Matthew 8

Matthew 8:1

'ईसा के ज़रिए' बहुतो की मोजज़ा शिफ़ा का सब हाल यहाँ शुरू' होता है।

#जब वह पहाड़ से उतरा तो एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली। इख़्तियारी ' तर्जुमा "'ईसा पहाड़ से उतर कर नीचे आ गया तो एक बड़ा भीड़' उसके पीछे चलने लगा"। यहाँ भीड़' लफ़्ज़ से मुराद यह हो सकता है कि जो लोग पहाड़ पर उसके साथ थे और जो यहाँ नीचे थे सब उसके पीछे चलने लगे।

#देखो यह लफ़्ज़ "देखो" कहानी में नए मोड़ की हमें ख़बर देता है। आपकी ज़बान में इसका तरिक़ा होगा।

#एक कोढ़ी "कोढ़ बीमारी से परेशान इन्सान" या "जिल्द कि बीमारी से दुखी इन्सान" (यू.डी.बी.)

#अगर तू चाहे इख़्तियारी तर्जुमा "अगर तेरी ख़्वाहिश है" या "अगर तू मुनासिब समझे"। वह मरिज जानता था कि 'ईसा में शिफ़ा देने का क़ुदरत था लेकिन 'ईसा उसे छुआ लेगा उसका ईमान उसे नहीं था।

#मुझे साफ़ कर सकता है। इख़्तियारी तर्जुमा "मुझे सही कर सकता है" या "बराय्य मेहरबानी मेरा दुःख सही कर"(यू.डी.बी.)।

#तुरन्त "फ़ौरन"

#कोढ़ से साफ़ हो गया। 'ईसा ने कहा, "साफ़ हो जा" नतीजा के तौर पर वह दुःख से आजाद हो गया। इख़्तियारी तर्जुमा "वह शिफ़ा हो गया" या "उसका कोढ़ चला गया" या "कोढ़ का खत्म हो गया"।

Matthew 8:4

यह भी 'ईसा के ज़रिए' कोढ़ी की शिफ़ा का कहानी है।

#उससे दुःख आज़ाद कोढ़ी से।

#किसी से न कहना। क़ुर्बानी पेश करते वक़्त तो उसे काहिनो से कहना ही था (देखें यू.डी.बी.) 'ईसा के कहने का मतलब था सबको नहीं बताना। इसका तर्जुमा ऐसा हो सकता है, "आवामी गुफ़्तगू नहीं करना" या "यह और किसी से नहीं नहीं कहना कि मैंने तुझे बीमारी से आज़ाद किया है"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_hyperbole|Hyperbole)

#अपने आप को काहिन को दिखला यहूदियों की शरी'अत के मुताबिक़ बीमारी से छुटकारा पाया हुआ इन्सान काहिनो को अपनी जिल्द दिखाए जो उसे लोगों से राबता की इजाज़त दे।

#जो क़ुर्बानी मूसा ने ठहराया है उसे पेश कि लोगों के लिए गवाही हो। मूसा की शरी'अत में था कि जब इन्सान कोढ़ से आज़ादी पाए तब वह काहिन के पास शुक्रगुजारी की क़ुर्बानी पेश करे। काहिन उस हदिया को कबूल करेगा तो सब जान लेंगे कि वह बीमारी से आज़ाद हो चुका है।

#लोगों के लिए यह (1) काहिनो के लिए हो सकता है या (2) सब के लिए या (3) 'ईसा के नुक्ता चिनो के लिए। अगर मुमकिन हो तो ऐसा जमीर काम में लें जो किस्म' ख़ाश का शानदार हो। (देखें en:ta:vol2:translate:figs_ambiguity)

Matthew 8:5

यह 'ईसा के ज़रिए' बहुतो की शिफ़ा का सब हाल है।

#उसके ... उससे 'ईसा

#फालिज़ बीमारी कि वजह से कमज़ोर

#उसने उससे कहा "मैं आकर उसे सिफ़ा करूँगा"। "'ईसा ने उस सूबेदार से कहा, "मैं तेरे घर आकर उसे शिफ़ा करूँगा"।

