Matthew 10

Matthew 10:1

यहाँ 'ईसा के ज़रिए' शागिर्दों को ख़िदमत में भेजने का सब हाल शुरू' होता है।

उसने अपने बारह शागिर्दों को बुलाकर

"अपने बारह शागिर्दों को जमा'किया"

इख़्तियार दिया।

यक़ीन करें कि तर्जुमा में यह इख़्तियार वाज़ेह हो(1)नापाक रूहों को निकालना और(2)बीमारों और कमज़ोरों को शिफ़ा करना।

उन्हें निकाले

नापाक रूहों को निकाले

हर तरह की बीमारी और कमज़ोरी को दूर कर ले।

"हर तरह की बीमारी और कमज़ोरी", "बीमारी"और"कमज़ोरी"मुत'अल्लिक़ लफ़्ज़ है लेकिन मुमकिन हो तो इन्हें दो अलग अलग लफ़्ज़ो में ही तर्जुमा करना है।"बीमारी"इन्सान को बीमार बनाती है। कमज़ोर जिस्म की ख़राबी या तकलीफ़ है जो बीमारी के नतीजा जैसे होती है।

Matthew 10:2

'ईसा के ज़रिए' अपनी ख़िदमत के ख़ातिर बारह शागिर्दों को भेजने का सब हाल ही चल रहा है जिसका शुरू' MAT 10:1 में हुआ था।

पहला

तरतीब में न कि'उहदा में।

जेलोतेस(शमौन)

इसके मुमकिन मतलब हैं(1) "जेलोतेस"या(2) "जोशीला"। जेलोतेस का मतलब है कि वह उस'मजलिस का मेम्बर था जो यहूदियों को रोमी सल्तनत से आज़ाद करना चाहते थे। इख़्तियारी तर्जुमा"वतन परस्त"या"कौम परस्त"या"आज़ाद फ़ौजी"। दूसरा मतलब, "जोशीला"से समझ में आता है कि वह ख़ुदा के इह्तराम के लिए जोशीला था,इसका इख़्तियारी तर्जुमा हो सकता है, "उत्साही"।

महसूल लेने वाला मत्ती

"मत्ती जो महसूल लेनेवाला था"।

जिसने उसे पकड़वाया।

"जो'ईसा के साथ धोखा करेगा"।

Matthew 10:5

'ईसा के ज़रिए' अपनी ख़िदमत के ख़ातिर बाहर शागिर्दों के भेजने का सब हाल चल रहा है।

इन बारहों को ईसा ने....भेजा।

"'ईसा ने इन बारह शागिर्दों को भेजा",या"'ईसा ने जिन बारहों शागिर्दों को भेजा वे ये हैं"।

भेजा

'ईसा ने इन बारहों को एक ख़ास मक़सद से भेजा था।"भेजा" "रसूल"की काम कि शक्ल है जिस लफ़्ज़ का इस्ते'माल MAT 10:2 में किया गया है।

ईसा ने यह हुक्म देकर

'ईसा ने यह हुक्म देकर,"उसने उन्हें कहा कि उन्हें क्या करना होगा"इसका तर्जुमा इस तरह भी हो सकता है, "उसने उन्हें हुक्म दिया"।

इस्राईल के घराने ही की खोई हुई भेड़ें।

यह एक मिसाल है जो इस्राईल मुल्क का मुक़ाबले ऐसी भेड़ों से करता है जो चरवाहे से अलग होकर भटक गई हैं।(देखें यू.डी.बी.) (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor /मिसाल)

इस्राईल के घराने

यह हिदायत इस्राईली क़ौम से मुत'अल्लिक़ है। इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "इस्राईलियों"या"इस्राईल वालों" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

चलते

चलते यह बारह शागिर्दों के बारे में है।

आसमान कि बादशाही नज़दीक आ गई है।

इसका तर्जुमा आप वैसे ही करेंगे जैसे आपने इस ख़याल का तर्जुमा MAT 3:2 में किया है।

Matthew 10:8

'ईसा के ज़रिए' अपने ख़िदमत के काम की ख़ातिर बारह शागिर्दों को भेजने का सब कहानी ही चल रही है जिसका शुरू' MAT 10:1 में हुआ है।

तुम....तुम्हारा

या'नी बारह हौसला अफज़ाई(शागिर्द)

न तो सोना,और न रूपा और न ताँबा रखना।

"सोना,चाँदी,ताँबा कुछ नहीं रखना"।

रखना

"हासिल करना", "क़ुबूल करना"या"लेना”

न सोना,न चाँदी,न तांबा।

ये वे धातु थी जिनसे सिक्के बनते थे। यह पैसों के लिए'अलामती तौर पर इस्ते'माल है। अगर आपके लिए ये धातएं अनजान है तो इनका तर्जुमा"पैसा"करें।(यू.डी.बी.)

