Matthew 23

Matthew 23:1

'ईसा अपने पैरोकारों को ख़बर दार करता है कि वह 'आलिमें शरा के जैसे न हों। #मूसा की गद्दी पर बैठे हैं "उनके क़रीब मूसा का इख़्तियार है"या"उन्हें मूसा की शरी'अत का मतलब समझाने का इख़्तियार है" (देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#जो कुछ "कुछ भी"या"सब कुछ"

Matthew 23:4

'ईसा अपने पैरोकारों को ख़बर दार कर रहा है कि वे 'आलिमों शरा कि तरह न हों। #वे ऐसे भारी बोझ को जिनको उठाना मुश्किल है। वे ऐसे भारी बोझ को जिनको उठाना मुश्किल है, "वे तुम पर बहुत कानून लागू करते हैं जिनका'अमल करना मुश्किल है" (देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#अपने आप अपनी उँगली से भी सरकाना नहीं चाहते। "वह थोड़ी सी भी मदद करना नहीं चाहते" (देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#ताबीजों छोटी छोटी चमड़े की थैलियों में कलाम ए मुक़द्दस के पद को रखकर जिस्म पर बाँधा जाता था

Matthew 23:6

'ईसा अपने पैरोकारों को इहतियात कर रहा है कि ' आलिमों शरा के तरह सुलूक न करें।

Matthew 23:8

'ईसा अपने पैरोकारों को इहतियात कर रहा है कि वे 'आलिमों शरा के तरह न हों। #किसी को अपना बाप न कहना "ज़मीन पर किसी को भी बाप न कहना"या"कभी न कहें कि ज़मीन पर कोई तुम्हारा बाप है"

Matthew 23:11

'ईसा अपने पैरोकारों को इहतियात कर रहा है कि 'आलिमों शरा कि तरह सुलूक न करें। #बड़ा हो "अपने आपको ख़ास बनाए"

#बड़ा बनाएगा "अहमियत में ऊंचा उठेगा"

Matthew 23:13

'ईसा 'आलिमें शरा को नफ़ाक़ की वजह से उनके ख़िलाफ़ कह रहे है। #न तो अपने उसमें दाख़िल करते हो "तुम ख़ुदा को अपने आप पर इख़्तियार नहीं करने देता"

#तुम बेवाओं के घरों को खा जाते हो "जिन'औरतो के क़रीब हिफ़ाज़त के लिए मर्द नहीं उन्हें तुम लूटते हो"

#जहन्नम बेटा "जो सख़्श जहन्नम का है"या"जिस सख़्श को जहन्नम जाना चाहिए" (देखें:en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

Matthew 23:16

'ईसा 'आलिमें शरा के नफ़ाक़ कि वजह से उनके ख़िलाफ़ है। #अंधे रहनुमाओ....हे बेवकुफो अगरचे रहनुमा जिस्म से अंधे नहीं थे,वे समझ नहीं सकते हैं कि वे गलत हैं।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#उससे बंध जाएगा। इख़्तियारी तर्जुमा"उसने जो वा'दा की है उसे करना लाज़िम है" (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#कौन बड़ा है,सोना या हैकल जिससे सोना पाक होता है। 'ईसा इस सवाल के ज़रिए'फ़रीसियों को झिड़कता है।(देखें::en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

Matthew 23:18

'ईसा'आलिमें शरा के नफाक के वजह उनके ख़िलाफ़ है। #हे अंधों रूहानी अंधे(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#कौन बड़ा है,हदिया या क़ुर्बानगाह जिससे हदिया पाक होती है? 'ईसा इस सवाल से उस बात को ज़ाहिर कर रहा है जिसे वे पहले से ही जानते हैं(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#हदिया जानवर की क़ुर्बानी या ख़ुदा के सामने लाया गया आटा जो क़ुर्बनागाह पर रखने से पहले की हैं,एक बार क़ुर्बनागाह पर रख दिए गए तो वे क़ुर्बानी होते हैं।(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

Matthew 23:20

'ईसा'आलिमें शरा के नफ़ाक़ कि वजह से उनके ख़िलाफ़ है।

Matthew 23:23

'ईसा 'आलिमें शरा के नफ़ाक़ की वजह से उनके ख़िलाफ़ है। #अफ़सोस। देखें कि आपने इसका तर्जुमा

#पोदीने,सौंफ,जीरे खाना में ज़ायका के लिए काम आने वाले पत्ते और बीज(देखें: :en:ta:vol1:translate:translate_unknown)

