Matthew 20

Matthew 20:1

'ईसा मजदूरों को मजदूरी देने वाले के तम्सिल शुरू' करता है। #आसमान की बादशाही किसी घर के मालिक की तरह है। ख़ुदा पर राज़ करता है जैसे घर का मालिक अपनी ज़मीन पर राज़ करता है।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_simile)

#आसमान की बादशाही...के तरह है देखें कि आपने:en:bible:notes:mat:13:24|13:24में इसका तर्जुमा कैसे किया है

#ठहराकर "जब घर का मालिक राज़ी हो गया"

#एक दीनार "एक दिन की मज़दूरी" (देखें: :en:obe:other:biblicalmoney)

Matthew 20:3

'ईसा घर मालिक के ज़रिए' मज़दूरों को मजदूरी देने का कहानी सुना रहे है। #फिर....निकल कर "वह घर मालिक फ़िर गया"

#बेकार खड़े देखा "कुछ नहीं कर रहे थे"या"जिनके पास काम नहीं था"

Matthew 20:5

'ईसा घर मालिक के ज़रिए' मज़दूरों को मज़दूरी देने का तम्सिल सुना रहे है। #फिर....निकलकर "घर मालिक फ़िर बाहर गया"

#बेकार खड़े देखा "कुछ नहीं कर रहे थे"या"उनके पास काम नहीं था"

Matthew 20:8

'ईसा घर मालिक के ज़रिए' मजदूरों को मजदूरी देने का तम्सिल सुना रहे है। #उन्हें "जिन्होंने दिन ख़त्म होने से एक घंटा पहले आए थे"

#एक दीनार "एक दिन की मज़दूरी" (देखें: en:obe:other:biblicalmoney)

#उन्होंने यह समझा "जिन मज़दूरों ने सबसे ज़्यादा काम किया था उन्होंने सोचा"

Matthew 20:11

'ईसा घर मालिक के ज़रिए' मज़दूरों को मज़दूरी देने का तम्सिल सुना रहे है। #जब मिला तो "जब सबसे ज़्यादा काम करने वाले मज़दूरों को मज़दूरी मिली तो"

#घर की मालिक पर "ज़मीन का मालिक पर"या"दाख की बारी के मालिक पर"

#दिन भर का बोझ उठाया और धूप सही "हमने पूरा दिन धूप में काम किया"

Matthew 20:13

'ईसा घर कि मालिक के ज़रिए' मज़दूरों को मज़दूरी देने का तम्सिल सुना रहे है। #उनमें से एक "पूरा दिन काम करने वाले मज़दूरों में से एक"

#दोस्त किसी को नर्मी से झिड़कने का लफ़्ज़ काम में लें।

#क्या तूने ही मुझसे एक दीनार न ठहराया था? इख़्तियारी तर्जुमा"हम राज़ी थे कि मैं तुझे एक दीनार दूं।"(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#एक दीनार "एक दिन की मज़दूरी" (देखें: en:obe:other:biblicalmoney)

#मेरी ख़वाहिश यह है "मैं देने में ख़ुश हूँ"या"मैं देकर ख़ुश हूँ"

Matthew 20:15

'ईसा घर मालिक के ज़रिए'मज़दूरों को मज़दूरी देने का तम्सिल सुना रहे है। #क्या यह सही ही नहीं कि मैं अपने माल से जो चाहूं सो करूं? इख़्तियारी तर्जुमा"मैं अपने माल के साथ जैसा चाहूंगा वैसा ही करूंगा"कर सकता हूँ।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#सही "तरीक़ा सम्मत"या"सामने"या"सही"

#क्या मेरे भले होने की वजह तू बुरी नज़र से देखता है? "तुझे मायूस नहीं होना चाहिए कि मैं उनके साथ अच्छा कर रहा हूँ,जिन्होंने कमाया नहीं"।

Matthew 20:17

यारुशलीम की सफ़र के वक़्त 'ईसा अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है #हम....जाते हैं 'ईसा शागिर्दों को भी जोड़ रहा है।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_inclusive)