Matthew 8:8

यह बहुतों की शिफ़ा का ही कहानी है।

#मेरी छत तले आए। "मेरे घर में दाख़िल करे"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

#मुह से कह दे। "हुक्म दे दे"

#फ़ौज़ी " तरबियत बहादुर"

#मैंने इस्राईल में भी ऐसा ईमान नहीं पाया। 'ईसा को लोग सोचते थे कि इस्राईल के यहूदी जो ख़ुदा की औलाद होने का दावा करते थे, उनका ईमान सबसे ज़्यादा था। 'ईसा कहता है कि उनका सोचना गलत है, इस सूबेदार का ईमान उनसे ज़्यादा है।

Matthew 8:11

यह 'ईसा के ज़रिए' रोमी फ़ौज़ के सूबेदार के ख़ादिम की बीमारी से आज़ादी का ही कहानी है।

#तू यह 'ईसा के पीछे चल रहे लोगों के बारे में है (:en:bible:notes:mat:08:08|8:10) लेकिन जमा' है।

#पहले और मग़रिब से यह उक्ति एक मिसाल है जो मा'मुरी को ज़ाहिर करती हैः हर जगह से,या'नी दूर दूर से, न की पहले में किसी एक जगह से और न मग़रिब में किसी एक जगह से। इसका तर्जुमा हो सकता है, "सब जगहों से" या "दूर दूर से"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_merism|Merism)

#मुल्क में बैठेंगे। उस रवायत में खाना खाते वक़्त इन्सान आधा लेटकर खाता था। यह रवायत ख़ानदान और दोस्तों की रिश्ता को ज़ाहिर करने का अता लफ़्ज़ है। इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "उसके साथ ख़ानदान और गहरी दोस्ती कि तरह रहेंगे"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_metonymy|Metonymy)

#बादशाही के औलाद बाहर तारीकी में डाल दिए जायेंगे।’"ख़ुदा बादशाही के औलाद को बाहर डाल देगा"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#बादशाही की औलाद "के औलाद" किसी के होने को ज़ाहिर करता है यहाँ ख़ुदा की बादशाही के होने को ज़ाहिर है। यहाँ तन्ज़ भी है कि औलाद बाहर की जा रही है और परदेशियों का इस्तक़बाल किया जा रहा है। इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "वे जिन्होंने ख़ुदा को अपने ज़िन्दगी में हुकूमत करने दिया होता" (देखें यू.डी.बी.) (देखें:[[en:ta:vol1:translate:figs_idiom|Idiom मुहावरे)

#बाहर तारीकी में यह इज़हार ख़ुदा को इनकार करने वालों की हमेशा कि ज़िन्दगी को ज़ाहिर करती है। "ख़ुदा से अलग तारीकी का जगह"। (देखें en:ta:vol2:translate:figs_metonymy|Metonymy)

#वैसा ही तेरे लिए हो। "मैं वैसा ही तेरे लिए करता हूँ"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#उसका ख़ादिम उसी घड़ी सिफ़ा हो गया। ख़ादिम उसी वक़्त शिफ़ा होगा, "'ईसा ने उसे शिफ़ा कर दिया"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#उसी घड़ी "ठीक उसी वक़्त जब 'ईसा ने कहा कि वह उसे शिफ़ा करता है"।

Matthew 8:14

यह बहुतो की शिफ़ा का ही सब हाल है। #'ईसा जब पतरस के घर आया। 'ईसा के साथ मुमकिनतः उसके शागिर्द थे (जिन्हें उसने "हिदायत दिए" :en:bible:notes:isa:08:18|8:18 देखें: यू.डी.बी.) यहाँ ख़ास बात है 'ईसा ने क्या कहा और किया, तब शागिर्दों को ज़ाहिर तब ही करें जब गलत मतलब से बचना हो।

#पतरस की सास "पतरस की 'औरत की माँ"

#उसका ज्वर उतर गया। अगर आपकी ज़बान में इसका मतलब यह समझा जाए कि बुखार सोचने और करने की सलाहियत रखता है तो इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "वह सेहत मन्द हो गई" या "'ईसा ने उसे शिफ़ा किया"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_personification)

