Matthew 11

Matthew 11:1

यह हिस्सा युहन्ना के शागिर्दों को दिए गए 'ईसा के जवाब का कहानी है। #जब उसके बारे में आया इस लफ़्ज़ का जवाब यह दिखाने के लिए है कि यह एक कहानी कि शुरूवात है। अगर आपकी ज़बान में किसी कहानी को शुरू'करने का इंतज़ाम है तो उसका इस्ते'माल करें। इसका तर्जुमा हो सकता है, "तब"या"इसके बा'द"

#हुक्म इस लफ़्ज़ का तर्जुमा"ता'लीम"या"हुक्म"भी हो सकता है।

#बारह शागिर्दों को 'ईसा के बारह मुन्तखब शागिर्द।

#अब "उस वक़्त"इसको छोड़ा जा सकता है।(देखें यू.डी.बी.)

#यूहन्ना ने क़ैदखाने में....सुना। इख़्तियारी तर्जुमा"युहन्ना जो क़ैदखाना में था,उसने सुना कि"या"किसी ने युहन्ना को क़ैदखाने में इसके बारे में बताया"।

#उसने अपने शागिर्द को उससे यह पूछने भेजा। युहन्ना ने अपने शागिर्दों को पैग़ाम के साथ'ईसा के पास भेजा।

#उससे यह पूछने भेजा। उससे"इसमें ज़मीर ईसा के लिए काम में लिया गया है

#क्या आनेवाला तू ही है?तर्जुमा कैसे भी करें, "आनेवाला"या"जिसकी हम इंतज़ार कर रहे हैं"यह मसीह(ईसा यू.डी.बी.)के लिए तवाज़े'ही है।

#बाट जोहें "उम्मीद करें"यहाँ जमीर"हम"सिर्फ़ युहन्ना और उसके शागिर्दों के लिए नहीं है लेकिन सब यहूदियों के लिए है।

Matthew 11:4

इसके साथ ही युहन्ना के शागिर्दों को दिया गया 'ईसा का जवाब ख़त्म होता है। #यूहन्ना से कह दो। "युहन्ना को सुना दो"।

Matthew 11:7

'ईसा भीड़' से युहन्ना बपतिस्मा देने वाले के बारे में गुफ़्तगू करता है। #तुम जंगल में क्या देखने गए थे? 'ईसा इस जुमलों को तीन सवालो में ज़ाहिर करता है कि लोग सोचें कि युहन्ना कैसा इन्सान था। इसका तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "क्या तुम देखने गए थे कि...?हरगिज नहीं"। या"यक़ीनन ही तुम...देखने नहीं गए थे"।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#क्या हवा में हिलते हुए सरकण्डे को? इसका मतलब हो सकता है(1)यरदन नदी के किनारे पर उगने वाले पौधे(देखें यू.डी.बी.)या(2)इन्सान के लिए एक मिसाल, "एक इन्सान जो सरकण्डे के तरह हवा में हिलता था"।(देखें:en:ta:vol1:translate:figs_simile)इस तशबीह के दो मुमकिन मतलब हैं,ऐसा इन्सान(1)हवा के ज़रिए'आसानी से हिलाया जा सकता है,आसानी से ख्याल बदलने वाला इन्सान,या(2)हवा चलने पर बहुत आवाज करता है,अहमियत की बात तो कम पर बेमतलब की बातें ज़्यादा करने वाला, (देखें: [[en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#सरकण्डा एक लम्बी घास

#नर्म कपड़े पहनते "मंहगे कपड़े पहने हुए"दौलतमन्द लोग ऐसे कपड़े पहनते थे।

#हक़ीक़त में इस लफ़्ज़ का तर्जुमा अक्सर"देखो"किया जाता है कि आने वाली बात पर ज़ोर दिया जाए। इख़्तियारी तर्जुमा होगा, "यक़ीनन ही"

Matthew 11:9

'ईसा युहन्ना भीड़' से बपतिस्मा देने वाले ही की गुफ़्तगू करता है। #क्या देखने गए थे? यहाँ भी युहन्ना बपतिस्मा देने वाले से मुत'अल्लिक़ सवालों का तरतीब चल रहा है।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion)

