Matthew 24

Matthew 24:1

'ईसा अब अपने शागिर्दों के साथ उसके फ़िर आने की वाक़े'आत की गुफ़्तगू शुरू' करता है। #तुम यह सब देख रहे हो न! मुमकिन मा'नी(1) 'ईसा हैकल के बारे में कह रहा है(इख़्तियारी तर्जुमा"इन इमारतों के बारे में मैं तुमसे कहता हूँ")या(2) 'ईसा अभी अभी ज़ाहिर किए गए तबाही के बारे में कह रहा है।("तुम्हें समझ लेना था कि मैंने अभी अभी तुम से क्या कहा था,लेकिन तुम नहीं समझे!") (देखेः:en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

Matthew 24:3

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #ख़बरदर रहो कि कोई तुम्हें गुमराह न करने पाए। "ख़बरदार रहना कि कोई तुम्हें इन बातों के बारे में झूठ न कहे"।

Matthew 24:6

'ईसा अपने शागिर्दों से आख़िरी वक़्त से मुत'अल्लिक़ वाक़े'आत की गुफ़्तगू करता है। #घबरा न जाना "ये वाक़े'आएं तुम्हें परेशान न कर दें" (देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

Matthew 24:9

'ईसा शागिर्दों से आख़िरी वक़्त से मुत'अल्लिक़ वाक़े'आत की ही गुफ़्तगू कर रहा है। #तुम्हें पकड़वाएंगे तुम्हें पकड़वाएंगे "जो तुम्हें सताना चाहते है वे तुम्हें क़ैदी बनवाएंगे"

#पकड़वाएं इसका तर्जुमा वैसा ही करें जैसा:en:bible:notes:mat:10:16|10:17में किया गया है।

Matthew 24:12

'ईसा अपने शागिर्दों से आख़िर वक़्त की वाक़े'आत की ही गुफ़्तगू कर रहा है। #बहुतों का मुहब्बत ठंडा पड़ जायेगा। मुमकिन मा'नी(1) "लोग आपस में मुहब्बत नहीं रखेंगे" (देखें यू.डी.बी.)या(2) "ज़्यादा तर लोग ख़ुदा से मुहब्बत नहीं रखेंगे"।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

#सब क़ौमो पर इख़्तियारी तर्जुमा"सब जगहों में सब लोग" (देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

Matthew 24:15

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #जिसकी चर्चा दानिय्येल नबी के ज़रिए हुई थी इख़्तियारी तर्जुमा"जिसके बारे में नबी दानिय्येल ने लिखा है"।(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

Matthew 24:19

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #जो हामेला जो हामेंला"हामेंला'औरते" (देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_euphemism)

#जाड़े में "सर्द मौसम"

#जान लोग(देखें:en:ta:vol2:translate:figs_synecdoche)

Matthew 24:23

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #तो ईमान न करना "उनकी झूठी बातों पर ईमान नहीं करना"

Matthew 24:26

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #जैसे बिजली मशरिक़ से निकलकर मग़रिब तक चमकती जाती है,वैसा ही इन्सान के बेटे का भी आना होगा। उसका आना बड़ी तेजी से होगा और सब उसे देखेंगे।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_simile)

#जहाँ मुर्दा हो वहाँ गिध जमा'होंगे। मुमकिन मा'नी(1)जब इन्सान का बेटा आयेगा तब सब उसे देखेंगे और जान लेंगे कि वह आ गया है।(देखें यू.डी.बी.)या(2)जहाँ रूहानी में मुर्दा हो,झूठे नबी वहाँ ज़रुर होंगे कि उन्हें झूठी बातें सुनाएँ(देखें(en:bible:notes:mat:24:09|24:11) (देखें:en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#गिध मुर्दा इन्सानों या जानवरों को खाने वाले बड़े परिन्दे।

Matthew 24:29

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #ज़ल्द ही "फ़ौरन ही"

#उन दिनों :en:bible:notes:mat:24:32|24:23 28में मशहूर दिन

#सूरज तारिक हो जाएगा "ख़ुदा आफ़ताब को तारिक कर देगा।" (देखें: Active/Passive)

#आसमान की ताक़ते हिलाई जायेंगी। आसमान की ताक़ते हिलाई जायेंगी।"ख़ुदा आसमान और उसके बा'द उथल पुथल करेगा"।(देखें: Active/Passive)