#उठ कर "बिस्तर छोड़ कर"

Matthew 8:16

इसके साथ ही 'ईसा के ज़रिए' बहुतो की शिफ़ा का कहानी ख़त्म होता है।

#जब साम हुई। यू.डी.बी. तर्जुमा में :en:bible:notes:mrk:01:21|1:21 और :en:bible:notes:mrk:01:29|1:30 से नतीजा निकाला गया है कि जब 'ईसा कफ़रनहूम में आया तब वह सब्त का दिन था क्योंकि यहूदी उस दिन न तो काम करते थे और न ही सफ़र करते थे, वे शाम तक रूके रहे कि 'ईसा के पास रोमियों को लेकर आएं। आपका सब्त के दिन का जिक्र नहीं करता है जब तक कि गलत मतलब से बचना न हो।

#उसने उन रूहों को अपने कलाम से निकाल दिया। यह ख़िलाफ़ है, 'ईसा ने एक से ज़्यादा लफ़्ज़ो का इस्तिमाल किया होगा। इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "'ईसा को एक ही बार कहने की ज़रूरत पड़ी और बदरुहें निकल गईं"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_hyperbole)

#जो कलाम यशायाह नबी के ज़रिए कहा गया था वह पूरा हो। "'ईसा ने उस नबुव्वत को पूरा किया जो ख़ुदा ने यशायाह को इस्राइल पर ज़ाहिर करने लिए की थी"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#यशायाह नबी के ज़रिए कहा गया था। "जो यशायाह ने कहा था" (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#हमारी कमज़ोरियो को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया।"इन्सानों को बीमारी से छुड़ाकर और सेहत 'अता किया"। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_doublet)

Matthew 8:18

'ईसा अपने शागिर्दों को समझाता है कि वह उनसे क्या उम्मीद करता है।

#वह, उसके ये लफ़्ज़ 'ईसा के लिए हैं, :en:bible:notes:mat:08:18|8:18 और :en:bible:notes:mat:08:18|8:19

#हुक्म दी। उसने उन्हें बताया कि क्या करना है।

#तब शागिर्दों को हुक्म देने के बा'द लेकिन नाव में चढ़ने से पहले (देखें यू.डी.बी.)

#जहाँ कहीं "जिस जिस जगह में"

#लोमड़ियों के भट और आसमान के परिन्दों के बसेरे होते है। कहने का मतलब है कि सब जानवर परिन्दों के अपने अपने घर होते है। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_merism)

#लोमड़ियों लोमड़ियां, कुत्तों जैसी दिखती है और परिन्दों के बच्चे और दुसरे छोटे जानवरों को खाती हैं। अगर आपके यहाँ लोमड़ी नहीं हैं तो कुत्ते जैसे जानवर या दुसरे किसी गोस्त खोर छोटे जानवर का लफ़्ज़ काम में लें।(देखें: en:ta:vol1:translate:translate_unknown)

#भट लोमड़ियाँ ज़मीन में छेद करके उसमें रहती हैं। आप अगर लोमड़ियों के जगह पर दूसरे कोई जानवर का नाम लिख रहें हैं तो उसके रहने के जगह का नाम लिखें।

#सिर रखने की जगह नहीं। "सोने के लिए भी अपनी जगह नहीं" (देखें:[[en:ta:vol1:translate:figs_idiom|Idiom /मुहावरा)

Matthew 8:21

सिर रखने की जगह नहीं। "सोने के लिए भी अपनी जगह नहीं" (देखें:[[en:ta:vol1:translate:figs_idiom|Idiom /मुहावरा)

#मुझे पहले जाने दे कि अपने बाप को दफना दूं। यह एक हलिम गुज़ारिश है। यहूदियों की रिवायत में मुर्द को उसी दिन दफ़नाने की रिवायत थी। तब उस मर्द का बाप मुमकिन तौर पर ज़िन्दा था। तब उसने "दफ़ना देना" एक साफ़ (या गोल मोल कलाम) जैसे काम में लिया कि जब तक उसका बाप ज़िन्दा है, कुछ दिन या कुछ साल तब तक उसकी ख़िदमत करे। (देखें यू.डी.बी.) अगर उसका बाप मुर्दा होता तो वह कुछ ही वक़्त की इजाज़त मांगता। बाप के मरने या ज़िन्दा रहने का ज़िक्र तब ही करें जब गलत मतलब निकल रहा हो।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_euphemism)