#क्या किसी को देखने को? यहाँ इसमें जमीर जमा'में है और भीड़'के लिए है।

#नबी से भी बड़े को। "एक'आम नबी को नहीं",या"एक'आम नबी से भी ज़्यादा ख़ास इन्सान को"

#यह वही है। "यह"या'नी युहन्ना बपतिस्मा देने वाला।

#जिसके बारे में लिखा है। यहाँ"जिसके"वह हवाला अगले जुमले में"अपने फरिस्ते"से कि है।

#देख मैं अपने फरिस्तो को तेरे आगे भेजता हूँ जो तेरे आगे तेरा रास्ता तैयार करेगा। 'ईसा नबी मलाकी का मिसाल देते हुए कह रहा है युहन्ना वही फरिस्ता है जिसकी गुफ़्तगू मलाकी की किताब में की गई है:en:bible:notes:mal:03:01|3:1।

#मैं अपने फरिस्तो को तेरे आगे भेजता हूँ। यहाँ इसमें ज़मीर"मैं"ख़ुदा के लिए काम में लिया गया है। पुराने अहद नामा की नबुव्वत का मुसन्निफ़\ख़ुदा के लफ़्ज़ो को जैसा है वैसा ज़ाहिर करता है।

#तेरे आगे "तेरे सामने"या"तुम से आगे चलने के लिए"यहाँ"तेरे"एक कलाम में है क्योंकि ख़ुदा मसीह से बातें कर रहा है।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_you)

Matthew 11:11

'ईसा युहन्ना भीड़' से बपतिस्मा देने वाले ही की गुफ़्तगू करता है। #जो'औरतों से पैदा हैं। "जितनों को'औरतों ने पैदा किया है,"उनमें या"जितने इन्सान अब तक रहे हैं उनमें" (देखें यू.डी.बी.)

#उनमें से यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से कोई बड़ा नहीं हुआ। इख़्तियारी तर्जुमा"युहन्ना सबसे बड़ा है"।

#आसमान कि बादशाही में। जिस बादशाही की ख़ुदा कायम करेगा उसके एक हिस्सा में इख़्तियारी तर्जुमा होगा, "जो आसमान कि बादशाही में दाख़िल करेंगे"

#वह उससे बड़ा है। "वह युहन्ना से भी ज़्यादा ख़ास हैं।"

#यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले के दिनों से अब तक। "जब से युहन्ना ने ऐलान करना शुरू'किया है"

#आसमान कि बादशाही में ताक़त से दाख़िल होता रहा है। इसका मुमकिन मतलब हैं(1)मुखाल्फिन वहाँ बेरोक टोक बर्ताव करते हैं(देखें यू.डी.बी.)या(2)इन्सान आसमान के बादशाही की कौम को सताते है,या(3)आसमान के बादशाही ज़ोर के साथ बढ़ रहा है और ताक़तवर लोग उसमें दाख़िल करना चाहते हैं।

Matthew 11:13

'ईसा युहन्ना भीड़' से बपतिस्मा देने वाले ही की गुफ़्तगू करता है। #शरी'अत शरी'अतमूसा की शरी'अत

#यूहन्ना युहन्ना,युहन्ना बपतिस्मा देनेवाला।

#चाहो तो यह भीड़'के बारे में है।

#एलिय्याह यही है। "यही"या'नी युहन्ना बपतिस्मा देनेवाला,यह जुमला अलामती मिसाल है कि युहन्ना बपतिस्मा देने वाला पुराने अहद नामें में की गई एलिय्याह की नबुव्वत की तकमील है लेकिन वह यह नहीं कहता कि युहन्ना बपतिस्मा देने वाला ही एलिय्याह है।(देखें: [[en:ta:vol2:translate:figs_ metonymy /'अलामती इस्ते'माल)

#जिसके सुनने के कान हो वह सुन ले। कुछ ज़बानों में दुसरे मर्द काम में लेना ज़्यादा अच्छा होगा।"सुनने के लिए तुम्हारे पास काम हों तो सुन लो"।(देखें[[en:ta:vol2:translate:figs_123person /पहला,दूसरा,दीगर मर्द।)

