Matthew 9

Matthew 9:1

अब 'ईसा के ज़रिए' लकवे के बीमार को शिफ़ा का सब हाल शुरू' होता है। #ईसा नाव पर चढ़कर पार गया। 'ईसा नाव पर चढ़करग़ालिबन उसके शागिर्द भी साथ थे।

#नाव वही नाव जो:en:bible:notes:mat:08:23|8:23में थी। अगर उलझन दूर करना हो तब ही ज़ाहिर करें।

#अपने शहर में आया। "जिस शहर में वह ठहरा हुआ था" (.यू डी.बी.)

#देखो यह कहानी के अगले हिस्सा से शुरू'है। इसमें पिछली वाक़े'आ की उम्मीद दुसरे लोग हैं। आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ होगा।

#लोग....बिमार को जो लकवे से बिमार को'ईसा के पास लाए। उनमें लकवे का बिमार भी था।

#हे बेटा वह'ईसा का बेटा नहीं था।'ईसा उसके साथ कोमलता का सुलूक कर रहा था। अगर इससे उलझन पैदा हो तो तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "मेरे दोस्त", "हे जवान"या इसे छोड़ा भी जा सकता है।

#तेरे गुनाह म'आफ़ हुए। "ख़ुदा ने तेरे गुनाह म'आफ़ किए"या"मैंने तेरे गुनाह म'आफ़ किए"।

Matthew 9:3

'ईसा के ज़रिए' लकवे के मरिज आदमी की शिफ़ा का ही कहानी चल रहा है। #देखो यह कहानी के अगले हिस्सा का शुरू'है। इसमें पिछली वाक़े'आ की उम्मीद दुसरे लोग हैं। आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ होगा।

#अपने अपने दिल में। इसका मतलब है, "आपस में"अपने ख़्यालों में या"एक दूसरे से"कहने लगे।

#'ईसा का दा'वा ज़ाहिर है कि वह ऐसे काम कर सकता है जो 'आलिम की समझ में सिर्फ़ ख़ुदा ही करता है।

#उनके दिल की बातें जानकर 'ईसा उनके दिल की बातें बड़ी ताक़त से जान गया था या उनकी काना पूसी के वजह समझ गया था।

#बुरा ख़याल क्यों कर रहे हो? इस सवाल के ज़रिए' 'ईसा फ़कीहों को झिड़कता है।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion|Rhetorical Question)

#तुम...अपने जमा'

#बुरा यह इख्लाक़ बुराई या शरारत है न कि सिर्फ़ गलती।

#सहज क्या है? 'ईसा ने'औरतों को याद कराने के लिए यह सवाल पूछा था क्योंकि उनके ख़याल में वह अपने गुनाहों के वजह से बिमार हो गया था और गुनाह म'आफ़ के ज़रिए'वह फ़िर से चलने फ़िरने लगेगा,लेकिन जब वह उस बिमार को शिफ़ा करेगा तो'आलिम जान लेंगे कि वह गुनाह भी म'आफ़ कर सकता है।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion|Rhetorical Question)

#सहज क्या है?यह कहना, "तेरे गुनाह म'आफ़ हुए"। या यह कहना,उठ और चल फिर? यह कहना आसान है, "तेरे गुनाह म'आफ़ हुए,या यह कहना,उठ और चल फ़िर"?

#तेरे गुनाह म'आफ़ हुए। इसका मतलब हो सकता है(1) "मैं तेरे गुनाह म'आफ़ करता हूँ"।(यू.डी.बी.)या(2) "ख़ुदा तेरे पास म'आफ़ कर रहा है"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#लेकिन इसलिए कि तुम जान लो। "मैं साबित करता हूँ" "तुम"जमा'में है।

#अपनी....आपने वाहिद

#अपने घर चला जा। 'ईसा उसे दूसरा कहीं जाने से मना नहीं कर रहा है,वह उसे घर जाने का मोका'पेश कर रहा है।

