे सुन पाएँ"या"वे सुनने क़ाबिल हों"

जो बातें तुम देखते हो।

"बातें तुमने मुझे करते देखा।"

जो बातें तुम सुनते हो।

"जो बातें तुमने मुझे कहते सुनी"

Matthew 13:18

'ईसा कहानियों के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। यहाँ वह MAT 13:3 MAT 13:8 में सुनाई गई तम्सील का ज़िक्र कर रहा है।

उसके दिल में जो कुछ बोया गया है उसे वह बुरे आकर छीन ले जाता है।

"शैतान उसे ख़ुदा के कलाम को भूल जाने पर मजबूर करता है",जो उसने सुना।

छीन ले जाता है। ऐसा लफ़्ज़ काम में लेने का कोशिश करें जो किसी मिजाज़ मालिक से उसकी किसी चीज़ को छीनने को इज़हार करता है।

उसके दिल में जो कुछ बोया गया।

इसका तर्जुमा मुन्तख़ब में भी किया जा सकता है, "ख़ुदा ने उसके दिल में जो कलाम बोया।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive

उसके दिल में

सुनने वाले के दिल में

यह वही है जो रास्ता के किनारे बोया गया।अगर लफ़्ज़ी तर्जुमा से मतलब वाज़ेह नहीं होता तो तर्जुमा इस तरह करें,कि पढ़ने वालो को साफ़ समझ में आए कि'ईसा बीज बोने वालों और सुनने वाले रास्ते के किनारे की ज़मीन है। मुमकिन तर्जुमा, "जो रास्ते के किनारे बोया गया वह ऐसा ही है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile और /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)

रास्ते के किनारे

रास्ते के किनारे "रास्ते"या"पगडंडी"इसका तर्जुमा वैसा ही करें जैसा MAT 13:4 में किया गया है।

Matthew 13:20

'ईसा तम्शिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। यहाँ वह MAT 13:3 MAT 13:8 में सुनाई गई तम्सील का ज़िक्र कर रहा है।

पथरीली ज़मीन पर बोया गया,यह वह है।

अगर असल मतलब बुनयादी तर्जुमा समझने में सख़्त है तो तर्जुमा इस तरह करें कि पढ़ने वालो को साफ़ समझ में आए कि'ईसा बीज बोने वाला है और पैग़ाम बीज है और सुनने वाला पथरीली ज़मीन है। मुमकिन तर्जुमा हैः"जो पथरीली ज़मीन में बोया गया वह ऐसा ही है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile and /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)

जड़ न रखने कि वजह

"उसकी जड़ें गहराई में नहीं गई",या"वह इस अंकुर को जड़ें फैलाने का जगह नहीं देता है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy) )

कलम कि वजह

"पैग़ाम की वजह"

वह जल्द ठोकर खाता है।

"वह जल्द ही गुमराह हो जाता है"या"वह जल्द ही ईमान को छोड़ देता है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)

Matthew 13:22

'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। यहाँ वह MAT 13:3 MAT 13:8 में सुनायी गई तम्सील की ज़िक्र कर रहा है।

जो झाड़ियाँ में बोया गया...जो अच्छी ज़मीन में बोया गया।

अगर असल मतलब बुनयादी तर्जुमा समझने में सख़्त हो तो तर्जुमा इस तरह करें कि पढ़ने वालो को समझ में आ जाए कि'ईसा बीज बोने वाला है,पैग़ाम बीज है और सुनने वाली झाड़ियों वाली ज़मीन है। मुमकिन तर्जुमा, "झाड़ियो में बोया गया बीज ऐसा ही है...अच्छी ज़मीन में बोया गया बीज ऐसा ही है।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile और /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)

कलाम

"पैग़ाम"

दुनिया की फ़िक्र और दौलत का धोखा कलाम को दबाता है और वह फल नहीं लाता।

इसका तर्जुमा हो सकता है, "जिस तरह झाड़ियाँ अच्छे पौधे को बढ़ने नहीं देती उसी तरह दुनयावी फ़िक्र और दौलत का धोखा इस सख़्श को फल लाने से रोकते हैं"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