#जिसके सुनने के कान हों "जो सुन सकता है“ या"जो भी मेरी बात सुनता है"

#वह सुन ले "वह तवज़्ज़ह से सुन ले"या"वह मेरी बात पर तवज़्ज़ह दे"।

Matthew 11:16

'ईसा युहन्ना भीड़' से बपतिस्मा देने वाले ही की गुफ़्तगू करता है। #तशबीह किससे दूँ? यह सवाल का शुरू'है।'ईसा इससे अपने ज़माने के इन्सानों की मुक़ाबले करना शुरू'करता है और बाजार में बैठे हुए बच्चों से करता है। वह सवाल पूछ कर शुरू'करता है(देखेंen:ta:vol1:translate:figs_rquestion|Rhetorical Question)

#वे उन बच्चों कि तरह हैं जो बाज़ारों में बैठे हुए एक दूसरे से पुकार कर कहते हैं। इस तशबीह का मतलब हो सकता है(1) 'ईसा ने बाँसुली बजाई और युहन्ना ने ”मातम किया“ लेकिन ”इस नस्ल न तो नाची और न नौहा किया,हुक्म मानने की तनक़ीद की कि वे शरी'अत का पालन नहीं करते। शरी'अत में जोड़े गए उनके अपने कानून(देखें:en:ta:vol1:translate:figs_simile,en:ta:vol1:translate:figs_metaphor)

#इस वक़्त के लोगों "आज जो लोग हैं",या"ये लोग",या"इस नस्ल के तुम लोग" (देखें यू.डी.बी.)

#बाजार यह एक खुला मैदान होता या जहाँ ताजिर अपना सामान बेचने आते थे।

#हमने तुम्हारे लिए बाँसुरी बजाई। "हमने"या'नी बाजार में बैठे बच्चे"तुम्हारे"या'नी वह नस्ल या वह भीड़'जो गीत सुनकर रद्दे'अमल नहीं दिखाता है।

#बाँसुरी यह एक लम्बा खोखला बजने वाला सामान\है जिसे एक सिरे से फूंक कर बजाया जाता था।

#पर तुम न नाचे "लेकिन तुम गीत के मुताबिक़ नहीं नाचे"

#तुमने छाती नहीं पीटी। "तुम हमारे साथ रोए नहीं"

Matthew 11:18

'ईसा भीड़' से युहन्ना की गुफ़्तगू ख़त्म करता है। #न खाता आया "खाना नहीं खाता था", "अक्सर रोज़ा रखता था"या'आम तौर अच्छा खाना नहीं खाता था(यू.डी.बी.)इसका मतलब यह नहीं कि युहन्ना खाना ही नहीं खता था।

#वे कहते हैं"उसमें बद रूह है।" 'ईसा युहन्ना के बारे में लोगों की बातों का मिसाल दे रहा है इसका तर्जुमा तिरछी जुमला में किया जा सकता है, "वे कहते हैं कि उसमें बदरुह है"या"वे उस पर बदरुह होने का इल्ज़ाम लगाते हैं।" (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_quotations|Speech Quotations)

#उन्होंने "वे"या'नी वह नस्ल(आयत16)

#इन्सान का बेटा क्योंकि'ईसा उन लोगों से उम्मीद करता था कि वे उसे पहचान लें कि वह इन्सान का बेटा है,लिहाजा इसका तर्जुमा किया जा सकता है, "मैं,इन्सान का बेटा"।

#वे कहते हैं देखो पेटू....इन्सान। 'ईसा लोगों की बातों का मिशाल दे रहा है कि वे उसके या'नी इन्सान के बेटा के बारे में क्या कहते हैं। इसका तर्जुमा तिरछी जुमला में किया जा सकता है, "वे कहते हैं कि वह पेटू इन्सान है",या"वे उस पर खाते रहने का इल्ज़ाम लगाते हैं।"अगर आप"इन्सान का बेटा"का तर्जुमा"मैं,इन्सान का बेटा"करते हैं तो तिरछी मिशाल को तर्जुमा इस तरह किया जा सकता है, "वे कहते हैं कि मैं खाऊ इन्सान हूँ"।

