इस बाब में 'ईसा नाव पर चढ़कर 'ऐलान कर रहा है और इजतमा' को कहानियों के ज़रिए' समझा रहा है कि ख़ुदा की बादशाही क्या है और कैसी है।
पिछले बाब की वाक़ि'यात के ही दिन
यह वाज़ेह नहीं है कि'ईसा किसके घर में था।
यह मुमकिन है पाल वाली लकड़ी की नाव थी।
यह कहानी वही है 'ईसा लोगों की भीड़ को ख़ुदा की बादशाही के बारे में 'इज़्ज़त के लिए तम्सील सुना रहा है।
'ईसा ने उन्हें बहुत सी बातें कहानी में समझाई "'ईसा ने उन्हें बहुत सी बाते कहानियों में सुनाई"
भीड़'से
इख़्तियारी तर्जुमा"देखो"या"सुनो", "मैं जो कहने जा रहा हूँ उसे ग़ौर से सुनो"।
"एक किसान खेत में बीज बोने निकला"
"जब बीज बोने वाले ने बीज बोया"
"खेत के किनारे रास्ते पर"वह रास्ता लोगों के चलने की वजह सख़्त हो गया होगा।
"बीजों को खा लिया"
चट्टानों में जो थोड़ी बहुत मिट्टी थी उसमें
"अंकुर निकल आए"
"सूरज की गर्मी की वजह से वे झुलस गए और गर्मी से जल गए"।(देखें: Active or Passive)
"अंकुर सूख कर तबाह हो गए"।
'ईसा इजतमा' को कहानियों के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
जहाँ झाड़ियां उग रही थी वहाँ गिरे
"नये पौधों को दबा दिया"जंगली घास के ज़रिए'पौधों के तबाह हो जाने का लफ़्ज़ काम में लें।
"फ़सल उगी",या"ज़्यादा बीज उगे"या"फले"।
कुछ ज़बानो में ज़्यादा क़ुदरती तर्जुमा होगा दुसरे मर्द में, "तुम्हारे कान हों तो सुन लो।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-123person)
"जो सुन सकता है“ या"जो भी मेरी बात सुनता है"
"वह तवज़्ज़ह से सुन ले"या"वह मेरी बात पर तवज़्ज़ह दे"।
'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
शागिर्दों को
इसका तर्जुमा छिपे हुए'इल्म के साथ मुन्तख़ब काम में किया जा सकता है, "ख़ुदा ने तुम्हें आसमान की बादशाही के राज़ को समझने की अक़्ल दी है लेकिन ख़ुदा ने इन लोगों को नहीं दी है।"या"ख़ुदा ने तुम्हें आसमान के राज़ समझने के क़ाबिल बनाया है लेकिन उसने इन्हें इस क़ाबिल नहीं बनाया है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive and /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
शागिर्द
जो सच्चाई अब तक छिपी हुई थी उसे'ईसा अब ज़ाहिर कर रहा है,इख़्तियारी तर्जुमा"राज़"या"ख़ुफ़िया सच्चाई" (देखें यू.डी.बी.)