दुनिया की फ़िक्र

"वे दुनयावी बातें जिनकी फ़िक्र इन्सान करता है।"

फल नहीं लाता है।

बेफ़ल हो जाता है।

यह वह है जो कलाम को सुनकर समझता है और फल लाता है।

"ये वे लोग हें जो फलते और पैदावार होते हैं"या"सेहत मन्द पौधों के समान अच्छा फल लाते हैं",ये लोग बहुत फलते हैं।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)

Matthew 13:24

'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

यीशु ने उन्हें एक और तम्सिल दिया।

'ईसा ने इजतमा'को एक और तम्सील सुनाई।

आसमान कि बादशाही उस इन्सान कि तरह है।

आपका तर्जुमा आसमान की बादशाही को इन्सान की मानिन्द न दिखाए,इसकी उम्मीद आसमान की बादशाही उस हालात के मुताबिक़ है जिसका ज़िक्र यहाँ किया गया है।

अच्छा बीज बोया

"खाने वाली चीज़ों का अच्छा बीज"या"अनाज का अच्छा बीज"। इजतमा'ने सोचा कि'ईसा गेहूँ के बीज की बात कर रहा है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)

उसके दुश्मन आकर

उसका दुश्मन खेत में आया

जंगली बीज

इसका तर्जुमा"बुरे बीज"या"जंगली घास के बीज"किया जा सकता है। उगने पर वे एक से दिखते हैं लेकिन होते हैं ज़हर।

जब अंकुर निकले और बालें लगी।

"जब गेहूँ के बीज उगे"या"जब पौधा निकले"

जब....बालें लगी

"अनाज पैदा हुआ"या"गेहूँ की पैदवार तैयार हुई"

जंगली दाने के पौधे भी दिखाई दिए।

इख़्तियारी तर्जुमा होगा, "उन्होंने देखा कि खेत में जंगली पौधे भी हैं"।

Matthew 13:27

'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। इन आयतों में जंगली पौधों की तम्सील ही चल रही है।

किसान

यह वही सख़्श है जिसने खेत में अच्छे बीज डाले थे।

क्या तू ने खेत में अच्छा बीज नहीं बोया था?

"तूने तो खेत में अच्छा बीज डाला था",खेत के मालिक ने मजदूरों से अच्छा डलवाया था।(देखें:यू.डी.बी.) (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion rc://ur-deva/ta/translate/metonymy)

उसने उनसे कहा

खेत के मालिक ने मजदूरों से कहा

क्या तेरी इच्छा है कि हम

"हम"मजदूरों के हवाला में है।

उनको बटोर लें

"खरपतवार उखाड़ दें"कि फेंकी जाएँ।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)

Matthew 13:29

'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। इस 'ओहदे के साथ जंगली पौधों की तम्सील ख़त्म होती है।

उसने कहा

"खेत के मालिक ने मजदूरों से कहा"

मैं काटनेवालों से कहूगा कि पहले जंगली पौधों को बटोर कर जलाने के लिए उनके गट्ठे बांध लो।

इसका तर्जुमा तिरछी मिशाल में रखा जा सकता है, "मैं कटनी करने वालों से कहूँगा कि वे पहले जंगली पौधों को जमा'करके जलाने के लिए उनके गट्ठे बाँध लें और फ़िर गेहूँ को मेरे खत्तों में जमा'करें।"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-quotations)

मेरे खत्तों में

खत्ता वह गोदाम है जहाँ अनाज रखा जाता है।

Matthew 13:31

'ईसा इजतमा' को तम्सिल के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

ईसा ने उन्हें एक और तम्सिल दिया।

"'ईसा ने इजतमा'को एक और तम्सील सुनायी"

