'ईसा और 'आलिमो शरा में बहस ओ मोबाह्शा का शुरू' होता है।
"पुराने ज़माने में राश्तबाज़ रहनुमा के ज़रिए' कायम कानून पर 'अमल नहीं करते है"
"बग़ैर हाथ धोए," हमारी शरी'अत में दी गई साफ़ रिवायत के मुताबिक़ हाथ नहीं धोते हैं।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)
'ईसा और 'आलिमों और फ़रीसियों में बहसों मोबाह्श चल रहा है।
"वह हर एक जो" या "अगर कोई"
"बाप को याद कर उसकी इज्ज़त करना"।
इख़्तियारी तर्जुमा "तुमने रिवायत को ख़ुदा की कलाम से बड़ा बना दिया"।
ईसा और फ़रीसियों और 'आलिमों में बहसों मोबाह्शा चल रहा है।
इख़्तियारी तर्जुमा "यशायाह ने नबुव्वत में सच ही कहा है।"
इख़्तियारी तर्जुमा "जब उसने ख़ुदा कि कलाम सुनाई"
इख़्तियारी तर्जुमा "ये लोग सही लफ़्ज़ो का इस्तिमाल तो करते हैं।"
इख़्तियारी तर्जुमा "ये मुझे सच में मुहब्बत नहीं करते हैं" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)
इख़्तियारी तर्जुमा "उनकी 'ईबादत का मुझ पर असर नहीं पड़ता है" या "वे 'ईबादत का सिर्फ़ ड्रामा बनाते हैं"।
"इन्सानों के ज़रिए' बनाए गए कानून"
'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' ता'लीम देता है।
'ईसा पेशगी दा'वा का अहमियत ज़ाहिर कर रहा है।
'ईसा इस तम्सिल कि मतलब अपने शागिर्दों को समझाता है, MAT 15:11
इख़्तियारी तर्जुमा "'ईसा की यह बात सुनकर फ़रीसी ग़ुस्सा हुए"? या "इस बयान ने फ़रीसियों को नाराज़ किया"?(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
'ईसा अपने शागिर्दों को इस तम्सिल की मतलब समझा रहा है, MAT 11
"हमें तेरे शागिर्दों को"
" दाख़िल करता है"
पैखाना की जगह के लिए बूरी लफ़्ज़
'ईसा अपने शागिर्दों को इस तम्सिल की मतलब समझा रहा है, MAT 15:11.
"इन्सान कि मुह के ज़रिए'’
"इन्सान की सच्ची जज़बातो और ख़्यालों का नतीजा हैं।"
बेगुनाह की क़त्ल
"इन्सानों को चुभने वाली बातें"
तरीक़ा हाथ को नहीं धोना
'ईसा के ज़रिए' एक कनानी 'औरत की बेटी कि दुःख से छुड़ाने का कहानी अब शुरू' होता है।
उस 'औरत ने इस्राईली हद के बाहर अपने मुल्क से आकर इस्राईल में दाख़िल हुआ और 'ईसा को खोजा।
कनान मुल्क तो उस वक़्त था नहीं, "कनानी ख़ानदान की एक औरत"
"मेरी बेटी को बदरुह कि तकलीफ़ से बहुत परेशान है"।(देखें : /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
"कुछ नहीं कहा"
'ईसा के ज़रिए' उस कनानी 'औरत की बेटी को शिफ़ा का कहानी चल रहा है।
"वह कनानी 'औरत आई"
"जो हक़ीक़त में यहूदियों से कह रहा है.... दुसरे जातियों को" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)
'ईसा के ज़रिए' उस कनानी 'औरत की बेटी की शिफ़ा का कहानी चल रहा है।
"दुसरे जातियों को भी इस क़ाबिल समझा जाए कि वे यहूदियों के ज़रिए' छोड़ी गईं अच्छी चीज़े पाएँ"। (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)
"'ईसा ने उसकी बेटी को दुःख से आज़ाद कर दिया" या "'ईसा ने उसकी बेटी को सेहत मन्द कर दिया" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)
"ठीक उसी वक़्त" या "फ़ौरन"
यह गलील 'एलाक़ा में 'ईसा के ज़रिए' भीड़' में मरीज़ो की शिफ़ा का कहानी है।
"जो लोग चल नहीं सकते थे, जो देख नहीं सकते थे, जो बोल नहीं सकते थे, और जिनके हाथ और पैर बेकार हो गए थे"। कुछ इब्तेदाई फ़हरिस्त में इनकी तरबियत मुख्तलिफ़ है।
"भीड़ बीमारों को 'ईसा के पास लाया"
यह 'ईसा के ज़रिए' गलील में भीड़ को खाना खिलाने का ही कहानी है।
मुमकिन मतलब हैः (1)"कहीं वे थककर बेहोश न हो जाएं" या (2) "कहीं वे कमज़ोर न हो जाएँ" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole)
लोग अब खाने के लिए आपके यहाँ कैसे बैठते हैं, टेबल न होने पर उसी लफ़्ज़ का इस्तिमाल करें, बैठकर या लेटना।
यह 'ईसा के ज़रिए' गलील में भीड़ को खाना खिलाने का ही कहानी है।
"'ईसा ने लिया" इसका तर्जुमा वैसे ही किया जैसे MAT 14:19 में किया गया है।
"रोटी और मछलियाँ देता गया"
"शागिर्दों ने जमा' किया"
"जिन इन्सानों ने खाना लिया था"
"सूबा के एक हिस्सा"
कभी कभी मगदाला भी कहलाता है (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-names)