"जिसमें समझ है"या"जो मेरी ता'लीम क़ुबूल करता है"।
इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमला में किया जाए, "ख़ुदा उसे और समझ देगा", (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
"वह साफ़ समझ लेगा"।
"जिसे समझ नहीं"या"जो मेरी ता'लीम को क़ुबूल नहीं करता"
इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमले में किया जा सकता है।"ख़ुदा उससे वह भी ले लेगा जो उसके पास है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
"उनसे"इन दोनों आयतों में इजतमा'के लिए इस्ते'माल किया जाता ज़मीर है।
'ईसा इस तम्सील के ज़रिए'शागिर्दों से कह रहा है कि इजतमा'समझने से इन्कार करता है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-parallelism)
"अगर वे देखते हैं वे क़ुबूल नहीं कर पाते"अगर काम को"करने"की ज़रूरत हो तो तर्जुमा इस तरह हो सकता है, "अगर वे चीज़ों को देखते हैं वे उन्हें समझते नहीं"। या"अगर वे वाक़े'यातों को घटते देखते हैं,वे समझ नहीं पाते कि उनका मतलब क्या है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-verbs)
"अगर वे सुनते हैं वे समझ नहीं पाते"अगर कामों को"करने"की ज़रूरत है तो इसका तर्जुमा होगा, "अगर वे हिदायत सुनते हैं,वे सच्चाई को समझ नहीं पाते।"
यह यशायाह नबी के ज़रिए'मिसाल है जो उसके ज़माने में बेईमान लोगों के लिए कहा गया था।'ईसा इस मिसाल के ज़रिए'उसके लोगों का ज़िक्र कर रहा है। यह एक और कहानी है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-parallelism)
इसका तर्जुमा हो सकता है, "तुम सुनोगे लेकिन समझोगे नहीं"। अगर काम के लिए"करने"की ज़रूरत हो तो इसका तर्जुमा इस तरह होगा, "तुम बातों को सुनोगे लेकिन उन्हें समझोगे नहीं"।
"तुम देखोगे लेकिन क़ुबूल नहीं कर पाओगे"। अगर काम के लिए"करने"की ज़रूरत हो तो तर्जुमा इस तरह होगा, "तुम बातों को देखोंगे लेकिन आख़िर में क़ुबूल नहीं कर पाओगे।"
'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। वह MAT 13:14 में दिए गए यशायाह की मिसाल को ही सुन रहा है।
"यह लोग अब सीख नहीं सकते" (देखें यू.डी.बी.)
"वे सुनने की ख़्वाहिश ही नहीं रखते" (देखें यू.डी.बी.)
"उन्होंने आँखें बंद कर ली हैं",या"वे देखने से इन्कार करते है"
"कि वे आँखों से देख पाएं,कानों से सुन पाएं,दिल से समझ पाएं और नतीजा यह हो कि वे तौबा करें"।
"लौट आएँ"या"तौबा करें"
"और मुझसे शिफ़ा पाएँ"। इख़्तियारी तर्जुमा होगा, "और मैं उन्हें फ़िर से अपना लूँ" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)
'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
'ईसा अपने शागिर्दों से बातें कर रहा है।
"कि वे देख पाएँ"या"वे देखने क़ाबिल हों"।
"कि वे सुन पाएँ"या"वे सुनने क़ाबिल हों"
"बातें तुमने मुझे करते देखा।"
"जो बातें तुमने मुझे कहते सुनी"
'ईसा कहानियों के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। यहाँ वह MAT 13:3 MAT 13:8 में सुनाई गई तम्सील का ज़िक्र कर रहा है।
"शैतान उसे ख़ुदा के कलाम को भूल जाने पर मजबूर करता है",जो उसने सुना।
इसका तर्जुमा मुन्तख़ब में भी किया जा सकता है, "ख़ुदा ने उसके दिल में जो कलाम बोया।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive
सुनने वाले के दिल में
रास्ते के किनारे "रास्ते"या"पगडंडी"इसका तर्जुमा वैसा ही करें जैसा MAT 13:4 में किया गया है।
'ईसा तम्शिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। यहाँ वह MAT 13:3 MAT 13:8 में सुनाई गई तम्सील का ज़िक्र कर रहा है।
अगर असल मतलब बुनयादी तर्जुमा समझने में सख़्त है तो तर्जुमा इस तरह करें कि पढ़ने वालो को साफ़ समझ में आए कि'ईसा बीज बोने वाला है और पैग़ाम बीज है और सुनने वाला पथरीली ज़मीन है। मुमकिन तर्जुमा हैः"जो पथरीली ज़मीन में बोया गया वह ऐसा ही है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile and /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)
"उसकी जड़ें गहराई में नहीं गई",या"वह इस अंकुर को जड़ें फैलाने का जगह नहीं देता है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy) )
"पैग़ाम की वजह"