#हे अंधे रहनुमा ये लोग जिस्म से तो अंधे नहीं है लेकिन'ईसा रूहानी अंधेपन की मुक़ाबले जिस्म अंधेपन से करता है।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#तुम मच्छर को तो छान डालते हो,लेकिन ऊँट को निगल जाते हो। कम अहमियत के कानूनों के'अमल में ज़्यादा होशियार रहना और ज़्यादा ख़ास कानूनों को अनेदखा करना ऐसी बेवकूफ़ता है कि जैसे सबसे छोटे नापाक जानवर का गोस्त खा लेना चाहे वह जानबूझ कर हो या अनजाने में हो। इख़्तियारी तर्जुमा"तुम उस बेवकूफ़ के तरह हो जो अपने मशरुब में गिरनेवाले कीड़ो को तो इहतियात से निकाल देता है,लेकिन ऊँट को निगल जाता है"।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphorऔर:en:ta:vol2:translate:figs_hyperbole)

#मच्छर को तो छान देते हो कपड़ा लगाकर पीते हो कि मच्छर मुँह में न चला जाए।

#मच्छर एक छोटा उड़ने वाला कीड़ा

Matthew 23:25

'ईसा 'आलिमें शरा के नफ़ाक़ की वजह से उनके ख़िलाफ़ है। #अफ़सोस। देखें इसका तर्जुमा:en:bible:notes:mat:23:13|23:13में कैसे किया गया है।

#तुम कटोरे और थाली के ऊपर से मांझते हो। "'आलिम"और"फ़रीसी"बाहर से बड़े पाक दिखाई देते हैं।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor|Metaphor)

#अन्दर अंधेरे और बेसबरी से भरे हुए हो "वे लोगों से उनकी चीज़े ताक़त से छीन लेते हैं कि उनके पास ज़रूरत से ज़्यादा हो जाए।"

#हे अंधे फ़रीसी फ़रीसी सचचाई को नहीं समझते। वे आँखों से तो अंधे नहीं हैं।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor|Metaphor)

#पहले कटोरे और थाली के अन्दर से मांझ कि वे बाहर से भी साफ़ हों। उनके दिल ख़ुदा के साथ मुनासिब रिस्ता में होंगे तो उनके ज़िन्दगी से ज़ाहिर होगा।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor|Metaphor)

Matthew 23:27

'ईसा 'आलिमें शरा के रेयाकारी की वजह से उनके ख़िलाफ़ है।

Matthew 23:29

'ईसाज़'आलिमों शरा के रेयाकारी की वजह से उनके ख़िलाफ़ है।

Matthew 23:32

'ईसा 'आलिमों शरा के रेयाकारी की वजह से उनके ख़िलाफ़ है। #तुम अपने बाप दादों के गुनाह का घड़ा पूरी तरह भर दो "तुम अपने बुजुर्गों के ज़रिए'शुरू'किए गए गुनाह को पूरा करते हो।"(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_metonymy|Metonymy)

#हे साँपों,हे करैतों"तुम ख़तरनाक और ज़हरीले सांपों के जैसे हो" (देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_metaphor|Metaphor)

#तुम जहन्नम की सज़ा से कैसे बचोगे? "जहन्नम कि सज़ा से बचने का तुम्हारे लिए कोई रास्ता नहीं है" (देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_rquestion|Rhetorical Question)

Matthew 23:34

'ईसा 'आलिमों शरा के रियाकारी की वजह से उनके ख़िलाफ़ है। #रास्तबाज़ हाबिल से लेकर....जकरयाह तक हाबिल क़त्ल का पहला शिकार था और ऐसा माना जाता है कि हैकल में हलाक किया जाने वाला जकरियाह'आख़िर था।

#जकरयाह युहन्ना बपतिस्मा देने वाले का बाप नहीं

Matthew 23:37

'ईसा कहता है कि यरुशलीम में रहने वालो के ज़रिए' उसको छोड़ने कि वजह से वह दुःखी है। #हे यरूशलीम,हे यरूशलीम। हे यारुशलीम,हे यारुशलीम'ईसा यारुशलीम में रहने वालों को शहर के नाम से ख़िताब देता है(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_apostropheऔर:en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

#तेरे बच्चो को मुकम्मल इस्राईल को(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_synecdoche)

#तुम्हारा घर तुम्हारे लिए वीरान छोड़ा जाता है इख़्तियारी तर्जुमा"ख़ुदा तुम्हारे घर को छोड़ देगा और वह वीरान पड़ा रहेगा"।(देखेः:en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

#तुम्हारा घर मुमकिन मा'नी(1)यारुशलीम शहर(देखें यू.डी.बी.)या(2)हैकल(देखेः:en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)