आसमान की बादशाही।

देखें कि आपने MAT 13:24 में इसका तर्जुमा कैसे किया है

राई के एक दाने

एक बहुत ही छोटा बीज जो बड़ा पौधा बनता है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-unknown )

यह बीज यक़ीनन ही सबसे छोटा बीज है।

ख़ास लोगों के लिए राई का दाना सबसे छोटा बीज था(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)

जब बढ़ जाता है।

"लेकिन जब पौधा मुकम्मल तैयार हो जाता है"

और दरख़्त हो जाता है।

"एक बड़ी झाड़ी हो जाता है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-unknown))

आसमान के परिन्दें

परिन्दें(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)

Matthew 13:33

'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

उसने एक और तम्सिल उन्हें सुनाया।

"'ईसा ने इजतमा'को एक और तम्सील सुनायी।"

आसमान की बादशाही...के तरह है।

देखें कि आपने इसका तर्जुमा MAT 13:24 में कैसे किया है। बादशाही तो ख़मीर के समान नहीं है लेकिन उसका फैलना ख़मीर के समान है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)

तीन पसेरी आटे में मिलाया

"बहुत से आटे में"या आपकी ज़बान में इस नाप के लिए कोई लफ़्ज़ है तो उसका इस्ते'माल करें।(देखें:यू.डी.बी.)

वह खमीरा हो गया

"जब आटा पूरा ख़मीर हो गया"यहाँ छिपा हुआ मतलब है कि आटा तन्दूरी रोटी के लिए तैयार हो गया था।(: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)

Matthew 13:34

'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।

ये सब बातें ईसा ने तम्सिलो में लोगों से कहीं और बिना तम्सिलो वह उनसे कुछ न कहता था।

यहाँ तरबियत है, "तम्सिल....कहीं....तम्सिल....कहता था।

यह सब बातें

वे सब ता'लीम जो'ईसा ने MAT 13:1 से देता आ रहा है।

बिना तम्सिलो वह उनसे कुछ न कहता था।

"उसने उन्हें तम्सीलों के बिना कोई ता'लीम नहीं दी"। इख़्तियारी तर्जुमा"उनसे उन्हें जो भी ता'लीम दी वह सिर्फ़ तम्सीलों के के ज़रिए'थी"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-litotes))

कि जो कलाम नबी के ज़रिए कहा गया था,वह पूरा हो।

जो कलाम नबी के ज़रिए'कहा गया था,वह पूरा हो,इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम से किया जा सकता है, "उसने वह नबुव्वत सच साबित कर दी जो एक नबी ने बहुत पहले की थी"।(यू.डी.बी.) (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive) )

ज़रिए कहा गया था

"जो नबी ने कहा था"।

उन बातों को जो....पोशीदा रहीं।

इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम से किया जा सकता है, "जिन बातों को ख़ुदा ने राज़ रखा था"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive )

दुनिया की पैदाइश से

"दुनिया के शुरू'से"या"जबसे ख़ुदा ने दुनिया को बनाया की"।

Matthew 13:36

'ईसा घर में आया कि अपने शागिर्दों को ख़ुदा की बादशाही के बारे में सुनाए गए तम्सीलों का मतलब समझाए।

घर में आया

"घर के अन्दर गया"या"जिस घर में रह रहा था उसमें गया"।

अच्छे बीज का बोनेवाला इन्सान का बेटा है।

"बीज बोने वाला"

इन्सान का बेटा

'ईसा अपने आप के बारे में कह रहा है।

बादशाही की औलाद

"बादशाही के लोग"

शैतान की औलाद

"शैतान के लोग"

जिस दुश्मन ने उनको बोया वह शैतान है।

जंगली बीज डालने वाला शैतान है।

दुनिया का आख़िर

"ज़मानों का आख़िर"

Matthew 13:40

'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ तम्सीलों का मतलब समझा रहा है।