"वह जल्द ही गुमराह हो जाता है"या"वह जल्द ही ईमान को छोड़ देता है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)
'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। यहाँ वह MAT 13:3 MAT 13:8 में सुनायी गई तम्सील की ज़िक्र कर रहा है।
अगर असल मतलब बुनयादी तर्जुमा समझने में सख़्त हो तो तर्जुमा इस तरह करें कि पढ़ने वालो को समझ में आ जाए कि'ईसा बीज बोने वाला है,पैग़ाम बीज है और सुनने वाली झाड़ियों वाली ज़मीन है। मुमकिन तर्जुमा, "झाड़ियो में बोया गया बीज ऐसा ही है...अच्छी ज़मीन में बोया गया बीज ऐसा ही है।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile और /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)
"पैग़ाम"
इसका तर्जुमा हो सकता है, "जिस तरह झाड़ियाँ अच्छे पौधे को बढ़ने नहीं देती उसी तरह दुनयावी फ़िक्र और दौलत का धोखा इस सख़्श को फल लाने से रोकते हैं"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)
"वे दुनयावी बातें जिनकी फ़िक्र इन्सान करता है।"
बेफ़ल हो जाता है।
"ये वे लोग हें जो फलते और पैदावार होते हैं"या"सेहत मन्द पौधों के समान अच्छा फल लाते हैं",ये लोग बहुत फलते हैं।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)
'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
'ईसा ने इजतमा'को एक और तम्सील सुनाई।
आपका तर्जुमा आसमान की बादशाही को इन्सान की मानिन्द न दिखाए,इसकी उम्मीद आसमान की बादशाही उस हालात के मुताबिक़ है जिसका ज़िक्र यहाँ किया गया है।
"खाने वाली चीज़ों का अच्छा बीज"या"अनाज का अच्छा बीज"। इजतमा'ने सोचा कि'ईसा गेहूँ के बीज की बात कर रहा है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
उसका दुश्मन खेत में आया
इसका तर्जुमा"बुरे बीज"या"जंगली घास के बीज"किया जा सकता है। उगने पर वे एक से दिखते हैं लेकिन होते हैं ज़हर।
"जब गेहूँ के बीज उगे"या"जब पौधा निकले"
"अनाज पैदा हुआ"या"गेहूँ की पैदवार तैयार हुई"
इख़्तियारी तर्जुमा होगा, "उन्होंने देखा कि खेत में जंगली पौधे भी हैं"।
'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। इन आयतों में जंगली पौधों की तम्सील ही चल रही है।
यह वही सख़्श है जिसने खेत में अच्छे बीज डाले थे।
"तूने तो खेत में अच्छा बीज डाला था",खेत के मालिक ने मजदूरों से अच्छा डलवाया था।(देखें:यू.डी.बी.) (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion rc://ur-deva/ta/translate/metonymy)
खेत के मालिक ने मजदूरों से कहा
"हम"मजदूरों के हवाला में है।
"खरपतवार उखाड़ दें"कि फेंकी जाएँ।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' इजतमा' को ख़ुदा की बादशाही की ता'लीम दे रहा है। इस 'ओहदे के साथ जंगली पौधों की तम्सील ख़त्म होती है।
"खेत के मालिक ने मजदूरों से कहा"
इसका तर्जुमा तिरछी मिशाल में रखा जा सकता है, "मैं कटनी करने वालों से कहूँगा कि वे पहले जंगली पौधों को जमा'करके जलाने के लिए उनके गट्ठे बाँध लें और फ़िर गेहूँ को मेरे खत्तों में जमा'करें।"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-quotations)
खत्ता वह गोदाम है जहाँ अनाज रखा जाता है।
'ईसा इजतमा' को तम्सिल के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
"'ईसा ने इजतमा'को एक और तम्सील सुनायी"
देखें कि आपने MAT 13:24 में इसका तर्जुमा कैसे किया है
एक बहुत ही छोटा बीज जो बड़ा पौधा बनता है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-unknown )
ख़ास लोगों के लिए राई का दाना सबसे छोटा बीज था(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
"लेकिन जब पौधा मुकम्मल तैयार हो जाता है"
"एक बड़ी झाड़ी हो जाता है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-unknown))
परिन्दें(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)
'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
"'ईसा ने इजतमा'को एक और तम्सील सुनायी।"
देखें कि आपने इसका तर्जुमा MAT 13:24 में कैसे किया है। बादशाही तो ख़मीर के समान नहीं है लेकिन उसका फैलना ख़मीर के समान है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)
"बहुत से आटे में"या आपकी ज़बान में इस नाप के लिए कोई लफ़्ज़ है तो उसका इस्ते'माल करें।(देखें:यू.डी.बी.)