Matthew 9:7

यह फ़ालिज के बीमार कि शिफ़ा के सब हाल का आख़िर है। 'ईसा महसूल लेने वाले को अपना शागिर्द होने के लिए बुलाता है। #बड़ाई वही लफ़्ज़ काम में ले जो:en:bible:notes:mat:05:15|5:16में काम में लिए हैं।

#ऐसा इख़्तियार गुनाह म'आफ़ का इख़्तियार।

#मत्ती....वह....उसके कलीसिया की रिवायत के मुताबिक़ यही मत्ती,मत्ती मुश्तमिल ईन्जील का लिखने वाला है लेकिन फ़हरिस्त में ऐसा कोई वजह ज़ाहिर नहीं होता की"वह"और"उसके"को"मुझे"और"मै"में बदला गया है।

#उससे कहा। "'ईसा ने मत्ती से कहा"।

#ईसा वहाँ से आगे बढ़कर। यहाँ इस जुमला के ज़रिए'वाक़े'आ का शुरू'वैसे ही होता है जैसे"देखने"से होता है:en:bible:notes:mat:09:07|9:8में। अगर आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ है तो उसे यहाँ काम में लें।

#आगे बढ़़। जाने के लिए कोई'आम इस्तिमाल का लफ़्ज़ काम में लें। यहाँ यह साफ़ नहीं है कि'ईसा पहाड़ पर चढ़ रहा था या उतर रहा था या कफ़रनहूम की तरफ़ जा रहा था या उसकी उलटी दिशा में जा रहा था।

#वह उठकर उसके पीछे हो लिया। "मत्ती उठा और'ईसा के पीछे चलने लगा", 'ईसा के शागिर्द के रूप में,(देखें यू.डी.बी)न कि उसके साथ तक कहीं जाने के लिए।

Matthew 9:10

यह वाक़े'आ महसूल लेने वाले मत्ती के घर की है। #घर मुमकिन तौर पर मत्ती का घर(देखें यू.डी.बी.)लेकिन यह'ईसा का घर भी हो सकता है(खाना खाने के लिए बैठा)ज़रूरत पड़ने पर ही साफ़ करें।

#देख यह लफ़्ज़"देखो"हमें कहानी में नए लोगों के फ़िर से आगाह करता है। आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ हो सकता है। अंग्रेजी में है"देयर वॉज़ ए मॅन हू वज़..."

#यह देखकर फरीसियों ने वे"जब फरीसियो ने देखा कि'ईसा महसूल लेने वाले और गुनाहगारों के साथ खाना ख़ा रहा है"।

Matthew 9:12

यह वाक़े'आ महसूल लेने वाले मत्ती के घर की है। #यह सुनकर ईसा ने कहा। "यह"या'नी फ़रीसियों का सवाल सुनकर,महसूल लेने वाले और गुनाहगारों के साथ खाना खाया।

#भले सेहत मन्द "सेहत मन्द इन्सानों" (देखें:[[en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#हकिम हकिम(यू.डी.बी.)

#बीमारों के लिए ज़रूरत है। "बीमार को हकिम की ज़रूरत होती है।"

#जाकर इसका मतलब सीख लो। "तुम्हारे लिए इसका मतलब समझना ज़रुरी है।"

#तुम जाकर.... "तुम"ज़मीर लफ़्ज़ फ़रीसियों के लिए है।

Matthew 9:14

युहन्ना के शागिर्दों ने उसके पास आकर कहा, "तेरे शागिर्द रोज़ा नहीं करते"। #क्या बराती....शोक कर सकते हैं? दुल्हें के साथ होने पर कोई भी बरातियों से रोज़ा के लिए नहीं कहेगा।(देखें:[[en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#बराती। 'ईसा के शागिर्दों के लिए एक मिसाल कि इस्तमाल है।(देखें:[[en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#जब तक दुल्हा उनके साथ है....जब दुल्हा उनसे अलग किया जायेगा। "दुल्हा" 'ईसा है,ज़िन्दा होने की वजह से वह"उनके साथ है"।(देखें: [[en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#जब दुल्हा उनसे अलग किया जायेगा। "जब कोई दुल्हें को उनसे अलग कर देगा"। यह मारे जाने के लिए मिसाल है।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_metaphor, [[en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#शोकित हो "सोक करना...दुःख मनाना"।(यू.डी.बी.)