जैसे जंगली दाने बटोरे और जलाए जायेगे।

इसका तर्जुमा मुन्तख़ब में किया जा सकता है।"लिहाज़ा जिस तरह इन्सान जंगली पौधे को जमा'करके जलाता है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive) )

दुनिया के आख़िर

"ज़माने का आख़िर"

इन्सान का बेटा अपने फ़रिस्तो को भेजेगा।

'ईसा अपने आप के बारे में कह रहा है इसलिए इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "मैं,इन्सान का बेटा,अपने फ़रिश्तों को भेजूंगा"।

बदकारी करने वालों को

"जो बेतरतीबी फैलाते है"या"बुरे लोग"

आग के हौज़ में

आग के हौज़ में"आग के हौज़"का तर्जुमा हो सकता है, "आग की भट्ठी"। अगर भट्ठी लफ़्ज़ ना मा'लूम हो तो"आग"काम में लिया जा सकता है।

सूरज कि तरह चमकेंगे।

"देखने में सूरज के समान आसान होंगे"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)

जिसके कान हो वह सुन ले।

"कुछ ज़बानो में दुसरे मर्द काम में लेना ज़्यादा आसान होगा", "तुम जो कलाम रखते हो,सुनो"या"तुम्हारी बातें हैं तो सुनो"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-123person)

Matthew 13:44

'ईसा घर के अन्दर गया और अपने शागिर्दों को ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ तम्सीलों के मतलब समझाने लगा। इन दोनों कहानियों में 'ईसा दो मिसालों के ज़रिए' अपने शागिर्दों को समझा रहा है कि आसमान की बादशाही कैसी है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)

आसमान कि बादशाही...की तरह है।

देखें कि आपने इसका तर्जुमा MAT 13:24 में कैसे किया है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile))

खेत में छिपे हुए दौलत

दौलत इन्तेहाही क़ीमती और लाक़ीमत चीज़ है या चीज़ों का मजमुआ'है। इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम से किया जा सकता है, "किसी ने खेत में दौलत गाड़ कर छिपायी थी।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

छिपा दिया

"उसे मिट्टी से ढांक दिया"

अपना सब कुछ बेच दिया।

यहाँ वाज़ेह'इल्म यह है कि वह इन्सान छिपी हुई दौलत को हासिल करने के लिए अपना सब कुछ बेच देता है(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit))

ख़रीदने और बेचनेवाला

ताजिर का मतलब है दूर से समान लाने वाला बेचने वाला।

अच्छे मोतियों की खोज

यहाँ वाज़ेह'इल्म यह है कि वह ताजिर क़ीमती मोतियों की खोज में था कि उन्हें ख़रीद ले।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)

क़ीमती मोती

इसका तर्जुमा किया जा सकता है, "अच्छा मोती"या"ख़ूबसूरत मोती"।"मोती"एक चिकना,सख़्त,चमकीला,सफेद या हल्के रंग का मोती होता है जो समुन्द्र में सीपियों में बनती है और नगीने की शक्ल में उसकी क़ीमत बहुत होती है,उससे मंहगे ज़ेवर बनते हैं।

Matthew 13:47

'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ कहानी का मतलब समझाने लगा। इस कहानी में भी 'ईसा तशबीह के ज़रिए' ही अपने शागिर्दों को समझा रहा है कि आसमान की बादशाही कैसा है।(देखें: Simile)

आसमान वह बादशाही ... कि तरह है

देखें कि आपने इसका तर्जुमा MAT 13:24 में कैसे किया है। बादशाही जाल की तरह नहीं है लेकिन जाल की तरह सब इन्सानों को घेर लेता है। (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)

बड़े जाल कि तरह है, जो समुन्द्र में डाला गया।

इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम के ज़रिए' किया जा सकता है, "जाल की तरह जिसे मछुवे समुन्द्र में डालते हैं"।

जाल.. समुन्द्र में डाला गया।

"जाल जो झील में डाला गया"

