अध्याय 1

1 ख्रीष्ट येशूमे फिलिप्पीमे भए बिशपनके और डिकनके सबाए सन्तके: 2 परमेश्‍वर हमर पिता और प्रभु येशू ख्रीष्टसे अनुग्रह और शान्ति । 3 तुमरे घेनको मेरो सबए सम्झनामे मए मिर परमेश्‍वरके धन्यबाद देतहौ । 4 तुम सबके ताहिँ सबदिन मेरो प्रत्येक प्रार्थनामे मए आनन्दसाथ प्रार्थना करत हौ, 5 कि सुरु दिनसे हबए तक सुसमाचारमे तुम सहभागीताके ताहिँ मए धन्यबादी हौ । 6 मोके जा दृढ विश्‍वास हए, जौन तुमर मे असल काम सुरुकरी हए, बो येशू ख्रीष्टके दिनमे पुरा हुइहए । 7 तुमर सबके ताहिँ मोके जा मन्‍नो ठीक हए, काहेकी मए तुमके सबके मेरे ह्रदयमे धर्तहौ, काहेकी मिर कैदमे और सुसमाचारको सुरक्षा और समर्थनको काम दोनएमे तुम मिर संग अनुग्रहक सहभागी भए हौ । 8 काहेकी परमेश्‍वर मिर साक्षी हए, कि कैसे ख्रीष्ट येशूके प्रेमसे मए तुम सबके देखन तरस्त हौ । 9 मिर प्रार्थना जहे हए कि ज्ञान और अन्तर्दृष्टिमे तुमरो प्रेम झन-झन प्रशस्त होत जाबए, 10 जा मारे कि जो उत्तम हए सो तुम छुटयन सिकओ, और ख्रीष्टके दिनके ताहिँ शुध्द और दोषरहित रहन सिकओ| 11 परमेश्‍वरको महिमा और प्रशंसाके ताहिँ येशू ख्रीष्टसे आनबारो धार्मिकताके फलसे तुम भरिपूर्ण होबओ । 12 भैयओ, तुमके जा पता होबए करके मए चाहतहौ, कि मिर उपर आनलागी बातसे नेहत्य सुसमाचार अग्गु बढानको काम भव हए, 13 हियाँ तकि महलके सारा गारद और सबनके बाँकी ठिन फिर मिर कैद ख्रीष्टके ताहिँ भव हए करके जाहेर भव हए । 14 बहुत भैया मिर कैदके कारण प्रभुमे साहसी भव हए, और परमेश्‍वरको वचन विनाडर बोल्नके झन आँटिला भए हँए । 15 कोइ-कोइ नेहत्य दिकसे और सेखीसे, पर औरचाहिँ सद्भावसे ख्रीष्टको प्रचार करत हँए । 16 कोइ-कोइ नेहत्य दिकसे और सेखीसे, पर औरचाहिँ सद्भावसे ख्रीष्टको प्रचार करत हँए । 17 पर शेखी कर्नबारे चाहिँ मोके कैदमे कष्ट थप्नके बिचार करके, शुध्द मनसे ना हए, पर स्वार्थके भावनासे ख्रीष्टको प्रचार करत हँए । 18 जो होबए, मूल बात जहे हए- हरेक किसिमसे, चाहू बहानामे, चाहू सत्यमे ख्रीष्टको प्रचार करए, और जाहेमे मए खुशी हौ । 19 हँ, मए रमातहौ । काहेकी मए जान्तहौ कि तुमरो प्रार्थना और येशू ख्रीष्टको आत्माके सहेतासे जा मेरो छुट्कारके ताहिँ होन आबैगो । 20 मिर उत्कट प्रतिक्षा और आशा जहे हए, कि मए कदापि लज्जित नाए हुइहौ, चाहूँ मृत्युसे होए, अथवा जीवन से । 21 काहेकी मिर् ताहीं जिनो ख्रीष्ट हए, और मरन लाभ हए । 22 अगर शरीरमे जिन हए कहेसे मिर ताहिँ बा फलदाई परिश्रम होबैगो । तव फिर मोके चुनन पडैगो, बा मए नाए कहे सिकेहौ । 23 मए त दोधारमे पडेहौ । बरु बिदा हुइके ख्रीष्टके साथमे होन इच्छा हए, काहेकी जा बहुत असल हए, 24 पर शरीरमे रहन तुमरे खातिर झन आवश्यक हए । 25 जा बातमे पक्का मए जान्तहौ कि विश्‍वासमे तुमरो प्रगति और आनन्दके ताहिँ मए जीवित रहौ और तुमर सब संग बैठंगो, 26 जा मारे कि मए फिर तुमरे ठिन आत मेरे खातिर तुमके ख्रीष्ट येशूमे गर्व करन प्रशस्त कारण हए । 27 केवल तुमरो जीवनको चाल ख्रीष्टको सुसमाचार योग्य होबए । मए आएके चाहु देखओ, चाहू नाए आएके देखओ, मए तुमरे बारेमे जहे बात सुन्‍न चाहत हौ, कि तुम एकए आत्मामे दृढ बानके खणा हौ, और एकए मनके हुइके सुसमाचारको विश्‍वासके ताहिँ मिल्के परिश्रम करत हौ, 28 और विरोधीनसे कोइ बातमे डरत् ना हए । बिनके ताहिँ जा विनाशको लक्षण हए, जौन मुक्ति परमेश्‍वर घेनको हए । 29 काहेकी ख्रीष्टके ताहिँ तुमके जा दओ हए, कि तुम बोके उपर विश्‍वास करन इकल्लो ना हए, पर बाके खातिर दु:ख फिर भोग्‍न पडैगो, 30 और बहे संघर्ष जो तुम मोएमे देखे और मिर संग हए करके हबए सुन्तहौ, बहेमे तुम लागे हौ ।