#वह पेटू इन्सान है "वह खाने का लालची है"या"वह खसलत से ही बहुत खाता है"।

#शराबी "शराबी"या"बहुत शराब पीने वाला"

#पर'अक़लमंद अपने कामों से सच्चा ठहराया जाता है। यह मुमकिन है एक अम्साल है जिसे'ईसा इस हालात में मूत'अल्लिक़ बना रहा है क्योंकि जिन इन्सानों ने'ईसा को और युहन्ना को क़ुबूल नहीं किया वे अक़लमंद नहीं हैं। इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमला में किया जा सकता है जैसा यू.डी.बी.में है।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#'अक़लमंद अपने कामों से सच्चा ठहराया जाता है। अक़लमंद को इंसानी सक्ल देने की इस ज़ाहिर का मक़सद यह नहीं कि अक़लमंद ख़ुदा के सामने मुनासिब ठहरे लिकिन इस मक़सद में कि वह सच्चा ठहराया जाता है।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_personification|Personification))

#अपने कामों से "अपने"जमीर लफ़्ज़ के इन्सानियत के बारे में है।

Matthew 11:20

'ईसा उन शहरों की तनक़ीद करना शुरू' करता है जहाँ उसने पहले मो'जिज़े किए थे। #शहरों को उलाहना देने लगा। 'ईसा'अलामाते इस्ते'माल के ज़रिए'उन शहरों के रहने वालो को गलत काम के बारे में ठहराते हैं।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

#शहर शहरी'एलाक़ा

#जिनमें उसने बहुत से क़ुदरती काम किए। इसका तर्जुमा मुनतख़ब काम के ज़रिए'किया जा सकता है।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#क़ुदरत के काम। इसका तर्जुमा किया जा सकता है, "मो'जिज़े"या"ताक़त ज़ाहिर के काम"या"मो'जिज़े" (यू.डी.बी.)

#क्योंकि उन्होंने अपना तोबा नहीं किया। "उन्होंने"उन लोगों के बारे में है जिन्होंने उन शहरों में तोबा नहीं किया था।

#हाय,खुराजीन!हाय,बैतसैदा! 'ईसा इस तरह बोल रहा है कि जैसे खुराजीन और बैतसैदा के रहने वाले सुन रहे हों लेकिन वे वहाँ नहीं हैं।(देखें: [[en:ta:vol2:translate:figs_उनका ख़िताब)

#खुराजीन....बैतसैदा...सूर और सैदा इन शहरों के नामों का'अलामत इस्ते'माल किया गया है जो हक़ीक़त में उनके रहने वालो के बारे में है।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_metonymy)

#जो क़ुदरत के काम तुम में किए गए,अगर वे सूर और सैदा में किए जाते। इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमलो में किया जा सकता है, "अगर मैं सूर और सैदा में मो'जिज़े दिखाता" (देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive)

#हाय। यहाँ वाहिद काम में लिया गया है।

#वे कब के तोबा कर लेते। "वे"इस्मे जमीर सूर और सैदा के लोगों के बारे में है।

#तोबा कर लेते "वे गुनाहों का दुःख ज़ाहिर करते“

#अदालत के दिन तेरी हालत से सदोम की हालत सहने लायक़ होगी। "इन्साफ़ के दिन ख़ुदा तुम्हारी उम्मीद सूर और सैदा पर ज़्यादा रहम दिखाएगा"या"ख़ुदा,इन्साफ़ के दिन तुम्हें सूर और सैदा के रहने वालो से ज़्यादा सज़ा देगा" (देखें यू.डी.बी.)यहाँ जुडी हुई'इल्म है, "क्योंकि तुमने दिल फिराकर मुझमें ईमान नहीं किया है जबकि तुमने तो मेरे मोजज़ों को देखा है"।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_explicit) )

#तेरी....हालत से तेरी"इस्मे जमीर एक कलाम में है और खुराजीन या बैतसैदा के लिए काम में लिया गया है