Matthew 24:30

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #छाती पीटेंगे वे आनेवाले सज़ा की डर से छाती पीटेंगे।

#जमा'करेंगे। "उसके फरिश्ते बर्गुज़िदा को जमा'करेंगे"।

#उसके बर्गुज़िदा हुओं को जिन्हें इन्सान के बेटे ने चुना है।

#चारों सिमतो से इख़्तियारी तर्जुमा"मशरिक,मग़रिब,शुमाल,जुनूब से" (देखें यू.डी.बी.)या"सब जगहों से" (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

Matthew 24:32

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #दरवाज़ा बन्द करों हमला करने वाली फ़ौज की तरह जो शहर में दाख़िल करने ही वाली है(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

Matthew 24:34

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #इस पुस्त का आख़िर नहीं होगा। "जो लोग इस वक़्त हैं उनके मर जाने तक" (देखें:en:ta:vol2:translate:figs_euphemism)

#जब तक ये सब बातें पूरी न हों। इख़्तियारी तर्जुमा"जब तक ख़ुदा यह सब न कर दे"

#आसमान और ज़मीन टल जायेंगे। "आसमान और ज़मीन भले ही न रहें"

Matthew 24:36

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #न बेटा "बेटा भी नहीं"

Matthew 24:37

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #जैसे नूह के दिन थे वैसे ही इन्सान के बेटे का आना भी होगा। इख़्तियारी तर्जुमा"जिस दिन इन्सान का बेटा फ़िर:आयेगा वह दिन ऐसा वक़्त होगा जैसा नूह के दिनों में था"क्योंकि कोई नहीं जानता था की तबाही आनेवाली है।

#जैसे पानी तूफ़ान से पहिले के दिनों में, ...लोग खाते पीते थे,और उन में ब्याह शादी होती थी। और जब तक पानी तूफ़ान आकर उन सब को बहा न ले गया...वैसे ही इन्सान के बेटे का भी आना होगा। इख़्तियारी तर्जुमा"इन्सान के बेटा के आने से पहले का वक़्त वैसा ही होगा जैसा पानी तूफ़ान से पहले का वक़्त था जब सब खाते पीते थे...सबको बहा न ले गया"।

Matthew 24:40

'ईसा शागिर्दों से अपने आने की गुफ़्तगू कर रहा है। #तब जब इन्सान का बेटा आएगा

#एक ले लिया जाएगा और दूसरा छोड़ दिया जाएगा। मुमकिन मतलब, (1)ख़ुदा एक को आसमान में ले जाएगा और दूसरे को सज़ा के लिए ज़मीन पर छोड़ देगा।(देखें यू.डी.बी.)या(2)फ़रिश्ते एक को सज़ा के लिए ले जायेंगे और दूसरे को बरक़त के लिए रख देंगे।(देखें: :en:bible:notes:mat:13:40|13:40 43).

#चक्की पीसती गेहूँ पीसने का ज़रिया’

#इसलिए "मैंने जो कहा है,इस वजह"

#जागते रहो "तवज़्ज़ह दो"

Matthew 24:43

'ईसा अपने शागिर्दों को समझा रहा है कि उसके फ़िर आने के लिए कैसे तैयार रहें। #चोर 'ईसा के कहने का मतलब है कि वह अचानक ही आयेगा,चोरी करने नहीं।

#तो जागता रहता "वह अपने घर की चौकसी करता"कि महफ़ुज़ रहे।

#घर में नकब लगने न देता "वह चोरी के लिए किसी को भी घर में घुसने नहीं देता"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

Matthew 24:45

'ईसा अपने शागिर्दों को फ़िर आने की तैयारी ही की ता'लीम दे रहा है। #लेकिन वह वफ़ादार और अक्लमंद ख़ादिम कौन है? इख़्तियारी तर्जुमा"वफ़ादार और'अक़्लमंद ख़ादिम कौन है?जिसे मालिक ने.... " (देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#उन्हें खाना दे "अपने मालिक के रिश्तेदार के अराकिन को खाना दे"।

Matthew 24:48

'ईसा अपने शागिर्दों को फ़िर आने की तैयारी ही की ता'लीम दे रहा है। #सोचने लगे सोचने लगे"अपने दिल में ख़याल करे"

#हिस्सा...ठहराएगा "उसके साथ सुलूक करेगा"