"जब आटा पूरा ख़मीर हो गया"यहाँ छिपा हुआ मतलब है कि आटा तन्दूरी रोटी के लिए तैयार हो गया था।(: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
'ईसा इजतमा' को तम्सिलो के ज़रिए' ख़ुदा की बादशाही के बारे में सिखा रहा है।
यहाँ तरबियत है, "तम्सिल....कहीं....तम्सिल....कहता था।
वे सब ता'लीम जो'ईसा ने MAT 13:1 से देता आ रहा है।
"उसने उन्हें तम्सीलों के बिना कोई ता'लीम नहीं दी"। इख़्तियारी तर्जुमा"उनसे उन्हें जो भी ता'लीम दी वह सिर्फ़ तम्सीलों के के ज़रिए'थी"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-litotes))
जो कलाम नबी के ज़रिए'कहा गया था,वह पूरा हो,इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम से किया जा सकता है, "उसने वह नबुव्वत सच साबित कर दी जो एक नबी ने बहुत पहले की थी"।(यू.डी.बी.) (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive) )
"जो नबी ने कहा था"।
इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम से किया जा सकता है, "जिन बातों को ख़ुदा ने राज़ रखा था"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive )
"दुनिया के शुरू'से"या"जबसे ख़ुदा ने दुनिया को बनाया की"।
'ईसा घर में आया कि अपने शागिर्दों को ख़ुदा की बादशाही के बारे में सुनाए गए तम्सीलों का मतलब समझाए।
"घर के अन्दर गया"या"जिस घर में रह रहा था उसमें गया"।
"बीज बोने वाला"
'ईसा अपने आप के बारे में कह रहा है।
"बादशाही के लोग"
"शैतान के लोग"
जंगली बीज डालने वाला शैतान है।
"ज़मानों का आख़िर"
'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ तम्सीलों का मतलब समझा रहा है।
इसका तर्जुमा मुन्तख़ब में किया जा सकता है।"लिहाज़ा जिस तरह इन्सान जंगली पौधे को जमा'करके जलाता है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive) )
"ज़माने का आख़िर"
'ईसा अपने आप के बारे में कह रहा है इसलिए इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "मैं,इन्सान का बेटा,अपने फ़रिश्तों को भेजूंगा"।
"जो बेतरतीबी फैलाते है"या"बुरे लोग"
आग के हौज़ में"आग के हौज़"का तर्जुमा हो सकता है, "आग की भट्ठी"। अगर भट्ठी लफ़्ज़ ना मा'लूम हो तो"आग"काम में लिया जा सकता है।
"देखने में सूरज के समान आसान होंगे"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)
"कुछ ज़बानो में दुसरे मर्द काम में लेना ज़्यादा आसान होगा", "तुम जो कलाम रखते हो,सुनो"या"तुम्हारी बातें हैं तो सुनो"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-123person)
'ईसा घर के अन्दर गया और अपने शागिर्दों को ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ तम्सीलों के मतलब समझाने लगा। इन दोनों कहानियों में 'ईसा दो मिसालों के ज़रिए' अपने शागिर्दों को समझा रहा है कि आसमान की बादशाही कैसी है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)
देखें कि आपने इसका तर्जुमा MAT 13:24 में कैसे किया है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile))
दौलत इन्तेहाही क़ीमती और लाक़ीमत चीज़ है या चीज़ों का मजमुआ'है। इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम से किया जा सकता है, "किसी ने खेत में दौलत गाड़ कर छिपायी थी।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
"उसे मिट्टी से ढांक दिया"
यहाँ वाज़ेह'इल्म यह है कि वह इन्सान छिपी हुई दौलत को हासिल करने के लिए अपना सब कुछ बेच देता है(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit))