#मुर्दों को अपने मुर्दे दफ़नाने दे। यह ख़ुलासा तक़ाजा है, मुकम्मल बयान नहीं है। लेकिन कम से कम लफ़्ज़ो को काम में लें और कम से कम तशरीह करें। यहाँ "दफ़नाने" के लिए वही लफ़्ज़ काम में ले जो उस जवान के गुज़ारिश में काम में लिया है।

#अपने मुर्दे दफना दे। यह बाप की ख़िदमत के उसके ज़िम्मा का इन्कार करने के ग़ालिब लफ़्ज़ है। "मुर्दों को दफ़नाने दे" से भी ज़्यादा ग़ालिब या "मुर्दों को दफ़नाने दे"। इसका मतलब ज़्यादा ज़ाहिर में है, "मुर्दों को किसी बात का चुनाव नहीं करने दे, सिर्फ़ अपने मुर्दों को अपने आप दफ़नाए।"

#मुरदों को अपने मुरदे दफ़नाने दे "मुर्दों" ख़ुदा कि बादशाही से अलग लोगो की मिसाल है, उनके पास अब्दी ज़िन्दगी नहीं है। (देखें यू.डी.बी. ; [[en:ta:vol1:translate:figs_metaphor) "अपने मुर्दे" का मतलब है ख़ुदा कि बादशाही से अलग लोगो के ख़ानदान जो सचमुच में मर जाते हैं।

Matthew 8:23

अब 'ईसा के ज़रिए' आंधी को ख़मोस करने का कहानी शुरू' होता है।

#जब वह नाव पर चढ़ा। जब वह नाव पर चढ़ा, "'ईसा नाव में दाख़िल कर गया "

#उसके चेले उसके पीछे हो लिए। "शागिर्द" और "पीछे हो लिए" के लिए वही लफ़्ज़ काम में लें जो आपने (:en:bible:notes:mat:08:21|8:21) और(:en:bible:notes:mat:08:21|8:22) में काम में लिए हैं।

#देखो यह कहानी के अगले हिस्सा का शुरू' है। इसमें पिछली वाक़े'आ की उम्मीद दुसरे लोग से हैं। आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क होगा।

#झील में एक ऐसा बड़ा तूफान उठा। "झील में तूफ़ान उठा"।

#कि नाव लहरों से ढंकने लगी। "कि लहरें नाव में आने लगी।" (See: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#शागिर्दों ने ... उसे जगाया और कहा "हे ख़ुदा हमें बचा" उन्होंने "हमें बचा" कह कर उसे नहीं जगाया था लेकिन जगा कर कहा, "हमें बचा"।

#हम हलाक हुए जाते हैं। "हम मरने पर हैं।"

Matthew 8:26

'ईसा के ज़रिए' आँधी को ख़मोस करने का कहानी यहाँ ख़त्म होता है।

#उन्हें शागिर्दों

#तू ... तू जमा'

#क्यों डरते हो? इस सवाल के ज़रिए' 'ईसा शागिर्दों को झिड़क रहा था। इसका मतलब है "तुम्हें डरने की ज़रूरत नहीं है"। (देखें यू.डी.बी.) या "तुम्हें डरने की कोई बात नहीं है"। (देखें: : [[en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#हे कम 'एतमाद यह जमा' है। इसका तर्जुमा भी वैसा ही करे जैसा :en:bible:notes:mat:06:30|6:30में किया है।

#यह कैसा इन्सान है कि आंधी और पानी भी इसकी हुक्म मानते हैं। इस सवाल से ज़ाहिर होता है कि शागिर्द हैरान थे। इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, यह कैसा इन्सान है"? या "हमने ऐसा इन्सान नहीं देखा"। कि आंधी पानी भी उसकी हुक्म मानें"। (देखें:[[en:ta:vol1:translate:figs_rquestion|Rhetorical Question)

