Matthew 26

Matthew 26:1

'ईसा अब अपने शागिर्दों को बताता है कि वह कैसे तकलीफ़ उठाएगा और मरेगा। #और ऐसा हुआ अगर आपकी ज़बान में कहानी को नए दिल से शुरू'करने का रिज़क़ है तो उसे काम में लें।

#ये सब बातें :en:bible:notes:mat:24:03|24:4 25:46की बातें

#इन्सान का बेटा सलीब पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाया जायेगा। "कुछ लोग इन्सान के बेटा को ऐसे लोगों को सुपुर्द करेगें जो उसे सलीब पर चढ़ायेंगे"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

Matthew 26:3

यहूदी रहबर 'ईसा को पकड़ने और हलाक करने का साज़िश बना रहे हैं। #जमा'हुए। ख़ुफ़िया रूप से

#पहले के वक़्त सालाना फसह के पहले के वक़्त

Matthew 26:6

'ईसा की मौत से पहले एक औरत 'ईसा का मसा करती है। #खाना खाने बैठा "वह अपने सहारे पर आधा लेटा था"। आपकी ज़बान में खाना खाते वक़्त जो भी आराम दायक होता है उसका लफ़्ज़ काम में लें।

#एक ‘औरत....उसके क़रीब आई। एक औरत'ईसा के क़रीब आई

#संगमरमर के अहल में नर्म पत्थर का अहल जो महंगा होता है

#खुशबु "खुशबूदार साबन"

#इसका क्यों हलाक किया गया? "इस औरत ने खुशबू को बेकार जायाकर अच्छा नहीं किया" (देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

Matthew 26:10

अपनी मौत से पहले मसह करने वाली औरत 'ईसा कि ता'रीफ़ करती है। #'औरत को क्यों सताते हो? इख़्तियारी तर्जुमा"तुम्हें इस'औरत को परेशान करने की ज़रूरत थी" (देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#तुम्हारे...तुम....तुम्हारे शागिर्द

Matthew 26:12

'ईसा अपनी मौत से पहले मसा करने वाली 'औरत की ता'रीफ़ कर रहा है।

Matthew 26:14

शागिर्दों में से एक यहूदी रहबर के हाथ 'ईसा को पकड़वाने में मदद करने के लिए तैयार हो जाता है। #तुम्हारे हाथ पकड़वा दूँ "'ईसा को तुम्हारे हाथों में कर दूँ"या"'ईसा को क़ैदी बनाने में तुम्हारी मदद करूं"

#तीस चाँदी के सिक्के क्योंकि ये लफ़्ज़ वही है जो पुराने कानून की नबुव्वत में हैं इसलिए इसे ज्यों का त्यों रखें,आज की करेंसी में नहीं बदलें।

#उसे पकड़वाने का "'ईसा को बड़े कहिनों के हाथों पकड़वाने के लिए"

Matthew 26:17

'ईसा अपने शागिर्दों के साथ फसह का ज्याफ़त खाने की तैयारी कर रहा है। #उसने कहा, "शहर में आमुक शख़्श के पास जाकर उससे कहो, "उस्ताद कहता है कि मेरा वक़्त क़रीब है। मैं अपने शागिर्दों के साथ तेरे यहाँ'ईद मनाऊँगा"। 'ईसा अपने शागिर्दों के साथ किसी इन्सान को पैग़ाम भिजवाता है। इख़्तियारी तर्जुमा"'ईसा ने अपने शागिर्दों से कहा कि शहर में एक शख़्श है उसके पास जाकर कहें कि उस्ताद कहता है,मेरा वक़्त नजदीक आ गया है,मैं तेरे घर में अपने शागिर्दों के साथ तेरे घर में फसह मनाऊँगा" "उसने अपने शागिर्दों से कहा कि वे शहर में उस इन्सान के पास जाकर कहें कि उस्ताद कहता है कि उसका वक़्त नजदीक आ गया है और वह उसके घर में अपने शागिर्दों के साथ'ईद मनाएगा"।

#मेरा वक़्त मुमकिन मतलब, (1) "जिस वक़्त के बारे में मैंने तुमसे कहा था" (यू.डी.बी.)या(2) "ख़ुदा ने जो वक़्त मेरे लिए ठहराया है"।