Matthew 11:23

'ईसा उन शहरों के मुखालफ़त में ही कह रहा है जिसमें उसने पहले मोजिज़े दिखाए थे। #हे कफरनहूम अब'ईसा कफ़रनहूम के रहने वालो को ख़िताब कर रहा है जैसे कि मानों वे सुन रहे हैं लेकिन वे सुन नहीं रहे हैं।(देखेंen:ta:vol2:translate:figs_apostrophe|Apostrophe/) "तू"इस्मे जमीर यहाँ वाहिद में है और इन दोनों आयतों में हर जगह कफ़रनहूम का'इल्म कराता है।

#कफरनहूम....सदोम इन शहरों कें नाम'अलामती इस्ते'माल हैं जिसका मतलब है वहाँ के रहने वाले(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_metonymy|Metonymy/अलामती इस्ते'माल)

#क्या तू आसमान तक ऊंचा किया जायेगा? इस सवाल के ज़रिए' 'ईसा कफ़रनहूम के रहने वालो को उनके फ़ख़्र के लिए झिड़कता है।(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_rquestion|Rhetorical Question)इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमले में किया जा सकता है, "क्या तू आसमान तक जायेगा"?या"क्या तू सोचता है कि ख़ुदा तुझे ‘इज़्ज़त देगा"?

#ऊँचा किया जायेगा। ऊँचा किया जायेगा "नवाज़ा किया जायेगा" (देखें: [[en:ta:vol1:translate:figs_idiom //मुहावरे)

#तू तो'आलम ए बरज़ख तक नीचे जायेगा। इसका तर्जुमा मुन्तख़ब जुमले में किया जा सकता है, "ख़ुदा तुझे'आलम ए बरज़ख में गिराएगा"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#जो क़ुदरत के काम तुझमें किए गए हैं,अगर सदोम में किए जाते जो क़ुदरत के काम तुझ में किए गए हैं,अगर सदोम में किए जाते इसका तर्जुमा मुन्तख़ब में किया जा सकता है, "अगर मैं उन ताक़तवर कामों को करता जो मैंने तुझ में किए हैं"।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_activepassive|Active or Passive)

#क़ुदरत के काम। ताक़त के काम, "बड़े बड़े काम", "ताक़त ज़ाहिर के काम"या"मो'जिज़े"।(यू.डी.बी.)

#तो वह आज तक बना रहता। "वह"इस्में जमीर सदोम का'इल्म कराता है।

#अदालत के दिन तेरी हालत से सदोम की हालत ज़्यादा सहने लायक होगी। इसका तर्जुमा हो सकता है, "इन्साफ़ के दिन ख़ुदा तेरी बदले सदोम को ज़्यादा रहम दिखाएगा"या"इन्साफ़ के दिन ख़ुदा तुझे सदोम के रहने वालो से ज़्यादा सज़ा देगा" (देखें यू.डी.बी.)यहाँ सलंग्न'इल्म है, "क्योंकि तूने तोबा करके मुझ पर ईमान नहीं किया है जबकि तूने मेरे मो'जिज़े देखे हैं"।(देखें[[en:ta:vol1:translate:figs_explicit /ज़ाहिर और छुपी हुई'इल्म)

Matthew 11:25

भीड़' के बीच रहते हुए 'ईसा आसमानी बाप से मिन्नत करता है। #ईसा ने कहा। इसका मतलब हो सकता है, (1) 10:05/10:5में'ईसा ने जिन शागिर्दों को भेजा था वे लौट आए(देखें12:01/12:1)और'ईसा उनमें से किसी की बात पर फ़िर काम दिखा रहा है या(2) 'ईसा उन तोबा करने वाले शहरों के इल्ज़ाम का तकमील कर रहा हैः उसी वक़्त'ईसा ने कहा।

#हे बाप हे बाप,यह बाप ख़ुदा है न कि उसका दुनियावी बाप।

#आसमान और ज़मीन के बेटे इसका तर्जुमा ‘अलामती इस्ते'माल जैसे किया जा सकता है, "आसमान और ज़मीन की सब चीजों के मालिक"या जैसे"दुनिया के मालिक", (देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_metonymy :en:ta:vol2:translate:figs_merism)