पटुका

कमर बन्द का मतलब है"पैसा रखने वाले कमरबंध"या इससे मुराद पैसा रखने की थैली से भी हो सकता है।"कमर बन्द"कमर में बांधने का कपड़े या चमड़े का पट्टा होता था। वह काफी चौड़ा होता था कि अगर उसे मोड़ लें तो उसमें पैसा रखा जा सकता था।

झोली

झोली,सफ़र में बराबर लेकर चलने के लिए थैला या खाना या पैसा मांगने के लिए झोली।

दो कुरते

यहाँ कुरते के लिए वही लफ़्ज़ काम में ले जो MAT 5:40 में काम में लिया गया है।

मजदूर

"काम करनेवाले"

खाना

"ज़रूरत की चीज़ें"

Matthew 10:11

'ईसा के ज़रिए' अपने ख़िदमत के काम की ख़ातिर बारह शागिर्दों को भेजने का सब तफ़सील ही चल रही है जिसका शुरू' MAT 10:1 में हुआ है।

तुम....तुम्हारा

यह ज़मीर रसूलों के लिए काम में लिया गया है।

जिस किसी शहर या गाँव में जाओ।

जिस किसी शहर या गाँव में आओ, "जब किसी शहर या गाँव में दाख़िल करो",या"उस हर एक शहर या गाँव जिसमें तुम दाख़िल करो"।

शहर....गाँव

"बड़ा गाँव....छोटा गाँव"या"बड़ा शहर....छोटा शहर"ये लफ़्ज़ वही हैं जिसको MAT 9:35 में काम में लिया गया है।

जब तक वहाँ से न निकलो उसी के यहाँ रहो।

"उसी इन्सान के घर में रहना जब तक कि शहर या गाँव से रवानगी न करो"।

घर में दाख़िल करते हुए उसको बरक़त देना।

"घर में दाख़िल करते ही वहाँ रहनेवालों को बरकत देना"। उस वक़्त का रिवायती बरकत थी, "इस ख़ानदान को इत्मीनान मिले"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

अगर उस घर के लोग क़ाबिल होंगे।

"अगर उस घर के लोग तुम्हारा अच्छा इस्तक़बाल करें" (यू.डी.बी.)या"उस घर के लोग तुम्हारे साथ अच्छा सुलूक करें"।(देखें /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

तो तुम्हारा भलाई उन पर पहुँचेगा।

"उन्हें इत्मीनान मिलेगा"या"उस घर के लोग इत्मीनान में जिएंगे"।(देखें:यू.डी.बी.)

तुम्हारा भलाई

वह इत्मीनान जिसके लिए रसूल ख़ुदा से मिन्नत करें कि वह उस ख़ानदान को दे।

अगर वे क़ाबिल न हों।

"अगर वे तुम्हारा अच्छा इस्तक़बाल न करें" (यू.डी.बी.)या"अगर वे तुम्हारे साथ अच्छा सुलूक न करें"।

तुम्हारा भलाई तुम्हारे पास लौट आयेगा।

इसका मतलब दो में से एक हो सकता है, (1)अगर वह ख़ानदान क़ाबिल न हुआ तो ख़ुदा अपना इत्मीनान या बरकत उस ख़ानदान से रोक लेगा,जैसा यू.डी.बी में इज़हार किया गया है या(2)अगर वह ख़ानदान क़ाबिल न हुआ तो रसूलों से कुछ करने की उम्मीद की गई है,जैसे,ख़ुदा से मिन्नत करना कि उनका मुबारक बाद क़ुबूल न करे। अगर आपकी ज़बान में बरकत को वापस लेने का या उसके असर को बेकार करने का लफ़्ज़ है,जो उसे काम में लें।

Matthew 10:14

'ईसा के ज़रिए' अपने ख़िदमत काम के ख़ातिर बारह शागिर्दों को भेजने का सब हाल ही चल रहा है जिसका शुरू' MAT 10:1 में हुआ है।

