'ईसा 'अक़्लमंद और बेवकूफ़ कुंवारियो का तम्सील सुनाते है। (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-parables)
मशालें, (1)बत्तियाँ(यू.डी.बी.)या(2)लकड़ी की छोर पर कपड़ा लपेट कर तेल में तर करके जलाई जानेवाली बत्ती।
उनमें से पाँच "पाँच कुवारियाँ"
"उसके पास सिर्फ़ मशालों में ही तेल था"
'ईसा 'अक़्लमंद और बेवकूफ़ कुंवारियों ही का तम्सील सुना रहा है।
"दसों कुवारियां सोने लगी।"
'ईसा अक़्लमंद और बेवकूफ़ कुंवारियो ही का तम्सील सुना रहे है।
मशालें ठीक करने लगी "जलाने के लिए अपनी मशालों को ठीक किया कि ज़्यादा रोशनी दें"
"बेवकूफ़ कुंवारियों ने अक़्लमंद कुंवारियों से कही"
"हमारी मशालें पूरी रोशनी नहीं दे रही हैं"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)
'ईसा अपने शागिर्दों को अक़्लमंद और बेवकूफ़ कुंवारियों का ही तम्सील सुना रहा है।
"पाँच बेवकूफ़ कुंवारियां जब तेल लेने जा रही थी"
"जिनके पास पूरा तेल था"
इख़्तियारी तर्जुमा"किसी ने दरवाज़ा बन्द कर दिया" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
"दरवाज़ा खोल दे कि हम अन्दर आ जाएँ" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
"मैं नहीं जानता कि तुम कौन हो"
'ईसा वफ़ादार और ग़ददार ग़ुलामो का तम्सील सुनाते है।
"आसमान कि बादशाही उसकी तरह है" (देखें: MAT 25:1)
"जाने के लिए तैयार था"या"जल्द ही जाने वाला था"
"उन्हें अपनी दौलत का हाकिम ठहराया"
"अपनी जायदाद"
एक"तोड़ा"लगभग बीस साल की मजदूरी थी। इसे आज की करेंसी में तर्जुमा न करें। यह तम्सील पांच,दो और एक की मुक़ाबले का है और बड़ी जायदाद का।(देखें यू.डी.बी."सोने के पांच बोरे") rc://ur-deva/obe/other/biblicalmoney)
"वह मालिक सफ़र पर निकल गया"
"पाँच तोड़े और कर लिए"
'ईसा वफ़ादार और ग़ददार ग़ुलामो का ही तम्सील सुना रहा है।
"दो तोड़े और कमाए"
'ईसा वफ़ादार और ग़ददार ग़ुलामो का ही तम्सील सुना रहा है।
"मैंने पाँच और कर लिए"।
देखें आपने इसका तर्जुमा MAT 25:15 में कैसे किया है।
मुबारक है "तूने अच्छा किया है"या"तूने सही काम किया है"। आपकी ज़बान में ज़िक्र होगा कि किसी मालिक(या हाकिम)के ज़रिए'ख़ादिम(या छोटा मज़दूर)के काम की ता'रीफ़ को ज़ाहिर कैसे करें।
'ईसा वफ़ादार और ग़ददार ग़ुलामो का ही तम्सील सुना रहा है।
देखें आपने इसका तर्जुमा MAT 25:20 में कैसे किया है।
देखें आपने इसका तर्जुमा MAT 25:21 में कैसे किया है
'ईसा वफ़ादार और ग़ददार ग़ुलामो की ही तम्सील सुना रहा है।
इख़्तियारी तर्जुमा "तू उस खेत से फल जमा' करता है जहाँ तूने पैसा देकर बीज डलवाया है"। (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-parallelism)
, उस ज़माने में वे 'आलात के ज़रिए' बीज डालने की उम्मीद बीजों को बिखेर दिया करते थे।
"देख तूने जो दिया था वह यह है"।
'ईसा वफ़ादार और ग़ददार ग़ुलामों का ही तम्सील सुना रहे है।
"तू एक बुरा ख़ादिम है जो मेहनत करना नहीं चाहता है"।
देखें कि आपने इसका तर्जुमा MAT 25:24 में कैसे किया है।
"अपना सोना ले लेता" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-ellipsis)
क़र्ज,मालिक के पैसों को काम में लेने का ज़्यादा अदायगी
'ईसा वफ़दारी और ग़ददार ग़ुलामों का ही तम्सील सुना रहा है।
"कहीं ज़्यादा हो जायेगा"।
"जहाँ इन्सान रोता रहेगा और दांत पीसता रहेगा"
'ईसा अब अपने शागिर्दों को बताना शुरू' करता है कि आख़िर वक़्त में वह कैसे इन्साफ़ करेगा।
इख़्तियारी तर्जुमा"वह सब क़ौमो को जमा'करेगा।"(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
"उसके सामने"
सब क़ौमें, "हर एक मुल्क के लोग" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)
बकरियाँ भी भेड़ों के जैसी ही होती है,उन्हें भी भेड़ों कि तरह पाला जाता है।
"इन्सान का बेटा उन्हें खड़ा करेगा"।
'ईसा अपने शागिर्दों को बता रहा है कि आख़िर वक़्त में वह कैसे इन्साफ़ करेगा।
बादशाह"इन्सान का बेटा" (MAT 25:31)
"भेड़ों से" (MAT 25:33)
इख़्तियारी तर्जुमा"आओ,तुम्हें मेरे बाप ने बरक़त दिया है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
इख़्तियारी तर्जुमा"ख़ुदा ने तुम्हारे लिए जो बादशाही तैयार किया है उसके हाकिम हो जाओ"
'ईसा अपने शागिर्दों को बता रहा है कि आख़िर वक़्त में वह कैसे इन्साफ़ करेगा
"ख़ुदा का बेटा" (MAT 25:31)
"उसके दाहिनी तरफ़ वालों से कहेगा"
अगर आपकी ज़बान में औरत मर्द दोनों के लिए एक लफ़्ज़ है तो यहाँ काम में लें।
"मैं उसे मेरी ही ख़िदमत मानता हूँ"।
'ईसा अपने शागिर्दों को बता रहा है कि आख़िर वक़्त में वह कैसे इन्साफ़ करेगा।
"तुम,जिन्हें ख़ुदा ने ला'नत दिया है"
इख़्तियारी'तर्जुमा"आखरी हिस्सा जो ख़ुदा ने तैयार किया है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
उसके मददगारों के लिए
"तुमने मुझे पहनने के लिए कपड़े नहीं दिए"
"मैं बीमार था और क़ैदखाने में था"
'ईसा अपने शागिर्दों को बता रहा है कि आख़िर वक़्त में वह कैसे इन्साफ़ करेगा।
"जो उसके बाई तरफ़ हैं"वे भी कहेंगे" (देखें(MAT 25:41)
"मेरे लोगों में सबसे कम अहमियत के लोगों के साथ"
"मैं यही मानता हूँ कि तुमने मेरे साथ नहीं किया"या"जिसकी तुमने मदद नहीं की वह वाक़ई में मैं ही था"
"सज़ा जिसका कभी आख़िर नहीं होगा"।
"रास्तबाज़ लोग हमशा कि ज़िन्दगी में दाख़िल होंगे"