#क़रीब है क़रीब है,मुमकिन मा'नी(1) "क़रीब है" (यू.डी.बी.)या(2) "आ गया है" (देखें: en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

#'ईद मनाऊँ "फसह का ज़याफ़त खाऊँ"या"फसह का'ईद मनाने के लिए ख़ास खाना खाऊँ"

Matthew 26:20

फसह का ज़याफ़त खाते वक़्त 'ईसा अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है। #खाना खाने के लिए बैठा यहाँ वही लफ़्ज़ काम में ले जो आपकी रिवायत?में खाना खाते वक़्त काम में लिया जाता है।

#क्या वह मैं हूँ "यक़ीनन ही वह मैं नहीं,ख़ुदा मैं हूँ क्या"? (देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

Matthew 26:23

फसह के खाना के वक़्त 'ईसा अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है। #वही मुझे पकड़वाएगा। "जो इन्सान के बेटे के साथ दग़ाबाज़ी करेगा"।

#तू कह चुका है "तूने कहा है,तू ही है"या"तूने अभी अभी क़ुबूल किया है"।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

Matthew 26:26

फसह के खाना के वक़्त 'ईसा अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है। #रोटी ली और बरकत माँग कर तोड़ी इसका तर्जुमा वैसा ही करें जैसा:en:bible:notes:mat:14:19|14:19में किया है।

Matthew 26:27

फसह के खाना के वक़्त 'ईसा अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है। #को लिया इसका तर्जुमा वैसा ही करें जैसा:en:bible:notes:mat:14:19|14:19में किया है।

#शागिर्दों को देकर "शागिर्दों को दी"

#'अहद का मेरा वह खून है "ख़ून जो'अहद के असर को साबित करता है"या"ख़ून जो'अहद को मुमकिन बनाता है"।

#बहाया जाता है "मौत के ज़रिए'बहाया जाता है"या"जल्द ही मेरी जिस्म से बहेगा"या"मेरे मरते वक़्त मेरे ज़ख्मो से बहेगा"

#अंगूर का यह रस "अंगूर का रस" (देखें: en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

Matthew 26:30

'ईसा जैतून पहाड़ की तरफ़ आमादा अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है। #ज़ुबूर ज़ुबूर,ख़ुदा का सिताईस नज़म है

#ठोकर खाओगे ठोकर खाओगे, "मुझे छोड़ कर भाग जाओगे"

#भेड़ें तितर बितर हो जायेंगी इख़्तियारी तर्जुमा(1) "वे झुण्ड भेड़ों को तितर बितर कर देंगे"या(2) "झुण्ड की भेड़ें चारों तरफ़ भाग जायेंगी"।

#झुण्ड की भेडें शागिर्द(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#अपने जी उठने के बा'द इख़्तियारी तर्जुमा"जब ख़ुदा मुझे ज़िन्दा करेगा तब" (देखें:en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#मैं अपने जी उठने के बा'द इख़्तियारी तर्जुमा"ख़ुदा मुझे मुर्दों में से जिलाएगा"

Matthew 26:33

'ईसा जैतून पहाड़ की तरफ़ आमादा होकर अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है। #ठोकर खाओगे ठोकर खाओगेइसका तर्जुमा:en:bible:notes:mat:26:30|26:31जैसा ही करें।

#मुर्गे की बाँग देने से पहले इख़्तियारी तर्जुमा"आफ़ताब निकलने से पहले"

#मुर्गे आफ़ताब निकलने से पहले यह परिन्दा आवाज़ करती है।

#बाँग मुर्गे की आवाज़

Matthew 26:36

'ईसा जैतून पहाड़ की तरफ़ आमादा होकर अपने शागिर्दों को ता'लीम दे रहा है। #ग़मगीन बहुत दुखी

Matthew 26:39

यह गतसमनी की बगीचा में'ईसा की दुआ का कहानी है। #मुँह के बल गिरा मुँह के बल गिरा,दुआ के लिए ज़मीन पर मुंह रखा(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

Matthew 26:42

गतसमनी की बागीचा में 'ईसा की दुआ का कहानी चल रहा है। #जाकर"'ईसा ने जाकर"

#मेरे पीए बिना "जब तक मैं तकलीफ़ का यह प्याला न पी लूँ"