जो कोई तुम्हें क़ुबूल न करे और तुम्हारी बातें न सुने।

"अगर उस शहर में तुम्हें कोई क़ुबूल न करे या तुम्हारी बातें न सुने।"

तुम...अपने

या'नी बारह रसूल(शागिर्द)

तुम्हारी बातें न सुने

"तुम्हारा पैग़ाम न सुने" (यू.डी.बी.)या"तुम्हें जो कहना है,न सुने"।

शहर.…

इसका तर्जुमा वैसे ही करें जैसे MAT 10:11 में किया है।

अपने पाँवों की धूल झाड़ डालो।

"उस घर या शहर की धूल अपने पैरों में से झाड़ दो"यह एक निशानी है कि ख़ुदा ने उस घर या शहर के लोगों को छोड़ दिया है।(देखें यू.डी.बी.)

ज़्यादा सहने क़ाबिल होगी।

दर्द कम होगा।

सदोम और अमोरा के मुल्क

"सदोम और अमूरा के रहने वाले"जिन्हें ख़ुदा ने आसमान से आग गिराकर राख़ कर दिया था।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

उस शहर

जिस शहर के लोग रसूलों को क़ुबूल न करें या उनका पैग़ाम न सुने।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

Matthew 10:16

'ईसा अपने बारह शागिर्दों के उस सताव के बारे में गुफ़्तगू करता है जो अपने ख़िदमत के काम को करने की वजह से उन्हें सहना होगा।

देखो

"देखो"लफ़्ज़ यहाँ पेशगी गुफ़्तगू पर ज़ोर डालता है इसका इख़्तियारी तर्जुमा होगा, "तवज़्ज़ह दो"या"सुनो"या"जो मैं कहने जा रहा हूँ उस पर तवज़्ज़ह दो"।(देखें यू.डी.बी.)

मैं तुम्हें....भेजता हूँ।

'ईसा उन्हें एक ख़ास मक़सद की ख़ातिर भेज रहा है।

भेड़ों कि तरह भेड़ियों के बीच।

'ईसा अपने शागिर्दों को जिन्हें वह भेज रहा है उनका मुक़ाबला ग़ैरमहफूज भेड़ों से करता है,जो ऐसी जगह जाएंगी जहाँ उन पर जंगल में जानवरों को हमले का अंदेसा है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile /तशबीह)

भेड़ों कि तरह

ग़ैर महफूज(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)

भेड़ियों के बीच

आप इस तशबीह को वाज़ेह करके कह सकते है, "ऐसे इन्सानों के बीच जो ख़तरनाक भेड़ियें हैं"। या"ऐसे इन्सानों के बीच जो ख़तरनाक जानवरों का सा सुलूक करते हैं",या क़यास इज़हार करें"उन लोगों के बीच जो तुम पर हमले करेंगे।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

इसलिए सांपों कि तरह'अक़लमन्द और कबूतरों के तरह नम्र बनो।

यहाँ इस तशबीह को काम में नहीं लेना ही अच्छा है, "समझदारी और इहतियात से काम करना साथ ही साथ अच्छेपन और ख़ूबियों का ज़ाहिर करना"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-simile)

लोगों से ख़बरदार रहो,क्योंकि वे तुम्हें'अदालते अलिया में सौंपेंगे।

"ख़बरदार रहना क्योंकि वे तुम्हें पकड़वाएंगे"।

ख़बरदार रहो।

"ख़बरदार रहो", "इहतियात रहो",या"इन्तिहाई सोच समझ कर चलना", (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)

सौपेगें

'ईसा के साथ यहूदा ने जो किया उसके लिए यही लफ़्ज़ है(देखें यू.डी.बी.)सही'तर्जुमा"धोखे से पकड़वायेंगे"या"तुम्हें पकड़वायेंगे",या"तुम्हें क़ैदी बनवाकर मुक़दमा चलाएंगे"।

पंचायत

जमा'त ए ख़ास,या'नी मुक़ामी मज़हबी रहबर या जो रहबर क़ौम में इत्मीनान बनाए रखते हैं। इख़्तियारी तर्जुमा है, "अदालतों"।

कोड़े मारेंगे।

"कोड़ों से पीटेंगे"।

पहुँचाए जाओगे।

"तुम्हें लाएंगे"या"तुम्हें घसीटेंगे" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

