Matthew 22

Matthew 22:1

'ईसा ने'आलिमें शरा को शादी ज़ेयाफ़त कि तम्सिल सुनाना शुरू' किया।

आसमान की बादशाही...के तरह है।

देखें कि आपने MAT 13:24 में इसका तर्जुमा कैसे किया है

बुलाए हुए लोगों को

इख़्तियारी तर्जुमा"बादशाह के ज़रिए'बुलाए हुए लोग" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

Matthew 22:4

'ईसा 'आलिमें शरा को शादी ज़ेयाफ़त का ही तम्सिल सुना रहे है।

देख

इख़्तियारी तर्जुमा, "सुनो"या"देखो"या"मैं जो कहने जा रहा हूँ उस पर तवज़्ज़ह दो"

Matthew 22:5

'ईसा 'आलिमें शरा को शादी ज़ेयाफ़त का ही तम्सिल सुना रहे है।

वे बुराई करके चल दिए

बुलाना मेहमान(MAT 22:4)

बुलाने का'इज़्ज़त नहीं रखा

"उसकी दा'वत को संजीदगी से नहीं लिया"

Matthew 22:8

'ईसा 'आलिमें शरा को शादी कि ज़्याफ़त का ही तम्सिल सुना रहे है।

चौराहे

जहाँ दो रास्ते एक दूसरे को काटते हैं।

शादी का घर

एक बड़ा कमरा

Matthew 22:11

'ईसा'आलिमें शरा को शादी ज़ेयाफ़त का ही तम्सिल सुना रहे है।

Matthew 22:13

'ईसा'आलिमें शरा को शादी ज़ेयाफ़त का ही तम्सिल सुना रहे है।

Matthew 22:15

यहाँ 'आलिमें शरा के ज़रिए' 'ईसा को फसाने के कोशिश में कहानी शुरू' होता है।

उसको किस तरह की बातों में फसाऍ

"उससे कुछ ऐसा कहलवाऍ जिसे हम उसके ख़िलाफ़ काम में ले पाएं"

हेरोदियों

यहूदी बादशाह हेरोदेस के मुलाज़िम और पैरोकार,हेरोदेस को भी सल्तनत का दोस्त था।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-names)

तू इन्सानों का मुँह देखकर बातें नहीं करता है।

"तू कुछ लोगों को ख़ास मान पेश नहीं करता है"या"तू बड़े लोगों की फ़िक्र नहीं करता है"।

Matthew 22:18

'आलिमें शरा महसूल देने के लिए रिस्ता में 'ईसा को फसाने की कोशिश करते हैं।

एक दीनार

रोमी सिक्का जो एक दिन की मज़दूरी था।(देखें: rc://ur-deva/obe/other/biblicalmoney)

Matthew 22:20

'आलिमें शरा महसूल देने के लिए रिस्ता में 'ईसा को फसाने की कोशिश करते हैं।

जो कैसर का है

"जो चीज़ें कैसर की हैं" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

जो ख़ुदा का है।

"जो चीज़ें ख़ुदा की हैं"

Matthew 22:23

यहूदी 'आलिम शरा 'ईसा को तलाक के रिस्ता में फसाने की कोशिश कर रहे हैं।

"हे उस्ताद,मूसा ने कहा था..…"

वे उससे कलाम ए मुक़द्दस में मूसा के मज़ामीन के बारे में सवाल कर रहे थे। अगर आपकी ज़बान में मिसाल के अन्दर मिसाल देने का ज़िक्र नहीं है तो आप तिरछी जुमला का इस्तिमाल कर सकते हैं, "मूसा ने कहा है कि अगर कोई मर्द...." (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-quotations

उसका भाई....उसकी वीबी....भाई

उसका भाई.....उसकी बिवी....उसका भाईमुर्दा का

Matthew 22:25

यहूदी 'आलिमें शरा 'ईसा को तलाक के रिस्ता में फसाने की कोशिश कर रहे हैं।

सबके बाद

"जब सब भाई उससे शादी कर चुके"या"जब सब भाई मर गए"

Matthew 22:29

ख़ुदा की क़ुदरत

"ख़ुदा जो कर सकता है"यहूदी'आलिमें शरा'ईसा को तलाक के रिस्ता में फसाने की कोशिश कर रहे हैं।

Matthew 22:31

यहूदी 'आलिमें शरा 'ईसा को तलाक के रिस्ता में फसाने कि कोशिश कर रहे हैं।

क्या तुमने यह कलाम नहीं पढ़ा....याक़ुब।

क्या तुमने यह कलाम नही पढ़ा....याक़ुब,इख़्तियारी तर्जुमा"मैं जानता हूँ कि तुमने यह कलाम पढ़ा है लेकिन तुम समझ नहीं पाए....याक़ुब"।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-rquestion)

जो ख़ुदा ने तुम से कहाजो ख़ुदा ने तुम से कहा,इख़्तियारी तर्जुमा"ख़ुदा ने जो तुमसे कहा" (देखें: : /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

ख़ुदा ने तुम से कहा,मैं...याक़ुब का ख़ुदा हूँ?

यह मिसाल में मिसाल है, "ख़ुदा ने मूसा से कहा कि वह,ख़ुदा,इब्राहीम का ख़ुदा,इसहाक का ख़ुदा,और याक़ुब का ख़ुदा है" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-quotations)

Matthew 22:34

'आलिमें शरा 'ईसा को शरी'अत के रिस्तो में फसाने की कोशिश कर रहें हैं।

इंतज़ाम

मूसा की शरी'अत को समझने में क़ाबिल फ़रीसी

Matthew 22:37

‘आलिमें शरा 'ईसा को शरी'अत के रिस्तो में फसाने की कोशिश कर रहें हैं।

Matthew 22:39

‘आलिमें शरा 'ईसा को शरी'अत के रिस्तो में फसाने की कोशिश कर रहें हैं।

उसी के तरह

उसी हुक्म की तरह MAT 22:37.

Matthew 22:41

'ईसा ‘आलिमें शरा से मसीह के बारे में सवाल कर रहे है

Matthew 22:43

'ईसा ‘आलिमें शरा से मसीह के बारे में सवाल पूछ रहे है

मेरे दाहिने बैठ

मेरे दाहिने बैठ,दाहिनी तरफ़ अक्सर इह्तराम का जगह ज़ाहिर है।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metonymy)

जब तक कि मैं तेरे दुश्मनों को तेरे पाँवों के नीचे न कर दूँ

"जब तक कि मैं तेरे दुश्मनों को जीत न लूं" (देखें /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)

Matthew 22:45

'ईसा 'आलिमें शरा से मसीह के बारे में सवाल पूछ रहे है