#आँखें नींद से भरी थी "वे बहुत नींद में थे" (देखें: en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

Matthew 26:45

गतसमनी की बागीचा में 'ईसा की दुआ का कहानी चल रहा है। #घड़ी आ पहुँची है। "वक़्त आ गया है"

#गुनाहगारो के हाथ "गुनाहगार के हाथ" (देखें:en:ta:vol2:translate:figs_synecdoche)

#देखो "तवज़्ज़ह न दो कि मैं क्या कहने जा रहा हूँ"

Matthew 26:47

गतसमनी की बगीचा में 'ईसा की दुआ का कहानी चल रहा है। #वह यह कह ही रहा था। वह यह कह रहा था, "'ईसा अभी बातें ही कर रहा था"

#"जिसको मैं चूम लूँ वही है",उसे पकड़ लेना "उसने कहा कि जिसे वह चूमे उसी को उन्हें पकड़ना है" (देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_quotations)

#जिसको मैं चूम लूँ "वह जिसे मैं चूमूँ"या"जिस सख़्श को मैं चूमूँगा" (यू.डी.बी.)

#चूम लूँ, चूम लूँ,अपने उस्ताद का इह्तराम से मुबारक बाद करना

Matthew 26:49

गतसमनी की बगीचा में 'ईसा को पकड़ने की कहानी #ईसा के क़रीब आकर 'ईसा के क़रीब आकर, "यहूदाह'ईसा के क़रीब आया"

#उसको बहुत चूमा उसको बहुत चूमा, "चूमकर उसका मुबारक बाद किया"

#ईसा पर हाथ डाले 'ईसा की नुक़सान के लिए उसे पकड़ा(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

#उसे पकड़ लिया उसे क़ैदी बना लिया

Matthew 26:51

गतसमनी की बगीचा में 'ईसा को क़ैदी बनाने का कहानी #देखो मुसन्निफ़ कहानी में एक नए सिफ़त को ला रहा है। आपकी ज़बान में इसे इज़हार करने का इन्तिजाम होगा।

#क्या तू नहीं जानता कि मैं अपने बाप से गुजारिश कर सकता हूँ और वह फ़रिस्तो की बारह झुंड से ज़्यादा मेरे क़रीब अभी मौजूद कर देगा। क्या तू सोचता है कि मैं अपने बाप से कहूँ और वह फ़रिश्तों की बारह झुंड से ज़्यादा न भेजे?इख़्तियारी तर्जुमा"तू यह जान ले कि मैं अपने बाप से कह सकता हूँ और वह मेरे लिए फ़रिश्तों की बारह झुंड से ज़्यादा भेज देगा"।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#फ़रिस्तो की बारह झुंड से ज़्यादा <bफ़रिश्तों की बारह झुंड से ज़्यादा फ़रिश्तों की हक़ीक़त संख्या ख़ास नहीं है।(देखें: en:ta:vol2:translate:translate_numbers)

#झुंड रोमी सेना की एक ईकाई जिसमें छः हज़ार फौज़ होते थे।(देखें: en:ta:vol1:translate:translate_unknown)

Matthew 26:55

गतसमनी की बगीचा में 'ईसा को क़ैदी बनाने का कहानी #क्या तुम तलवारें और लाठियाँ लेकर मुझे डाकू की तरह पकड़ने निकले हो? इख़्तियारी तर्जुमा"तुम तो जानते हो कि मैं डाकू नहीं लिहाजा तलवारें और लाठियाँ लेकर आना गलत है"।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#लाठियाँ लोगों पर हमला करने के लिए बड़ी ठोस लकड़ी

#उसे छोड़कर भाग गए। अगर आपकी ज़बान में कोई ऐसा लफ़्ज़ है जो इज़हार करे कि जब किसी के साथ होना चाहिए तब उसका साथ छोड़ दिया तो उस लफ़्ज़ को यहाँ काम में लें।

Matthew 26:57

यहाँ सरदार काहिन के ज़रिए' 'ईसा से पूछ ताछ करने का कहानी शुरू' होता है। #सरदार काहिन के आंगन सरदार काहिन के घर के बाहर खुला जगह

Matthew 26:59

सरदार काहिन के ज़रिए' 'ईसा से पूछताछ का कहानी ही चल रहा है। #दो लोग आए। दो लोग आए, "दो लोग सामने आए" (यू.डी.बी.)या"दो गवाह मौजूद हुए"