ताजिर का मतलब है दूर से समान लाने वाला बेचने वाला।
यहाँ वाज़ेह'इल्म यह है कि वह ताजिर क़ीमती मोतियों की खोज में था कि उन्हें ख़रीद ले।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
इसका तर्जुमा किया जा सकता है, "अच्छा मोती"या"ख़ूबसूरत मोती"।"मोती"एक चिकना,सख़्त,चमकीला,सफेद या हल्के रंग का मोती होता है जो समुन्द्र में सीपियों में बनती है और नगीने की शक्ल में उसकी क़ीमत बहुत होती है,उससे मंहगे ज़ेवर बनते हैं।
'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ कहानी का मतलब समझाने लगा। इस कहानी में भी 'ईसा तशबीह के ज़रिए' ही अपने शागिर्दों को समझा रहा है कि आसमान की बादशाही कैसा है।(देखें: Simile)
देखें कि आपने इसका तर्जुमा MAT 13:24 में कैसे किया है। बादशाही जाल की तरह नहीं है लेकिन जाल की तरह सब इन्सानों को घेर लेता है। (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)
इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम के ज़रिए' किया जा सकता है, "जाल की तरह जिसे मछुवे समुन्द्र में डालते हैं"।
"जाल जो झील में डाला गया"
"नाना तरह की मछलियाँ घेर लीं"।
"जाल को किनारे पर लाए" या "जाल खींचते हुए किनारे पर आए"।
"अच्छी मछलियाँ"
निकम्मी निकम्मी निकम्मी "ना क़ाबिल मछलियाँ" या "जो मछलियाँ खाने क़ाबिल नहीं थी"।
"नहीं रखीं"
'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ कहानियों का मतलब समझा रहा है।
"ज़माने कि आख़िर"
"निकल आएंगे"या"निकलेंगे"या"आसमान से उतरेंगे"।
"बदकारो को डाल देंगे"
इसका तर्जुमा किया जा सकता है"आग की भट्ठी में"यह जहन्नम की आग के लिए मिसाल है जो पुराने कानून से दानियल3:6से लिया गया है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)अगर"भट्ठी"लफ़्ज़ हदफ़ ज़बान में नहीं है तो"तन्दूर"लफ़्ज़ काम में लिया जा सकता है।
"वहाँ बदकार दांत पीसेंगे और रोएंगे"।
'ईसा अपने शागिर्दों के साथ घर के अन्दर गया और उन्हें ख़ुदा की बादशाही से मुत'अल्लिक़ कहानियों का मतलब समझा रहा है।
ज़रूरी हो तो इसे मुख़ालिफ़ मिसाल में भी लिखा जा सकता है, "'ईसा ने उनसे पूछा कि क्या वे इन सब बातों को समझ गए तो उन्होंने कहा कि वे समझ गए"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-quotations)
"सीख गया है"
ख़ज़ाना क़ीमती और बेस क़ीमती चीज़ है या चीज़ो का मजमुआ है। यहाँ उसका मतलब उनके ज़ख़ीरे से है, "ख़ज़ाना"या"गोदाम"।
'ईसा के रहने की जगह जगह के लोगों के ज़रिए' उसके और उसकी ता'लीमों को छोड़ने की यह कहानी है, जब वह हैकल में ता'लीम दे रहा था।
"रहने की जगह" (देखें यू.डी.बी.)
"उनके"या'नी वहाँ के लोगों का
"वे हैरान थे"
"उसे ऐसे मोजिज़ों की क़ुदरत कहाँ से मिली"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)
बढ़ई या'नी लकड़ी का सामान बनाने वाला। अगर आपकी ज़बान में बढ़ई लफ़्ज़ नामा'लूम है तो"मिस्त्री"लफ़्ज़ काम में ले सकते हैं।
'ईसा के रहने कि जगह जगह के लोगों ने उनके हैकल में दी गई, 'ईसा की ता'लीमो को छोड़ दिया था, उसकी कहानी चल रही है।
"'ईसा के रहने की जगह जगह के लोगों ने'ईसा की वजह से ठोकर खाई"या"उसे क़ुबूल नहीं किया"।
"नबी सब जगह'इज़्ज़त पाता है"या"नबी हर जगह नवाज़ा जाता है है"या"इन्सान हर जगह नबी को'इज़्ज़त देते हैं"
"उसके अपने जगह में"या"अपने ही रहने वाले जगह में"।
"अपने रहने वाली जगह"
"'ईसा ने अपने रहने वाली जगह में बहुत मो'जिज़े नहीं किए"।