#आंधी और पानी भी इस हुक्म को मानते हैं। इन्सान और जानवर हुक्म माने या न माने, हैरत की बात नहीं है लेकिन आँधी और पानी हुक्म माने, यह तो हक़ीक़त में हैरत अंगेज है। इन्सान फ़िर से क़ुदरती बातों को इन्सान के जैसा सुनने और हुक्म मानने वाला ज़ाहिर है। (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_personification|Personification)

Matthew 8:28

अब दो बदरुहें इन्सानों की शिफ़ा का कहानी शुरू' होता है।

#उस पार "गलील समुन्द्र कि दूसरी तरफ़"

#गदरेनियों के मुल्क में, गदरेनियों के मुल्क में, गदरेनियों का मतलब है गदारा शहर के रहनेवाले।(देखें:[[en:ta:vol1:translate:translate_names)

#वे इतने शदीद थे कि कोई उस रास्ते से जा नहीं सकता था। उनमें रहती बदरुहें ऐसी शदीद थी कि इन्सानों को वहाँ से आना जाना नामुमकिन हो गया था।

#देखो यह कहानी के अगले हिस्सा से शुरू' है। इसमें पिछली वाक़े'आ की उम्मीद दुसरे लोग हैं। आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ होगा।

#हे ख़ुदा के बेटे, हमारा तुझ से क्या काम? यह पहला सवाल मज़ाहम है। (देखें यू.डी.बी.[[en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#ख़ुदा के बेटे बदरुहें उसके इस नाम से ज़ाहिर करती हैं कि 'ईसा का इस्तक़बाल नहीं है क्योंकि वह जो है सो है।

#क्या तू वक़्त से पहले हमें दुःख देने यहाँ आया है? यह दूसरा सवाल भी मुख़ालिफ़ है जिसका मतलब है "तू हमसे ख़ुदा के ज़रिए' मुक़रर वक़्त से पहले सज़ा देकर ख़ुदा की मा'सियत नहीं कर सकता"। (देखें:en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

Matthew 8:30

'ईसा के ज़रिए' दो बदरुह से मुब्तला इन्सानों की शिफ़ा का कहानी चल रहा है।

#अब इसका मतलब है कि लिखने पढ़ने से कहानी को आगे बढ़ाने से पहले कुछ 'इल्म देना चाहता है। 'ईसा के आमद से पहले वहाँ सूअर चर रहे थे। (देखें:en:ta:vol1:translate:figs_events)

#अगर तू हमें निकालता है इसका मतलब यह भी हो सकता है, "क्योंकि तू हमें निकालने जा रहा है"

#हमें ख़सूसियत अशार लफ़्ज़(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_exclusive)

#उन्हें बदरुहें जो उन इन्सानों में थी।

#वे निकल कर सुअरों में पैठ गई। "बदरुहें उन मर्दों में से निकल कर उन जानवरों में दाख़िल कर गई।"

#देखो यहाँ "देखो" लफ़्ज़ हमें पेशगी 'इल्म से आगाह करता है।

#सारा झुण्ड कड़ाड़े पर से झपटकर "पहाड़ी ढलान पर से भागे"

#डूब मरा "डूब गया"।

Matthew 8:33

बदरूह से मुबतल दोनों आदमी की नजात का कहानी वहाँ ख़त्म होता है। #उनके चरवाहे "सूअरों को हिफाज़त करने वाले वाले ख़ादिम"

#जिनमें बदरुहें थी उनका सारा हाल कह सुनाया। जिनमें बदरुहें थी उनका सारा हाल कह सुनाया, 'ईसा ने उन बदरुह से मुब्तला आदमियों के साथ क्या किया।

#देखो यह कहानी के अगले हिस्सा का शुरू'है। इसमें पिछली वाक़े'आ की उम्मीद दुसरे लोग हैं। आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का रिज़क़ होगा।

#सारे शहर के लोग। इसका मतलब यह नहीं कि शहर का हर एक लोग लेकिन यह कि ज़्यादा तर लोग।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_hyperbole)

#सरहद सरहद, "शहर और आसपास का'एलाक़ा।"