1
जब दियाबलससे (शैतान) परिक्षा करनके ताँही पवित्र आत्मासे येशु उजाड स्थानमे लइगओ।
2
बा चालिस दीन और चालीस रात तक उपवास (ब्रत) बैठनके पिछु गजब भुकाए गओ।
3
तब परिक्षा करन बारो बाके जौनेआएके कही, “तुम परमेश्वरके लौड़ाऔर हओ तव जा पत्थरसे रोटि होबए कहिके आज्ञा देबओ।”
4
पर येशु जवाफ दई, “लिखो हए, ‘आदमी रोटिसे इकल्लो ना पर परमेश्वरके मुहसे निकरो भओ हरेक वचनसे जिन्दा राहत हए।’”
5
तब दियाबलस बा के पवित्र नगरमे लैजाएके मान्दिर कि छतमे धरी।
6
और बा कही “तुम परमेश्वरके लौड़ा हओ तव, हिना से तरे कुद जाओ, काहेकि अइसो लिखो हए, ‘बा अपने दुतनके जिम्मामे तुमके देबएगो और वे तुमके अपने हातए-हात थामङ्गे नित तुमरो टाङ पत्थरमे ठुकएगो।’”
7
येशु बासे कही, “लिखो हए, ‘तए अपनो परमपभु अपने परमेश्वरकी परिक्षा मत कर।’”
18 गालिल देशमे समुन्द्रके कीनारे नेगतए बा पत्रुस कहान बारो सिमोन और बाको भैया अन्द्रियास, दोनो भइयानके समुन्द्रमे जार डारत देखी। बे मछुवारे रहँए। 19 येशू बिनसे कही, “मिर पिच्छु लागओ, और मै तुम के आदमी को मछुवारो बनामङ्गो।” 20 तब बहे समयमे जार छोणके बे बाके पिच्छु लागे।
21 जब येशू हुँवा से जातै-जात बा दुइ भइयानके देखी। जबदियाको लौड़ा याकुब और बक भइया युहन्ना बिनको दौव जबदिया संग नैंयामे अफ्नो जार थिगरत् रहए। और बा बिन्के बुलाइ, 22 तब बहे समय नैंया और अपने दउवाके छोणके बे बा के पिच्छु लग्गए।
23 और येशु बिनके सभाघर मे सिकातए, राज्य को सु-समाचार प्रचार करतए, और आदमीनमे बे सबए तरहाके रोग और शरिरकी कमजोरी अच्छो करतए सबए गालील भर घुमी। 24 बा को काम सबए सिरीया भर फैल गओ, और बिमारि और तमान प्रकारके रोग और दुःखसे सताए भए, भुत लागे, और मिर्गि लागे भए और अपङ्ग (पक्षघाति) भए सबए आदमी बक जौने लाईं। बा बिनके अच्छो करी। 25 और गालील, डेकापोलिस, यरुश्लेम, यहुदिया और यर्दन पारसे बहुत बणि भीण बाके पिच्छु लागी।