#इन्सान का बेटा....पकड़वाया जाएगा। इख़्तियारी तर्जुमा"कोई है जो इन्सान के बेटे को पकड़वायेगा" (देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#उसको हलाक के लायक ठहराऍगे और इसको ग़ैरक़ौम के हाथ सौंपेगे कि उसे ठट्ठों में उडाऍ। "सरदार कहिन और'आलिम उसे मौत कि सज़ा के क़ाबिल कहकर दुसरे क़ौमो के सामने रखेंगे जो उसका हसी उडाए गे"।

#वह....जी उठेगा। इख़्तियारी तर्जुमा"ख़ुदा उसे ज़िन्दा करेगा" (देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

Matthew 20:20

दो शागिर्दों की माँ 'ईसा से एक गुजारिश करती है #एक तेरे दाहिने तरफ़ एक तेरे बाएँ बैठे। इख़्तियार की जगहों पर(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

Matthew 20:22

'ईसा उन दोनों शागिर्दों की माँ को जवाब देता है #तुम्हें वे दोनों शागिर्द और उनकी माँ(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_youdual)

#पी सकते हो? "क्या तुम्हारे लिए मुमकिन है कि" 'ईसा सिर्फ़ बेटों से कह रहा है

#जो कटोरा मैं पीने पर हूँ क्या तुम पी सकते हो? "जिस तकलीफ़ को मैं उठाने जा रहा हूँ तुम उठा सकते हो"? (देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

#वे दोनों शागिर्दों ने

#जिनके लिए मेरे बाप की तरफ़ से तैयार किया गया है,उन्हीं के लिए है" "मेरे साथ बैठने का इह्तराम उन्हीं के लिए है जिनके लिए मेरे बाप ने यह इह्तराम रखा है"(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#तैयार किया "मुक़र्र किया है"

Matthew 20:25

'ईसा ने उनकी माँ से जो कहा उसके ज़रिए' शागिर्दों को ता'लीम देता है #ग़ैर क़ौमो के हाकीम उन पर हुकूमत करते हैं "ग़ैर क़ौमो के हाकिम उनसे अपनी ख़्वाहिश पूरी करवाते हैं"

#बड़े हैं जिन्हें हाकिमो ने इख़्तियार दिया है

#इख़्तियार जताते हैं "उनको काबू में रखते है"

#चाहे "ख़्वाहिश रखे"या"चाहत करे"

#अपने जान दे "मरने के लिए तैयार रहे"

Matthew 20:29

'ईसा के ज़रिए' वे अंधों को बिनाई 'अता की कहानी शुरू' होती है। #निकल रहे थे यह'ईसा और उसके शागिर्द के बारे में है

#पीछे हो लो "'ईसा की पैरवी करने लगे"

#देखो ख़ुदा पढ़ने वाले का ख़याल मुतवज़्ज़ह करता है कि कोई बहुत अच्छा मा'लुमात आगे है। आपकी ज़बान में इसको ज़ाहिर करने का ज़िक्र होगा।

#जा रहा है "उनके क़रीब से निकल रहा है"

#और भी चिल्लाकर बोले "अंधों ने पहले से भी ज़्यादा चिल्लाना शुरू'कर दिया"या"वे और ऊंचे लफ़्ज़ में चिल्लाए"

Matthew 20:32

'ईसा के ज़रिए' दो अंधों को बिनाई 'अता की कहानी चल रहा है। #उन्हें बुलाया "उन अंधे इन्सानों को बुलाया"

#ख़वाहिश रखते हैं। "ढूँढ़ते"

#हमारी आँखें खुल जाएं इख़्तियारी तर्जुमा"हमारी ख़्वाहिश है कि तू हमें देखने क़ाबिल बना दे"या"हम देखने की क़ाबिल होना चाहते है"।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_idiom/ ellipsis

#तरस खाकर "शफ़क़त से"या"उनके लिए शफ़क़त से भरकर"