Matthew 9:16

'ईसा युहन्ना के शागिर्दों के ज़रिए' पूछे गए सवाल का ही जवाब दे रहा है। #कोरे कपड़े का पैबन्द पुराने लिबास पर नहीं लगाता। पुरानी रिवायत का पालन करने वाले नई रिवायत को क़ुबूल करने के लिए बेताब नहीं होते हैं।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#कपड़ा कपड़ा, "मल्बुसात"

#पैबन्द "कपड़े का टुकड़ा,जो फटे कपड़े पर लगाया जाता है"।

Matthew 9:17

'ईसा युहन्ना के शागिर्दों के ज़रिए' पूछे गए सवाल का ही जवाब दे रहा है। #लोग नया दाखरस पुरानी मशकों में नहीं भरते हैं। युहन्ना के शागिर्दों के सवाल का जवाब देने के लिए यह मिसाल या तम्सील का इस्तिमाल है,हम और फ़रीसी इतना रोज़ा करते हैं पर तेरे शागिर्द रोज़ा नहीं करते।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#नहीं भरते। "नहीं कोई....मैं डालता हूँ" (यू.डी.बी.) "लोग नहीं डालते"।

#नया दाखरस। "अंगूर का रस"वह बस जिसका ओबाल नहीं हुआ है। अगर आपके'एलाक़ा में अंगूर उगाए जाते हैं तो वहीं नाम काम में ले जो मक़बूल है।

#पुरानी मशकें। वे मशकें जो कई बार काम में ली जा चुकी हैं।

#मशकें ये जानवरों के चमड़े से बनी होती थी उन्हें"दाख रस के थैले"या"चमड़े के थैले"(यू.डी.बी.)भी कह सकते हैं।

#मशकें ख़राब हो जाती है। दाखरस जब किंणवन होता है तब वह फैलता है जिससे पुरानी मशकें जो और ज़्यादा नहीं फैल सकती फट जाती है।

#ख़राब हो जाती है। "फट जाती है"।(यू.डी.बी)

#नईं मशकें "दाखरस के नये थैले"जो कभी काम में नहीं लिए गए।

Matthew 9:18

यहूदी सरदार की बेटी की शिफ़ा के सब हाल का शुरू'। #ये बातें या'नी युहन्ना के शागिर्दों को दिए गए जवाब के बा'द वक़्त।

#देख "देखो"लफ़्ज़ हमें कहानी में एक नए सख्श को दाख़िल करने के लिए फ़िर इह्तियात करता है। अपनी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ होगा।

#सिज्दा किया। यह यहूदी रिवायत में इह्तराम ज़ाहिर करने की रिवायत थी।

#अपना हाथ उस पर रख तो वह ज़िन्दा हो जायेगी। इसका मतलब यह हुआ कि वह यहूदी उस पर ईमान रखता था कि'ईसा उसकी बेटी को दोबारा ज़िन्दा कर सकता है।

#शागिर्द। 'ईसा के शागिर्द।

Matthew 9:20

यहाँ यहूदी सरदार के घर जाते वक़्त 'ईसा के ज़रिए' एक औरत की शिफ़ा का ख़ुलासा है। #देखो "देखो"लफ़्ज़ हमें कहानी में एक नए सख्श को दाख़िल करने के लिए फ़िर ख़बरदार करता है। अपनी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ होगा।

#ख़ून बहने का बिमारी। "उस का बहुत ख़ून बहता था"मुमकिन तौर पर लगातार मासिक मजहब का स्राव। कुछ रिवायत?यों में इसको इज़हार करने की भद्र लफ़ज़ होगी।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_euphemism|Euphemism)

#अगर मैं उसके कपड़ो को छू लूंगी तो शिफ़ा हो जाऊंगी। उसका ईमान कपड़े में नहीं'ईसा में था कि वह शिफ़ा करेगा।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_personification|Personification)