मेरे लिए

"क्योंकि तुम मेरे हो" (यू.डी.बी.)या"क्योंकि तुम मेरी पैरवी करते हो"।

Matthew 10:17

उन पर और दुसरे क़ौमों पर

ज़मीर"उन"से मुराद है"हाकिमों और बादशाहओं"या यहूदी इल्ज़ाम लगाने वाले।

Matthew 10:19

'ईसा अपने शागिर्दों को उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

जब वे तुम्हें पकड़वाएंगे।

"जब इन्सान तुम्हें पकड़वाए"यहाँ वे या'नी इन्सान वही है जो MAT 10:17 में हैं।

पकड़वाएं

इसका तर्जुमा वैसा ही करें जैसा MAT 10:17 में"पकड़वाने"का किया है।

तू

इस मुकम्मल कहानी में"तुम"और"तुम्हारे"का हवाला रसूलों से है।

फ़िक्र न करना।

"परेशान न होना"

हम किस रिवायत से या क्या कहेंगे।

"तुम्हें कैसे और क्या कहना है;दोनों ख़्यालों को जोड़ा जा सकता है", "तुम्हें क्या कहना होगा"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hendiadys)

उसी घड़ी

"उसी वक़्त" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

तुम्हारे बाप कि रूह

अगर ज़रुरी हो तो इसका तर्जुमा हो सकता है, "तुम्हारे आसमानी बाप की रूह"या'ओहदे का तबसरा लिखा जाए कि यह ख़ुदा बाप का पाक रूह है,न कि दुनयावी बाप की रूह।

तुम में

"तुम्हारे ज़रिए'से"

Matthew 10:21

'ईसा अपने शागिर्दों को उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

भाई

भाई को और बाप बेटे को हलाक़त के लिए सौंपेंगे। इख़्तियारी तर्जुमा"भाई भाई को मरवाने के लिए पकड़़वाएगा और बाप अपनी औलाद को मरवाने के लिए पकड़वाएगा"।

सौंपेगे

इसका तर्जुमा वैसा ही करना होगा जैसा MAT 10:17 में"सौपेंगे"का किया है।

ख़िलाफ़ में उठकर

"बग़ावत करेंगे" (यू.डी.बी.)या"ख़िलाफ़ हो जायेंगे"

उन्हें मरवा डालेंगे।

"उन्हें धोका देंगे"या"हाकिमों के ज़रिए'उन्हें सज़ा ए मौत दिलवाएंगे।"

सब लोग तुमसे बैर करेंगे।

इख़्तियारी तर्जुमा"सब तुमसे नफ़रत करेंगे"या"इन्सान तुमसे नफ़रत करेंगे"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

तुम्हें....तुम

या'नी बारह हौसला अफज़ाई(शागिर्द)

मेरे नाम की वजह

"मेरी वजह"या"क्योंकि तुम मुझमें ईमान रखते हो"।(यू.डी.बी.)

जो सब्र रखे रहेगा

"जो ईमानदार बना रहेगा"।

उसी का मिसाल होगा।

इख़्तियारी तर्जुमा"ख़ुदा उसे बचा लेगा"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

दूसरे को भाग जाना।

"दूसरे शहर में चले जाना"

आ जायेगा

"पहुँच जायेगा"।

Matthew 10:24

'ईसा अपने शागिर्दों को उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

शागिर्द अपने उस्ताद से बड़ा नहीं होता।

यह एक आम हक़ीक़त है न कि किसी शागिर्द ख़ास या उसके उस्ताद के बारे में है। शागिर्द अपने उस्ताद से ज़्यादा ख़ास नहीं होता है। इसकी वजह है कि वह"उस्ताद से ज़्यादा'ईल्म नहीं रखता है"या उसका"'ओहदा बड़ा नहीं है"या"ज़्यादा अच्छा नहीं है"। इख़्तियारी तर्जुमा है, "शागिर्द हमेशा ही उस्ताद से कम ख़ास होता है"या"उस्ताद हमेशा ही शागिर्द से ज़्यादा ख़ास होता है।"

न ग़ुलाम अपने मालिक से।

"ग़ुलाम अपने मालिक पर हाकिम नहीं होता है"यह भी एक आम हक़ीक़त है,न कि किसी ग़ुलाम ख़ास या उसके मालिक से मुत'अल्लिक़ है। ग़ुलाम अपने मालिक से न तो"ज़्यादा बड़ा"होता है न ही"ज़्यादा ख़ास"होता है। इख़्तियारी तर्जुमा"ग़ुलाम हमेशा ही अपने मालिक से कम ख़ास होता है",या"मालिक हमेशा ही ग़ुलाम से ज़्यादा ख़ास होता है"।