#तूने इन बातों को अक़लमंदो और समझदारों से पोशीदा रखा,और बच्चों पर ज़ाहिर किया है। "इन बातों"से'ईसा का मतलब क्या था वाज़ेह नहीं है। अगर आपकी ज़बान में इसका मतलब वाज़ेह करने की ज़रूरत पड़े तो इख़्तियारी तर्जुमा बेहतर होगा, "तूने अंजान पर उस सच्चाई का मुकासफ़ा किया है जो तूने'अक़लमंद और समझदारों को सीखने नहीं दिया"।

#पोशीदा रखा यह काम"ज़ाहिर"का ख़ास लफ़्ज़ है।

#'अक़लमंद एवं समझदार "जो इन्सान'’इल्म वाला और समझदार हैं"इसका इख़्तियारी तर्जुमा है, "अपने आपको'’अक़लमंद और समझदार मानने वाले"।(देखें यू.डी.बी., :en:ta:vol1:translate:figs_irony)

#ज़ाहिर किया "उन बातों को ज़ाहिर किया।"

#वे जो बच्चों कि तरह नासमझ हैं। मुकम्मल जुमला में एक लफ़्ज़ का तर्जुमा किया गया है जिसका मतलब है, "छोटे बच्चे", "मा'सुम या"नासमझ",इसका इख़्तियारी तर्जुमा है, "मा'सुम छोटे बच्चे"।

#बच्चे(मा'सुम बच्चे जैसा) बच्चा,यह उन लोगों के लिए तशबीह का इस्ते'माल है जो अपने आप को'अक़लमंद और ज़्यादा ता'लीम नहीं समझते हैं।(देखें: :en:ta:vol1:translate:figs_simile))

#तुझे यही अच्छा लगा। "क्योंकि तूने देखा कि ऐसा करना अच्छा है"।

#मेरे बाप ने मुझे सब कुछ सौंपा है। इसका तर्जुमा मुन्तख़ब काम से किया जा सकता है, "मेरे बाप ने सब कुछ मुझे सौंप दिया है"या"मेरे बाप ने सब कुछ मेरे हाथों में कर दिया है"।(देखें: :en:ta:vol2:translate:figs_activepassive) )

#कोई बेटे को नहीं जानता सिर्फ़ बाप। "सिर्फ़ बाप ही बेटा को जानता है"।

#बेटे को जानता है। जाती तजुर्बा से जानता है।

#बेटा 'ईसा अपने आप के दुसरे मर्द के सक़ल में ज़ाहिर कर रहा है।(देखें: en:ta:vol2:translate:figs_123person)

#कोई बाप को नहीं जानता सिर्फ़ बेटा सिर्फ़ बेटा ही बाप को जानता है।

#बाप को...जानता है। "जाती"तजुर्बा से जानता है।

#और वह जिसे बेटा उस पर ज़ाहिर करना चाहे। इख़्तियारी'तर्जुमा"इन्सान बाप को तब ही जान सकता है जब सिर्फ़ बेटा बाप को उस पर ज़ाहिर करना चाहे"।

#जिस पर बेटा उसे ज़ाहिर करना चाहे। "उसे"बाप ख़ुदा के लिए काम में लिया गया इस्मे ज़मीर है।

Matthew 11:28

'ईसा भीड़' में बातें करना ख़त्म करता है। #हे सब मेहनत करने वालो और बोझ से दबे हुए लोगो। यह मिसाल यहूदियों की शरी'अत में जूए कि मिसाल देता है(देखें: en:ta:vol1:translate:figs_metaphor|Metaphor)

#मैं तुम्हें आराम दूँगा। "मैं तुम्हें तुम्हारे मेहनत और बोझ से आराम करने दूँगा"।

#"मेरा जुआ"अपने ऊपर उठा लो। इस आयत में इस्मे ज़मीर"अपने", "सब मेहनत करनेवालों और बोझ से दबे हुए लोगों"का'इल्म कराता है। इस मिसाल का मतलब है, "जो काम मैं तुम्हें दूं उसे क़ुबूल कर लो", (देखें यू.डी.बी.)या"मेरे साथ काम करो"।

#मेरा बोझ आसान है। यहाँ"आसन"लफ़्ज़ सख़्त का मुत्जाद लफ़्ज़ है।