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1 2 3 प्रिय थियुफीलुस हम तोहरे लिये जवन किताब ( लुका रचित सुसमाचार) लिखे रहेन वहिमन यीशु के बहुत काम आउर बहुत शिक्षा पूरी किहिन जबतक कि परमेश्वर स्वर्ग मा बुलाय नाय लिहिस | स्वर्ग मा बुलावय से पहिले ऊ पवित्र आत्मा के सामर्थ के द्वारा अपने चेलन का सब बताय दिहिस जवन उ चाहत रहा की सब जाने| बहुत दुख उठावय आउर क्रूस पय मरय के बाद उ (यीशु ) फिर से जिन्दा होइगा| आउर उ चालीस दिन तक हरदम हरदम दिखाई पडत रहा आउर उन कै चेलय उनका बहुत बार देखिन| अपने चेला का बहुत तरह से अपने जिन्दा हुय का प्रमाण दिहिन | उ उनका बताईन परमेश्व अपने लोग पर राज करिह्य जेके तुही आउर तोहर बिसय मा बावात राहा. यहुना तव पानी से बप्तिस्मा दियत रहे लाकिन कुछ दिन बाद परमेश्वर तुह पवित्र आत्मा दाहिये 4 5 जब उन के साथे रहे तब उन से कहे यरूशलेम से बहिरे ना जयो आउर वहीँ रुका रहो जबतक हमार पिता पवित्र आत्मा ना भेज दिये उ उनका बताईन परमेश्व अपने लोग पर राज करिह्य जेके तुही आउर तोहर बिसय मा बावात राहा. यहुना तव पानी से बप्तिस्मा दियत रहे लाकिन कुछ दिन बाद परमेश्वर तुह पवित्र आत्मा दाहिये 6 7 8 जब एक बार यीशु के साथे सब चेला इक्कठा भए तब वय सब वसे पूछइन की हे प्रभु का तू इस्राएल कय राजा बनिहय | तब वह उनका सबही का बताइन इ जरुरी नहीं बटय कि दिन आउर उ समय के बारय मा जानो आउर जब यस होये| इ खाली हमरे पिता कय कसम बाय कि कब से कब तक होए | लकिन जब तोहरे उपर पवित्र आत्मा आये तब तू बल पवबो |वहि समय तू यरूशलेम मा यहूदिया , सामरिया सब देश मा आउर पूरी दुनिया मा मनई के बारे मा बतईहै 9 इ कहनन के बादमा सोवरग में उठालिह्गा .अउर बद्लवामा ओजल होइ गवा 10 चेलन उनका अकस्वामा जाते देखन रहन की एकेदम से दू आदमी सफ़ेद कपडवामा उनके पास खड़े रहे वह तो सोवरग दूत रही 11 उनहीन में से एक ने कहिन हे ,जलील के मनई अब तुमका आसमान की ओर नाही देखें की जरूरत है यही इशु हता जो परमात्मा ने आसमान में उठा लिन हतीन वह याक दिन धरती पर जरुर आई वहितना आई जईसे सोवरग पर गवा हता 12 वहे दिनों देवतन के निकल जाने के बाद चेलवन जैतून के पहड़वन से चलकर यरूसलेम आगए क्योंकि उ पहाड़ यरू -शालेम से थोड़ही दूर हता 13 . शाहर म घुस के अपने घरमा ऊपर वाली कोठरी में चले गेहेते जहा सहताइन हतीन . उनहीं चेलवनमा याकूब ,पतरस,यहुन्ना ,अन्द्रियास, फिलिपुस , बर्तुल्मय ,मति ,अउर दूसरा वाला याकूब जो हल्फई का लड़का हता ,उनमे शीमोन और यहूदा जेहिके बाप का नाम याकूब हता , 14 ये सब चेला बराबर प्राथना करत रहा . इनके शाथ प्राथना म यहाँ इशु कि महतारी मरियम अउर वही का छोट भाई अउर वही मेहरिया हती ,जो इशुके साथ रहत हती 15 वही दिनन में यी हा पतरस अपने साथी अउर विश्वासी के बीचन म खड़ा हुआ वही जगह पर १२० मनई इशु के माने वालेन क्यार झुण्ड हता फिर पतरस कहिन , 16 मेरे भाईयो जो राजा दाउद हता यहूदा के बारे में इहा बहुत बरस पहले एहि सब्द कहे हतिन अउर उनकी यह भविष्यवाणीं तो पुर्व होवका हता क्योकि पवित्र आत्मा ने दाउद पर प्रकट कीन हतीन यही लिखा हता 17 हमरे यहूदा क ऊ मतलब एक प्रेरित रहा ,उसने यीशु क बंदी बनाव वाले क रास्तवा दखईस है I 18 ऊ मनइ अइसन गलत काम कई के पईसा केएमएटी रहा ऊ पाईसा एकठा कई के खेत खरीदीस ह अवुर खेतवा म फाटपड़ा अवुर खतम होइ गवा आउर उनका देह फाट गवा अवर आती भोड़ा बाहर आई गवा I 19 यरूशलेम जतना लोग यह बात सुनत रहे अपने भाषा मे जवन खेतवा रहा "हकालदमा " जवुने के बात यह बाय "खून क खेत "वही यहूदा मर गवा I

20 पतरस ने यह बात जानत रहा जइसन भवा ओइसन भवा जइसन कवि क़हत रहेन वइसन बाल बच्चे मरी गवा ओह मैं केहु बच नाही पाये अइसन विस्वाश रहा मानव दाऊद दुबारा लिख गवा यह बात यहूदा के बारे मे बाय ,ओकरे जगहा पर ओकर बोझ डाल दिहेन I

21 हमरी ताई जरूरी रहा यहूदा के जगहा केहु दुसरे का साथी बनाई, देया जवन यीशु मसीह हमरे बीच मे रहत रहे आउर हमरे साथे रहत रहेन । 22 हमार कहे क मतलब वहे समय पर यूहन्ना बपतिस्मा दिये वाला दुबारा यीशु के बपतिस्मा लईके वका स्वर्ग जात समय तक देखेन यहूदा के जगहा पर रहे वाला मनई अइसन रहे जवने मे से यीशु के जीवीत देखत रहा। 23 जवन प्रेरित रहत रहेन ह दुई जेएएनई का नाम बताई यूशुफबरशबा जेकै दुसर नाव यूसतूस रहा ,दुसर मनई मत्तियाह रहा।

24 ओकरे बाद विनती किहिस प्रभु यीशु यहूदा तव अब प्रेरित रहा नाही। 25 वोय गलत काम किहिन आउर जवन होए का रहा वही चला गवा ,तू जानत थ की मनई के अंदर कवुन बिचार रहा ,बिनती करी थी कि हमका बताय दिहीन येमहन से दुई मनई केका यहूदा के जगहा पर रख्या। 26 येह दुई मनई मे से एक जने के चुनाव के खातिर चिट्ठी डालिन आउर चिट्ठी मत्तियाह के नाम निकली आउर ग्यारह चेलो के साथ जोड़ा गवा।