ग़ुलाम

"ग़ुलाम"

मालिक

"मालिक"

शागिर्द का उस्ताद के बराबर होना ही बहुत है।

"शागिर्द"को अपने उस्ताद के जैसा होने में ही सब्र करना है"।

उस्ताद कि तरह

"अपने उस्ताद की मानिन्द'आलिम"या"जैसा उस्ताद वैसा शागिर्द"होना ही काफ़ी है।

ग़ुलाम कि अपने मालिक के बराबर।

....और ग़ुलाम को अपने मालिक की मानिन्द ख़ास होना ही काफ़ी है“।

उन्होंने घर के मालिक को शैतान कहा तो उसके घरवालों को क्या कुछ न कहेंगे।

'ईसा के साथ बुरा सुलूक किया जा रहा था लिहाज़ा'ईसा के शागिर्दों को भी वैसे ही सुलूक बल्कि उससे भी बुरे की उम्मीद करना है।(देखें यू.डी.बी)

अगर उन्होंने....कहा

इख़्तियारी तर्जुमा"क्योंकि उन्होंने...कहा है।"

घर के मालिक को

'ईसा"घर के मालिक"को अपने लिए तशबीह के तौर पर काम में ले रहा है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

शैतान

असल ज़बान में इसका मतलब हो सकता है, (1)बालज़बूल(2)या इसका मतलब शैतान होता है।

उसके घरवालों को

'ईसा"घरवालों को"मिसाल के तौर पर शागिर्दों के लिए काम में ले रहा है।

Matthew 10:26

'ईसा अपने शागिर्दों को उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

इन्सानों से मत डरना।

"वे"ज़मीर उन इन्सानों का'इल्म कराती है जो'ईसा के शागिर्दों को सताते थे।

कुछ ढका नहीं,जो खोला न जायेगा,और न कुछ छिपा है जो जाना न जायेगा।

इस क़यास का तर्जुमा इस तरह भी किया जा सकता है, "ख़ुदा इन्सानों की छुपी बातों को ज़ाहिर कर देगा"।(देखें: : /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-parallelism, /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

जो मैं तुमसे तारीकी में कहता हूँ,उसे तुम रोशनी में कहो,और जो कानों

कान सुनते हो,उसे छतों पर से'एलान करो। इस क़ियास का तर्जुमा हो सकता है, "मैंने जो तारीकी में कहा उसका दिन में'ऐलान करो और जो कान में धीमी आवाज़ में सुनते हो उसका छतों पर से'ऐलान करो"।

जो मैं तुमसे तारीकी में कहता हूँ

“जो मैं तुमसे छुपा करके कहता हूँ“ या ”जो बातें मैं तुमसे अकेले में कहता हूँ”(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)।

रोशनी में कहो

"खुलकर कहो"या"सबको सुनाओं" (देखें यू.डी.बी.) (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

जो कानों में सुनते हो।

"मैं तुम्हारे कानों में जो धीमी आवाज़ में कहता हूँ।"

उसे छतों पर से'एलान करो।

"सबको ऊंचे लफ़्ज़ो में सुनाओ" 'ईसा के ज़माने में घर की छतें बराबर होती थी और अगर वहाँ से कोई कुछ कह ले सब सुन सकते थे।

Matthew 10:28

'ईसा अपने शागिर्दों को उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

जो शरीर को हलाक करते हैं पर रूह को हलाक नहीं कर सकते उनसे मत डरना।

"इन्सानों से मत डरना क्योंकि वे जिस्म को हलाक करते हैं रूह को नहीं"।

जिस्म को हलाक करते हैं।

जिस्म को मार सकते हैं अगर ये लफ़्ज़ ग़ैर मुनासिब मा'लूम हों तो इसका तर्जुमा हो सकता है, "जो तुम्हारा क़त्ल करते हैं"या"इन्सानों का क़त्ल करते हैं"।

जिस्म

इन्सान का वह'अज़्व जो हुआ जा सकता है।

रूह को हलाक नहीं कर सकते

इन्सान के मरने के बा'द नुक़सान नहीं पहुंचा सकते।

रूह

इन्सान का वह'अज़्व जिसको छुआ नहीं जा सकता और जो मरने के बा'द ज़िन्दा रहता है।

क्या पैसो में दो गौरैयें नहीं बिकतीं?