#कपड़ा "बागा"

#लेकिन "इसकी उम्मीद"इस'औरत ने जो सोचा था वैसा हुआ नहीं।

#बेटी वह'ईसा की बेटी नहीं थी, 'ईसा उसको कोमलता दिखा रहा था। अगर इससे उलझन होती है तो"लड़की"काम में लें या छोड़ दें।

Matthew 9:23

यहाँ भी यहूदी सरदार की लड़की को ज़िन्दा करने का ही कहानी चल रहा है। #उस सरदार के घर। यह उस यहूदी सरदार का घर है।

#बाँसुरी यह एक खोखले बांस का साज़ अलार्म है जिसको बजाने के लिए एक सिरे से हवा फूंकी जाती है।

#बाँसुरी बजाने वाले। "बाँसुरी बजाने वाले लोग"।

#हट जाओ। 'ईसा बहुतो से कह रहा है लिहाजा;जमा'काम में लें अगर आपकी ज़बान में है।

#लड़की मरी नहीं पर सोती है। 'ईसा सोने का इस्ता'रा काम में ले रहा है क्योंकि उसकी मौत ज़्यादा है। वह उसे मुर्दों में से ज़िन्दा करेगा।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_euphemism)

Matthew 9:25

'ईसा के ज़रिए' यहूदी सरदार के लड़की की शिफ़ा का सब हाल इसके साथ ख़त्म होता है #जब भीड़ निकाल दी गई। "जब'ईसा ने भीड़ को हटा दिया"या"जब ख़ानदान वालों ने लोगों को बाहर भेज दिया"।

#उठ कर "बिस्तर छोड़ दिया"यह ईबारत वही है जो:en:bible:notes:mat:08:14|8:15में है।

#इस बात की गुफ़्तगू उस सारे देश में फैल गई। यहाँ गुफ़्तगू का इन्सानी वजह का मतलब है कि जो वहाँ थे उन लोगों ने सबको बता दिया।"उस मुकम्मल'एलाक़ा के रहने वालो को इसका ख़बर हासिल हुआ" (यू.डी.बी.)या"जिन लोगों ने उस लड़की को ज़िन्दा देखा जाकर उस'एलाक़ा में सबको इसके बारे में सुनाया"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_personification)

Matthew 9:27

अब 'ईसा के ज़रिए' दो अंधे इन्सानों की शिफ़ा का सब हाल शुरू' होता है। #वहाँ से आगे बढ़कर। 'ईसा उस'एलाक़ा से निकल रहा था।

#आगे बढ़़। साफ़ नहीं है की'ईसा ऊपर की तरफ़ जा रहा था या नीचे की तरफ़ जा रहा था,इसलिए जाने के लिए'आम लफ़्ज़ का इस्तिमाल करें।

#हे दाऊद की औलाद 'ईसा हक़ीक़त में दाऊद का बेटा नहीं था। लिहाजा इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है"हे दाऊद के ख़ानदान" (यू.डी.बी.)लेकिन"दाऊद की औलाद" 'ईसा को दिया गया ओहदा है।(देखें:en:bible:notes:mat:21:09|21:9)मुमकिन है कि वे'ईसा को इसी पदनाम से पुकार रहे थे।

#जब वह घर में पहुंचा। यह या तो'ईसा का अपना घर था(यू.डी.बी.)या:en:bible:notes:mat:09:10|9:10का घर था।

#हाँ ख़ुदा। "हाँ ख़ुदा,हमें ईमान है कि तू हमें शिफ़ा कर सकता है।"

Matthew 9:29

इसके साथ ही उन दोनों अंधों की शिफ़ा का सब हाल ख़त्म होता है। #उनकी आंखें छूकर कहा। यहाँ वाज़ेह नहीं है कि उसने दोनों की आंखों को एक साथ छुआ या अपने दाहिने हाथ से एक को छुआ फ़िर दूसरे को,क्योंकि बायां हाथ नापाक काम में लिया जाता था। लिहाजा सिर्फ़ मुमकिन है कि उसने सिर्फ़ दाहिना हाथ काम में लिया। यह भी वाज़ेह नहीं है कि उसने उन्हें छूते वक़्त कहा या पहले छुआ फ़िर कहा।