#और कहा, "इसने कहा है कि मैं ख़ुदा के हैकल को ढा सकता हूँ और उसे तीन दिन में बना सकता हूँ"। इख़्तियारी तर्जुमा"उन्होंने गवाही दी कि उन्होंने'ईसा को कहते सुना है कि वह ख़ुदा के हैकल को ढा देने में और तीन दिन में उसका फ़िर ता'मीर करने में कादिर है"।(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_quotations|Speech Quotations)

#इसने कहा इसने कहा, "इसने, 'ईसा ने कहा"

Matthew 26:62

सरदार काहिन के ज़रिए' 'ईसा से पूछताछ का कहानी ही चल रहा है। #ये लोग तेरे ख़िलाफ़ में क्या गवाही देते हैं। ये लोग तेरे मुखालफ़त में क्या गवाही देते हैं, "ये गवाह तेरे ख़िलाफ़ कह रहे हैं"।

#अगर तू ख़ुदा का बेटा मसीह है तो हमसे कह दे अगर तू ख़ुदा का बेटा मसीह है तो हमसे कह दे, "अगर तू मसीह है तो हमारे सामने कह"।

#तू कह चुका है "जैसा तूने कहा,मैं हूँ"। या"तूने अभी अपने आप क़ुबूल किया है"।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_idiom)

#वरन मैं तुमसे यह भी कहता हूँ कि अब से तुम 'ईसा सरदार काहिन और मौजूद लोगो से कह रहा है।

#अबसे तुम इन्सान के बेटे को....देखोगे अब से तुम ख़ुदा के बेटा को...देखोगे,मुमकिन मा'नी(1)वे इन्सान के बेटा को मुस्तक़बिल में कभी देखेंगे(देखें यू.डी.बी.)या(2) "अब से" 'ईसा का मतलब है उसकी मौत,उसका ज़ीउठना और आसमान कि तरफ़ उठाए जाने का वक़्त।

#ताक़तवर की दाहिनी तरफ़ "सब से ताक़तवर ख़ुदा की दाहिनी तरफ़"

#आसमान के बादलों पर आते "आसमान के बादलों पर सवार ज़मीन पर उतरते"

Matthew 26:65

सरदार काहिन के ज़रिए' 'ईसा से पूछताछ का कहानी ही चल रहा है। #सरदार काहिन ने अपने कपड़े फाड़े कपड़े फाड़ना ग़ुस्सा और तकलीफ़ का'अलामत था।

#उन्होंने जवाब दिया "यहूदी रहनुमा ने जवाब दिया"

Matthew 26:67

सरदार काहिन के ज़रिए' 'ईसा से पूछताछ का कहानीही चल रहा है। #तब उन्होंने मुमकिन मतलब(1) "कुछ लोगों ने"या"फौजियों ने"

#उसके मुँह पर थूका अपमान करने के लिए

Matthew 26:69

पतरस के ज़रिए' 'ईसा के इन्कार का कहानी है #मैं नहीं जानता तू क्या कह रही है पतरस भली भांति समझ रहा था कि वह क्या कह रही थी,लेकिन उसने इन लफ़्ज़ो के ज़रिए' 'ईसा का इन्कार किया।

Matthew 26:71

यह पतरस के ज़रिए' 'ईसा के इन्कार का कहानी चल रहा है। #जब वह जब पतरस

#डेवढ़ी आँगन की दीवार का दरवाज़ा

Matthew 26:73

यह पतरस के ज़रिए' 'ईसा के इन्कार का कहानी चल रहा है। #उनमें से एक उनमें से एक "जो'ईसा के साथ थे उनमें से एक"

#क्योंकि तेरी बोली तेरा राज़ खोल देती है क्योंकि तेरी बोली तेरा राज़ खोल देती हैतेरी आवाज़ से हम ज़रुर कह सकते है की तू गलीली है।

#ला'नत करने लगा ला'नत करने लगा "अपने आपको मलामत करने लगा"

#क़सम खाने लगाः"मैं उस इन्सान को नहीं जानता" इख़्तियारी तर्जुमा"कि वह उस सख़्श को नहीं जानता हूँ" (देखें:en:ta:vol2:translate:figs_quotations)