इस सवाल का तर्जुमा हो सकता है, "गौरैयों को देखो। उनकी क़ीमत कितना कम है कि एक पैसे में दो ख़रीदी जा सकती हैं"(यू.डी.बी.)।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion)

गौरैयें

इन छोटे दाना चुगने वाले परिन्दों को मिसाल के तौर पर उन चीज़ों लिए काम में लिया जाता है जिन्हें बेफ़ायदा समझा जाता है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

पैसा

इसका तर्जुमा मौजूदा ज़बान में सबसे छोटे सिक्के के लिए किया जाए। यह एक ताँबे का सिक्का था जो मज़दूर की एक दिन की मज़दूरी सौलहवें हिस्से के बराबर था। इसका तर्जुमा"बहुत कम पैसों में"भी हो सकता है।

तौभी तुम्हारे बाप की ख्वाहिश के बिना उनमें से एक भी ज़मीन पर नहीं गिर सकती।

इस मुज़ाहरे का तर्जुमा इस तरह हो सकता है, "उनमें से एक भी मरेगी तो बाप को उसकी'इल्म होगा"। या"सिर्फ़ बाप की'इल्म से ही एक भी मरेगी"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-litotes)

एक भी।

"एक भी गौरैया"

ज़मीन पर नहीं गिर सकती।

"नहीं मर सकती"

तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।

"ख़ुदा जानता है कि तुम्हारे सिर पर कितने बाल हैं।" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

गिने हुए हैं।

"शुमार की हुई है"।

तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।

ख़ुदा तुम्हें बहुत ज़्यादा गौरैयों से बढ़कर मानता है।

Matthew 10:32

'ईसा अपने शागिर्दों से उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

जो कोई इन्सानों के आगे मुझे मान लेगा।

“जो इन्सानों के सामने ज़ाहिर करे कि वह मेरा शागिर्द है” या “जो कोई इन्सानों के सामने मेरे लिए मेरी परस्तिश को क़ुबूल करेगा”।

मान लेगा।

"क़ुबूल करेगा" (यू.डी.बी.)

इन्सानों के सामने

"इन्सानों के सामने"या"दूसरों के सामने"

अपने आसमानी बाप

'ईसा आसमानी बाप ख़ुदा के बारे में कह रहा है।

जो कोई इन्सानों के सामने मेरा इन्कार करेगा।

जो कोई इन्सानों के सामने मेरा इंकार करेगा"जो कोई इन्सानों के सामने मुझे ठुकराएगा"या"जो इन्सानों के सामने तुमसे नफ़रत करेगा"या"जो इन्सान के सामने मेरा शागिर्द होना क़ुबूल नहीं करेगा"या"जो मेरे फ़िर मालिक की परस्तिश का इन्कार करेगा"।

Matthew 10:34

'ईसा अपने शागिर्दों से उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

यह न समझो

"ऐसा नहीं सोचना"या"यह नहीं मानना"

तलवार

इस मिसाल का मतलब हो सकता है, (1)तशादुद् मौत(देखें सलीब10:37/10:38)या(2)तक़सीम कारी दुःख(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

कर दूँ।

"बदल दूँ",या"तक़सीम कर दूं"या"अलग कर दूँ"।

इन्सान को उसके बाप से

"बेटा को बाप के ख़िलाफ़"

इन्सान के दुश्मन

इन्सान के दुश्मन या"इन्सान के सबसे बड़े दुश्मन"

उसके घर ही के लोग होंगे।

"उसके ख़ानदान के अपने मेम्बर"

Matthew 10:37

'ईसा अपने शागिर्दों को उनके आने वाले सताव की गुफ़्तगू कर रहा है, इसका शुरू' MAT 10:16 में हुआ है।

जो अपने माँ

बाप को मुझसे ज़्यादा'अज़ीज़ जानता है वह मेरे लायक़ नहीं। इख़्तियारी तर्जुमा"जो....अज़ीज़ जानते हैं वे....लायक़ नहीं"या"अगर तुम....मुहब्बत करते हो तो....लायक़ नहीं।"

जो

इसका तर्जुमा यह भी हो सकता है, "जो कोई"या"वह जो"या"जो इन्सान"।(देखें यू.डी.बी.)