#उनकी आंखें खुल गई। "ख़ुदा ने उनकी आंखें सेहत मन्द कर दीं"या"वे दोनों अंधे देखने लगे" (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive, en:ta:vol1:translate:figs_idiom|Idiom)

#लेकिन "इसके उल्टा"उन्होंने'ईसा के हुक्म के मुताबिक़ नहीं किया।

#यश फैला दिया। "बहुतों को बता दिया कि उनके साथ क्या हुआ"।

Matthew 9:32

'ईसा के ज़रिए' उसके मिसाल में शिफ़ा का सब हाल मौजूदा है। #देख "देखो"लफ़्ज़ हमें कहानी में एक नए सख्श को दाख़िल के फ़िर इहतियात करता है। अपनी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ होगा।

#गूंगा जो बात नहीं कर सकता है।

#गूंगा बोलने लगा। "वह गूंगा सख़्श बोलने लगा"या"वह सख़्श जो गूंगा था बोलने लगा"या"वह सख़्श जो अब गूंगा नहीं था बोलने लगा"।

#भीड़ ने त'अज्जुब करके कहा। लोग त'अजुब करने लगे"।

#इस्राईल में ऐसा कभी नहीं देखा गया। इसका मतलब हो सकता है, "ऐसा कभी नहीं हुआ"या"किसी ने ऐसा कभी नहीं किया"।

#बदरुहो को निकालता है। "वह बदरुहों को निकलने पर मजबूर करता है"। यहाँ जमीर"वह" 'ईसा के लिए है।

Matthew 9:35

यह हिस्सा गलील 'एलाक़ा में 'ईसा ता'लीम, हिदायत और शिफ़ा की ख़िदमत का ख़ुलासा है। #सब शहरों "बहुत शहरों में" (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_hyperbole)

#शहरों और गाँवों "बड़े गाँवों और छोटे गाँवों"या"बड़े शहरों और छोटे शहरों"

#हर तरह की बीमारी और कमज़ोरी को दूर कर ले। "हर तरह की बीमारी और कमज़ोरी", "बीमारी"और"कमज़ोर"से मुत'अल्लिक़ लफ़्ज़ है लेकिन मुमकिन हो तो इन्हें दो अलग अलग लफ़्ज़ो में ही तर्जुमा करना है।"बीमारी"इन्सान को बीमार बनाती है। कमज़ोर जिस्म ख़राबी कि शिकायत या तकलीफ़ है जो बीमार के नतीजा जैसे होती है।

#वे उन भेड़ों के तरह जिनका कोई रखवाला न हो....थे। "उन लोगों का कोई रहबर न था"।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_simile)

Matthew 9:37

'ईसा कटनी मिसाल के ज़रिए' उन्हें समझाता है कि उन्हें पिछले हिस्से में ज़ाहिर किए गए लोगों की ज़रूरत के फ़िर कैसा सुलूक करना है। #खेत तो बहुत हैं पर मजदूर थोड़े हैं। यह मिसाल इन्सानों की एक बहुत बड़ी ता'दाद को ज़ाहिर है,वे जो ख़ुदा में ईमान रख के उसकी बादशाही में दाख़िल करेंगे। ये लोग खेतों कि तरह हैं और जो ख़ुदा का ऐलान करते हैं वे मजदूर हैं। इस मिसाल का मतलब है कि इतने ज़्यादा लोगों को ख़ुदा के बारे में बताने वाले बहुत कम हैं(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#खेत काटने के लिए "पक्का फल जमा'करने के लिए"

#मजदूर "काम करने वाले"

#खेत के मालिक से गुज़ारिश करो। खेत के मालिक से गुजारिश करो वही इन्तजाम करता है।