हर तरह की मछलियों को समेट लाया।

"नाना तरह की मछलियाँ घेर लीं"।

उसको किनारे पर खींच लाए।

"जाल को किनारे पर लाए" या "जाल खींचते हुए किनारे पर आए"।

अच्छी अच्छी

"अच्छी मछलियाँ"

निकम्मी

निकम्मी निकम्मी निकम्मी "ना क़ाबिल मछलियाँ" या "जो मछलियाँ खाने क़ाबिल नहीं थी"।

फेंक दीं

"नहीं रखीं"

Matthew 13:49

'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ कहानियों का मतलब समझा रहा है।

दुनिया के आख़िर

"ज़माने कि आख़िर"

आकर

"निकल आएंगे"या"निकलेंगे"या"आसमान से उतरेंगे"।

डालेंगे

"बदकारो को डाल देंगे"

आग कि हौज में

इसका तर्जुमा किया जा सकता है"आग की भट्ठी में"यह जहन्नम की आग के लिए मिसाल है जो पुराने कानून से दानियल3:6से लिया गया है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)अगर"भट्ठी"लफ़्ज़ हदफ़ ज़बान में नहीं है तो"तन्दूर"लफ़्ज़ काम में लिया जा सकता है।

जहाँ रोना और दांत पीसना होगा।

"वहाँ बदकार दांत पीसेंगे और रोएंगे"।

Matthew 13:51

'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ कहानियों का मतलब समझा रहा है।

"क्या तुमने ये सब बातें समझीं"? "उन्होंने उससे कहा,हाँ"

ज़रूरी हो तो इसे मुख़ालिफ़ मिसाल में भी लिखा जा सकता है, "'ईसा ने उनसे पूछा कि क्या वे इन सब बातों को समझ गए तो उन्होंने कहा कि वे समझ गए"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-quotations)

शागिर्द बना है

"सीख गया है"

ख़ज़ाना

ख़ज़ाना क़ीमती और बेस क़ीमती चीज़ है या चीज़ो का मजमुआ है। यहाँ उसका मतलब उनके ज़ख़ीरे से है, "ख़ज़ाना"या"गोदाम"।

Matthew 13:54

'ईसा के रहने की जगह जगह के लोगों के ज़रिए' उसके और उसकी ता'लीमों को छोड़ने की यह कहानी है, जब वह हैकल में ता'लीम दे रहा था।

अपने शहर

"रहने की जगह" (देखें यू.डी.बी.)

उनके इबादतखानों में

"उनके"या'नी वहाँ के लोगों का

वे हैरान होकर

"वे हैरान थे"

क़ुदरत के काम

"उसे ऐसे मोजिज़ों की क़ुदरत कहाँ से मिली"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)

क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं?

बढ़ई या'नी लकड़ी का सामान बनाने वाला। अगर आपकी ज़बान में बढ़ई लफ़्ज़ नामा'लूम है तो"मिस्त्री"लफ़्ज़ काम में ले सकते हैं।

Matthew 13:57

'ईसा के रहने कि जगह जगह के लोगों ने उनके हैकल में दी गई, 'ईसा की ता'लीमो को छोड़ दिया था, उसकी कहानी चल रही है।

उन्होंने उसके वजह से ठोकर खाई।

"'ईसा के रहने की जगह जगह के लोगों ने'ईसा की वजह से ठोकर खाई"या"उसे क़ुबूल नहीं किया"।

नबी का....निरादर नहीं होता है।

"नबी सब जगह'इज़्ज़त पाता है"या"नबी हर जगह नवाज़ा जाता है है"या"इन्सान हर जगह नबी को'इज़्ज़त देते हैं"

अपने मुल्क

"उसके अपने जगह में"या"अपने ही रहने वाले जगह में"।

अपने घर

"अपने रहने वाली जगह"

बहुत से क़ुदरत के काम नहीं किए"

"'ईसा ने अपने रहने वाली जगह में बहुत मो'जिज़े नहीं किए"।