'अज़ीज़ जानते हैं।

यहाँ"अज़ीज़"का मतलब है"भाई चारे का मुहब्बत" "या" "दोस्त का मुहब्बत"इसका तर्जुमा यह भी हो सकता है, "फ़िक्र करता है"या"सुपूर्द है” या"लगाव रखता है"।

मेरे लायक नहीं।

इसका तर्जुमा यह भी हो सकता है, "मेरा होने के लायक़ नहीं"या"मेरा होने के लायक़ नहीं"या"मेरा शागिर्द होने के लायक़ नहीं"या"मेरा होने का नहीं"।(देखें यू.डी.बी.)

जो अपना सलीब लेकर मेरे पीछे न चले।

इख़्तियारी तर्जुमा"जो अपना सलीब न उठाएं वे....लायक़ नहीं"या"अगर तुम अपना सलीब न उठाओ तो...लायक़ नहीं"या जब तक तुम अपना सलीब न उठाओ तब तक...लायक़ नहीं"।

सलीब लेकर मेरे पीछे न चले।

यह मरने के लिए तैयार रहने का मिसाल है। आपको सामान उठाकर किसी के पीछे चलने का कोई आसान लफ़्ज़ काम में लेना होगा।(देखें: Metaphor)

उठाकर

"लेकर"या"उठाकर चलना"।

जो....बचाता है....खोएगा,जो खोता है वह उसे पायेगा।

इनका तर्जुमा यथा मुमकिन कम से कम लफ़्ज़ो में करना होगा। इख़्तियारी'तर्जुमा"जो खोज में रहेंगे....खोएंगे और जो खोएंगे....पाएंगे"या"अगर तुम खोजते हो तो खोओगे....खोओगे तो....पाओगे"।

पायेगा

यह"रखने"या"बचाने"के लिए'आलामती इस्ते'माल है। इसका इख़्तियारी तर्जुमा है, "रखने का कोशिश करता है"या"हिफ़ाजत करने की कोशिश करता है"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

खोएगा।

इसका मतलब यह नहीं कि इन्सान मर जायेगा। यह"सच्चा ज़िन्दगी नहीं पाएगा"के लिए मिसाल काफ़ी है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

खोता है।

इख़्तियारी तर्जुमा हैः"छोड़ता है"या"छोड़ने के लिए तैयार हैं"।

मेरे लिए

"क्योंकि वह मुझ में ईमान रखता है" (देखें यू.डी.बी.)या"मेरे लिए",या"मेरे लिए"। यह वही ख्याल है जो MAT 10:18 में ज़ाहिर है।

उसे पाएगा

इस मिसाल का मतलब है"सच्चा ज़िन्दगी पाएगा" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

Matthew 10:40

'ईसा अब अपने शागिर्दों से कहना शुरू' करता है कि जब वे निकलेंगे तब उनकी मदद करने वालों को वह 'अज़र देगा।

वह जो

इसका तर्जुमा हो सकता है, "जो कोई"या"हर एक जो"या"वह जो"।(देखें:यू.डी.बी.)

क़ुबूल करता है।

यह वही लफ़्ज़ है,जो MAT 10:14 में आया है, "क़ुबूल"जिसका मतलब है मेहमान को जैसे क़ुबूल करना।

तू

"तुम्हें इसमें जमीर का मतलब है वे शागिर्द जिनसे'ईसा बातें कर रहा है।"

मेरे भेजने वाले को क़ुबूल करता है।

"मेरे बाप ख़ुदा को क़ुबूल करता है जिसने मुझे भेजा है"।

Matthew 10:42

इसके साथ ही 'ईसा अपने रसूलों को क़ुबूल करने वालों के अज़र की गुफ़्तगू ख़त्म करता है।

पिलाए

"जो कोई भी पिलाए"

इन छोटों में से एक को मेरा शागिर्द जानकर एक कटोरा ठंडा पानी पिलाए।

इन छोटों में से एक को मेरा शागिर्द जानकर एक कटोरा ठंडा पानी पिलाए। इसका तर्जुमा इस तरह भी हो सकता है, "क्योंकि वह मेरा शागिर्द है इन छोटों में से किसी एक को भी"या"मेरे शागिर्दों में छोटे से छोटे को भी ठंडा पानी पिलाए"।

वह किसी रिवायत से अपना अज्र न खोएगा।

"वह इन्सान ज़रुर ही अपना अज्र पाएगा"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-litotes)

खोएगा।

"इन्कार किया जाएगा"इख़्तियार से इसका कोई रिश्ता नहीं है।